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टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (TMPV) ने सोमवार को कहा कि वह तमिलनाडु में स्थित अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में करीब 9,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों की जरूरतें पूरी करने के लिए अगले 5–7 साल में सालाना उत्पादन क्षमता 2.5 लाख यूनिट तक बढ़ाई जाएगी। कंपनी और उसकी सहयोगी इकाई जैगुआर लैंड रोवर (JLR) ने तमिलनाडु के रणिपेट जिले के पनापक्कम प्लांट में परिचालन शुरू होने की घोषणा की।
TMPV के मुताबिक, यह प्लांट एक ग्रीनफील्ड परियोजना का पहला चरण है, जहां नेक्स्ट-जेन व्हीकल्स, जिनमें इलेक्ट्रिक कारें (EV) भी शामिल हैं, TMPV और JLR दोनों ब्रांड्स के लिए बनाए जाएंगे। इस प्लांट से निकलने वाला पहला व्हीकल JLR का लोकल रूप से निर्मित रेंज रोवर इवोक है।
कंपनी ने कहा कि उत्पादन को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा और अगले 5–7 वर्षों में यह प्लांट अपनी पूरी डिजाइन की गई क्षमता यानी सालाना 2.5 लाख कारें बनाने लगेगा। ये वाहन भारत और विदेशों दोनों बाजारों के लिए होंगे।
TMPV ने बताया कि इस प्लांट को आधुनिक और भविष्य के लिए तैयार बनाने के लिए कुल 9,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इस प्लांट से 5,000 से ज्यादा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की संभावना है। इसके साथ ही यह कौशल विकास को बढ़ावा देगा और सहायक उद्योगों (एंसिलरी इकोसिस्टम) के विकास में मदद करेगा।
टाटा संस और TMPV के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि पनापक्कम प्लांट की शुरुआत भारत को सस्टेनेबल और भविष्य के लिए तैयार मैन्युफैक्चरिंग में आगे बढ़ाने की दिशा में टाटा समूह का एक अहम कदम है। उन्होंने तमिलनाडु के साथ टाटा समूह की लंबे समय से चली आ रही साझेदारी पर भी गर्व जताया।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने कहा कि यह प्लांट राज्य में विश्वस्तरीय ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग के विस्तार का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य ऐसे उद्योगों का समर्थन करता रहेगा जो रोजगार पैदा करें, नवाचार को बढ़ावा दें और तमिलनाडु को भारत का प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग और मोबिलिटी हब बनाएं।