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AI टैलेंट में अमेरिका के बाद भारत नंबर-2, Oracle के VP ने गिनाए आंकड़े

₹23,003 करोड़ के राजस्व के साथ Oracle India की मजबूत छलांग, AI और क्लाउड से भारत की अर्थव्यवस्था को मिल रही नई ताकत

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शिवानी शिंदे   
Last Updated- February 09, 2026 | 9:16 AM IST

ओरेकल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने भारत में पिछले कुछ वर्षों से दो अंक में राजस्व वृद्धि दर्ज की है। ट्रैक्सन के आंकड़ों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का राजस्व 12 प्रतिशत बढ़कर 23,003 करोड़ रुपये हो गया। पिछले पांच वर्षों के दौरान फर्म की वार्षिक चक्रवृद्धि दर 16 प्रतिशत रही है। ओरेकल इंडिया और नेटसुइट जेएपीएसी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और क्षेत्रीय प्रबंध निदेशक शैलेन्द्र कुमार का मानना है कि भारत वैश्विक स्तर पर कई बड़ी अर्थव्यवस्थाओं से आगे है।

शिवानी शिंदे के साथ वीडियो इंटरव्यू में उन्होंने हाल की बजट घोषणाओं और भारत की वृद्धि के बारे में बात की। उनसे बातचीत के अंश:

केंद्रीय बजट 2026 पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है?

यह बहुत अच्छा बजट है। डेटा सेंटर और क्लाउड कंप्यूटिंग के नजरिए से भारत में अवसर स्पष्ट रूप से बढ़ रहे हैं। यदि आप भारतीय बाजार पर आईडीसी की रिपोर्ट को देखें तो पता चलता है कि क्लाउड सेवाओं में मजबूत वृद्धि हो रही है। इस बाजार के वर्ष 2029 तक 30.4 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है, जो 22.6 प्रतिशत की सीएजीआर से बढ़ रहा है। यह बहुत उत्साहजनक है।

ओरेकल इंडिया भारत में दो अंक में बढ़ रही है। इस वृद्धि की क्या वजह है?

भारत विश्व स्तर पर सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। हम बैंकिंग, निर्माण, हेल्थकेयर और सार्वजनिक क्षेत्र जैसे उद्योगों में प्रगति देख रहे हैं। भारत में विकास को सार्वजनिक क्लाउड सेवाओं से खासा बढ़ावा मिल रहा है। 2024 में, यह बाजार लगभग 10.9 अरब डॉलर का था और 2029 तक इसके 30.4 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जैसा कि पहले उल्लेख किया गया था। 22.6 प्रतिशत की सीएजीआर मजबूत तेजी को दर्शाती है।

अगर हम भारतीय आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) बाजार को देखें, तो यह 2027 तक 17 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इससे यह विश्व स्तर पर सबसे तेजी से बढ़ते एआई बाजारों में से एक बन जाता है। भारत में लगभग 6,00,000 एआई पेशेवर और लगभग 70 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं, जो वैश्विक एआई प्रतिभाओं के लिहाज से लगभग 16 प्रतिशत हिस्सा हैं। इस मामले में भारत केवल अमेरिका से पीछे है। यह भारत के जनसांख्यिकी लाभ और मजबूत एसटीईएम शिक्षा आधार को दर्शाता है।

वर्ष 2025 इस बहस के साथ समाप्त हुआ कि क्या एआई एक बुलबुला है। कई रिपोर्टें हैं जो कहती हैं कि एआई को अभी तक वैल्यू के मामले में परिणाम दिखाने बाकी हैं। क्या यह भारत के लिए भी सच है?

भारतीय आईटी परिदृश्य उत्साह के चरण से आगे बढ़कर वृद्धिशील चरण में चला गया है, जहां कंपनियां फिर से इस पर विचार कर रहे हैं कि कैसे टेक्नॉलजी व्यावसायिक मूल्य चलाती है। पिछले एक साल में मुझे एक भी ऐसा संस्थान नहीं मिला जो एआई के साथ प्रयोग नहीं कर रहा हो। ठोस लाभ की बात करें तो हम पहले से ही बड़े पैमाने पर, मिशन-क्रिटिकल परियोजनाएं देख रहे हैं।

मसलन, उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईटी) के तहत, पेटेंट, डिजाइन और ट्रेडमार्क के नियंत्रक जनरल के कार्यालय ने हमारे क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर और ऑटोनोमस डेटाबेस का उपयोग करके अपने ट्रेडमार्क ऐप्लीकेशन प्लेटफॉर्म का आधुनिकीकरण किया। बैंकिंग में, भारत के सबसे पुराने निजी क्षेत्र के बैंकों में से एक ने प्रक्रियाओं को स्वचालित करने, लागत कम करने, उत्पादकता में सुधार करने और ग्राहकों की संतुष्टि बढ़ाने के लिए ओरेकल फ्यूजन क्लाउड एप्लीकेशन के माध्यम से कोर ऑपरेशंस को शामिल किया है और एआई का लाभ उठाया है।

इनोवेशन का कितना हिस्सा भारत के डेवलपमेंट सेंटर से आ रहा है?

भारत ओरेकल का बहुत ही महत्त्वपूर्ण हिस्सा है। भारत में हमारे 50,000 से ज्यादा कर्मचारी हैं और सभी तरह के व्यवसाय यहां मौजूद हैं। हमारी इंडिया टीम अमेरिका में हमारे मुख्यालय के साथ बहुत करीब से काम करती है। इसलिए हम वैश्विक रूप से जो कुछ भी बना रहे हैं, उसमें भारत का बड़ा योगदान है।

First Published : February 9, 2026 | 9:16 AM IST