म्युचुअल फंड

Mirae Asset ने उतारा Nifty Metal ETF FoF, ₹5,000 से मेटल और माइनिंग सेक्टर में निवेश का मौका

इस स्कीम का न्यू फंड ऑफर (NFO) 10 फरवरी 2026 से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 23 फरवरी 2026 को बंद होगा

Published by
अंशु   
Last Updated- February 09, 2026 | 3:40 PM IST

NFO Alert: मिरे असेट इनवेस्टमेंट मैनेजर्स (इंडिया) ने मिरे असेट निफ्टी मेटल ईटीएफ एफओएफ (Mirae Asset Nifty Metal ETF FoF) लॉन्च करने की घोषणा की है। यह एक ओपन-एंडेड फंड ऑफ फंड्स स्कीम है, जो मिरे असेट के ही निफ्टी मेटल ईटीएफ (Mirae Asset Nifty Metal ETF) में निवेश करेगी। इस स्कीम का न्यू फंड ऑफर (NFO) 10 फरवरी 2026 से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 23 फरवरी 2026 को बंद होगा। यह स्कीम 27 फरवरी 2026 फिर से ब्रिकी और खरीदारी के लिए खुलेगी।

Mirae Asset Nifty Metal ETF FoF की डिटेल

फंड का नाम – मिरे असेट निफ्टी मेटल ईटीएफ फंड ऑफ फंड्स

फंड टाइप – ओपन-एंडेड फंड ऑफ फंड्स स्कीम

NFO ओपन डेट – 10 फरवरी, 2026

NFO क्लोजिंग डेट – 23 फरवरी, 2026

मिनिमम निवेश – ₹5,000 और उसके बाद ₹1 के मल्टीपल में

एग्जिट लोड – 15 दिनों के भीतर रिडीम करने पर 0.05% फीस

बेंचमार्क – NIFTY Metal TRI

रिस्क लेवल – बहुत ज्यादा जोखिम (Very High)

फंड मैनेजर – एकता गाला और अक्षय उदेशी

Also Read: DSP MF का नया Multi Asset Omni FoF लॉन्च, ₹100 से इक्विटी-डेट-गोल्ड में डायनैमिक निवेश का मौका

फंड कहां करेगा निवेश?

चूंकि आधारभूत फंड यानी मिरे असेट निफ्टी मेटल ईटीएफ, निफ्टी मेटल इंडेक्स के पोर्टफोलियो और प्रदर्शन को ट्रैक करता है, इसलिए इस फंड का मकसद भारत के मेटल्स और माइनिंग सेक्टर की कंपनियों में निवेश के जरिए एक्सपोजर प्रदान करना है।

निफ्टी मेटल इंडेक्स उन कंपनियों को दिखाता है जो भारत के मेटल और माइनिंग बिजनेस से जुड़ी हैं। इसमें स्टील, एल्युमिनियम, तांबा और जस्ता जैसी धातुएं बनाने वाली कंपनियां और खनन का काम करने वाली कंपनियां शामिल होती हैं। इस इंडेक्स में कंपनियों का चयन उनके बाजार मूल्य के आधार पर किया जाता है। साथ ही यह भी तय किया गया है कि किसी एक कंपनी का हिस्सा बहुत ज्यादा न हो, ताकि इंडेक्स संतुलित बना रहे।

मेटल सेक्टर का कैसा है हाल?

2026 की शुरुआत में मेटल सेक्टर वैश्विक और घरेलू स्तर पर बदलती परिस्थितियों का सामना कर रहा है। दुनिया भर के धातु बाजार बड़े उत्पादक देशों की नीतियों, व्यापार से जुड़े फैसलों और कुछ धातुओं की सीमित सप्लाई से प्रभावित हैं। भारत में धातुओं की मांग का सीधा संबंध इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च, औद्योगिक गतिविधियों और ऊर्जा परिवर्तन से जुड़े निवेश से है। हालांकि यह सेक्टर कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव और कच्चे माल की लागत में बदलाव से भी प्रभावित होता है।

Also Read: SIF में 360 ONE MF की एंट्री, DynaSIF Equity Long-Short Fund लॉन्च; किसके लिए सही निवेश?

मिरे असेट इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स (इंडिया) के ईटीएफ प्रोडक्ट के हेड और फंड मैनेजर सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने कहा कि निफ्टी मेटल इंडेक्स भारत के मेटल सेक्टर की कंपनियों का व्यापक प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें लौह और गैर-लौह दोनों तरह की धातु कंपनियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि फंड ऑफ फंड के जरिए निवेशक म्युचुअल फंड के माध्यम से इस सेक्टर में निवेश कर सकते हैं, लेकिन मेटल सेक्टर साइक्लिकल है और आर्थिक हालात से काफी प्रभावित रहता है।


(डिस्क्लेमर: यहां NFO की डीटेल दी गई है। ये निवेश की सलाह नहीं है। म्युचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

First Published : February 9, 2026 | 3:40 PM IST