बाजार

Tata Steel का भारत का कारोबार चमक रहा! 4 ब्रोकरेज ने दिए ₹240 तक के टारगेट

घरेलू बिक्री और उत्पादन बढ़त के दम पर टाटा स्टील में अगले महीनों में मुनाफे की संभावना

Published by
देवव्रत वाजपेयी   
Last Updated- February 09, 2026 | 1:57 PM IST

टाटा स्टील के दिसंबर तिमाही (Q3FY26) के नतीजे बाजार के अनुमान के मुताबिक रहे हैं। मजबूत घरेलू बिक्री और बढ़े हुए उत्पादन ने कंपनी के प्रदर्शन को सहारा दिया, हालांकि स्टील की कीमतें कमजोर रहने से मुनाफे पर कुछ दबाव दिखा। इसके बावजूद ज्यादातर ब्रोकरेज हाउसेज ने शेयर पर भरोसा बनाए रखा है और आने वाले समय में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई है।

घरेलू कारोबार ने दिखाई मजबूती

मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा स्टील का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 3QFY26 में 356 अरब रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 9% और तिमाही आधार पर 3% बढ़ा। यह बढ़त घरेलू डिलीवरी में तेजी की वजह से आई। इस दौरान स्टील उत्पादन 6.1 मिलियन टन रहा, जो जमशेदपुर और कलिंगनगर प्लांट्स में ज्यादा आउटपुट के कारण संभव हुआ।

कंपनी की डिलीवरी 6.04 मिलियन टन रही, जो पिछले साल के मुकाबले 14% ज्यादा है। हालांकि, औसत बिक्री कीमत (ASP) 58,905 रुपये प्रति टन रही, जो सालाना और तिमाही दोनों आधार पर घटी, क्योंकि घरेलू स्टील कीमतों पर दबाव बना रहा।

कंपनी का EBITDA 77.3 अरब रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 3% बढ़ा, लेकिन तिमाही आधार पर 5% घट गया। प्रति टन EBITDA करीब 12,800 रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा (APAT) 41.7 अरब रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 4% बढ़ा, लेकिन पिछली तिमाही से 7% कम रहा।

यूरोप में चुनौती, लेकिन सुधार की उम्मीद

ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूरोप में टाटा स्टील का प्रदर्शन अभी भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। नीदरलैंड्स ऑपरेशन में मुनाफा तिमाही आधार पर घटा है, जबकि यूके ऑपरेशन में घाटा बना हुआ है। हालांकि, लागत में कटौती और क्षमता बढ़ने से आने वाली तिमाहियों में यूरोप के कारोबार में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

सेंट्रम ब्रोकिंग का कहना है कि यूरोप में लागत नियंत्रण और भारत में बेहतर कीमतों से मार्जिन में सुधार देखने को मिल सकता है। साथ ही, कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) से नीदरलैंड्स ऑपरेशन को फायदा मिलने की संभावना है।

आगे का आउटलुक मजबूत

एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग के मुताबिक, प्रबंधन को चौथी तिमाही में करीब 0.9 मिलियन टन ज्यादा वॉल्यूम की उम्मीद है और घरेलू स्टील कीमतों में करीब 2,300 रुपये प्रति टन तक सुधार संभव है। हालांकि, कोकिंग कोल की लागत बढ़ने से मुनाफे पर कुछ असर पड़ सकता है।

नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का मानना है कि भारत का कारोबार मजबूत बना रहेगा, जबकि यूरोप में बड़ा टर्नअराउंड FY27 में देखने को मिल सकता है। हालांकि, मौजूदा कीमतों पर नुवामा ने शेयर पर ‘होल्ड’ की रेटिंग दी है और 189 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है।

ब्रोकरेज रेटिंग और टारगेट प्राइस

  • मोतीलाल ओसवाल ने टाटा स्टील पर BUY रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस 240 रुपये तय किया है।
  • एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने शेयर पर BUY रेटिंग के साथ 217 रुपये का टारगेट दिया है।
  • सेंट्रम ब्रोकिंग ने भी शेयर को BUY में अपग्रेड करते हुए 218 रुपये का टारगेट रखा है।
  • वहीं नुवामा ने सतर्क रुख अपनाते हुए शेयर पर HOLD की सलाह दी है।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।

First Published : February 9, 2026 | 1:57 PM IST