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AI की दौड़ में तेजी से आगे बढ़ेगी TCS: चंद्रशेखरन बोले– मौका बड़ा, आत्ममंथन के साथ नई तैयारी जरूरी

कृतिवासन ने यह भी दोहराया कि कंपनी के पास विभिन्न उद्योगों में 5,000 से ज्यादा एआई से जुड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं

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शिवानी शिंदे   
Last Updated- February 09, 2026 | 6:20 PM IST

टाटा संस (Tata Sons) के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन (N Chandrasekaran) ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाने की रफ्तार आने वाले समय में और तेज होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बदलते माहौल का फायदा उठाने और ठोस असर पैदा करने के लिए टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) को पूरी तरह तैयार रहना चाहिए। चंद्रशेखरन ने ये बातें टीसीएस के आंतरिक वैश्विक नेतृत्व और रणनीति सम्मेलन ‘ब्लिट्ज’ (Blitz) में कहीं, जहां उन्होंने कंपनी के करीब 700 वरिष्ठ कर्मचारियों को संबोधित किया।

वित्तीय नतीजों बहुत अच्छे नहीं

कंपनी के ताजा वित्तीय नतीजों की प्रस्तुति के बाद कर्मचारियों को संबोधित करते हुए चंद्रशेखरन ने कहा कि नतीजे “बहुत अच्छे नहीं” रहे और बिना डिफेसिव रुख अपनाए ईमानदारी से आत्ममंथन करने की जरूरत है। मामले से जुड़े लोगों के अनुसार उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में कमी आमतौर पर बाजार की परिस्थितियों, ग्राहकों से जुड़ी चुनौतियों और कंपनी के अंदरूनी कामकाज की कमियों के मेल से होती है।

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आत्ममंथन की जरूरत

उन्होंने कहा, “जिस साल आप अच्छे नतीजे नहीं दे पाते, उस समय आत्ममंथन करना जरूरी होता है। कुछ कारण बाजार से जुड़े होते हैं, कुछ का असर ग्राहकों पर ज्यादा पड़ता है और कुछ हमारी अपनी कमियों की वजह से होते हैं। आमतौर पर यह सबका मिला-जुला असर होता है।” उन्होंने आगे कहा कि टीमों को सबसे बेहतर तरीके से पता होता है कि कामकाज में कहां और मजबूती लाई जा सकती थी।

फिर से सही राह पर लौटना मुश्किल नहीं

दृढ़ता की जरूरत पर जोर देते हुए उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि वे अपनी ऊर्जा और आत्मविश्वास न खोएं, क्योंकि कंपनी पहले भी कई बार मुश्किल दौर से उबर चुकी है। उन्होंने कहा, “फिर से सही राह पर लौटना मुश्किल नहीं है। हमें पता है कि हम ऐसा कर सकते हैं और हम यह कई बार कर चुके हैं।”

TCS के लिए AI बड़ा अवसर

उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को टीसीएस के लिए एक बड़ा अवसर बताते हुए कर्मचारियों से कहा कि वे अपने रोजमर्रा के काम में AI को शामिल करें और ग्राहकों के लिए ठोस नतीजे देने पर ध्यान दें, जैसे बेहतर अनुभव, तेज डिलीवरी और ज्यादा फुर्ती।

उन्होंने कहा, “टीसीएस के लिए यह अवसर बहुत बड़ा है। इसका पूरा फायदा उठाइए और एक शानदार साल की दिशा में काम कीजिए। लेकिन इसके लिए जो जरूरी हो, वह कीजिए।”

इस बार ‘ब्लिट्ज’ सम्मेलन की एक खास बात युवा कर्मचारियों की मौजूदगी रही। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “शायद यह पहली बार है जब ब्लिट्ज में 26 साल के युवा कोडर्स ने प्रेजेंटेशन दिया।”

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तकनीकी बदलाव से खुलते है विकास के रास्ते

टीसीएस के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर के. कृतिवासन ने माना कि पहली बार टीसीएस ने अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में कमजोर प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा, “हर तकनीकी बदलाव ने विकास का रास्ता खोला है; यह तकनीकी बदलाव हमें अगले स्तर पर ले जाएगा।” कृतिवासन ने यह भी दोहराया कि कंपनी के पास विभिन्न उद्योगों में 5,000 से ज्यादा एआई से जुड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं।

AI के अनुरुप खुद को ढाल रही TCS

टीसीएस बदलते एआई परिदृश्य के अनुरूप खुद को ढालने के लिए रणनीतिक बदलाव कर रही है। इसकी शुरुआत आरती सुब्रमणियन (Aarthi Subramanian) को चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर और मंगेश साठे (Mangesh Sathe) को चीफ स्ट्रैटेजी ऑफिसर के रूप में नियुक्त करने से हुई। कंपनी ने हाल ही में ‘हाइपरवॉल्ट’ नाम की एक सहायक कंपनी बनाकर डेटा सेंटर कारोबार में कदम रखने की भी घोषणा की है। टीसीएस ने 700 मिलियन डॉलर के सौदे में कोस्टल क्लाउड के अधिग्रहण की भी घोषणा की है।

First Published : February 9, 2026 | 6:20 PM IST