पॉलिसीबाजार की रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 में अब तक बिकी सभी नई स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों में करीब 62 प्रतिशत पॉलिसियां छोटे, कस्बाई इलाकों व ग्रामीण इलाकों में बिकी हैं। इन इलाकों में ग्राहकों द्वारा स्वीकार की गई बीमित राशि में भी बढ़ोतरी हुई है।
टियर-2 शहरों में 10 से 14 लाख रुपये का बीमा खरीदने वाले लोगों की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 26 में बढ़कर 47 प्रतिशत हो गई है, जो वित्त वर्ष 22 में 27 प्रतिशत थी। वहीं टियर-3 शहरों में इस दौरान हिस्सेदारी 24 प्रतिशत से बढ़कर 49 प्रतिशत हो गई है।
भारत के टियर-2, टियर-3 और ग्रामीण इलाके अब महानगरों को पीछे छोड़ रहे हैं और स्वास्थ्य बीमा की मांग के प्राथमिक केंद्र बनकर उभर रहे हैं। पॉलिसीबाजार के आंकड़ों से पता चलता है कि टियर-2 और टियर-3 शहरों की स्वास्थ्य बीमा खरीद में हिस्सेदारी वित्त वर्ष 22 में क्रमशः 23 प्रतिशत और 31 प्रतिशत थी, जो वित्त वर्ष 26 में क्रमशः 24 प्रतिशत और 38 प्रतिशत हो गई। इस बीच टियर-1 की हिस्सेदारी घटकर 38 प्रतिशत रह गई, जो वित्त वर्ष 22 में 46 प्रतिशत थी।
जागरूकता बढ़ने, आसान डिजिटल पहुंच और खरीदने की क्षमता बढ़ने के कारण यह बदलाव आया है। बीमा एग्रीगेटर ने कहा कि महानगरों के बाहर पहली बार बीमा खरीदने वाले खरीदार बढ़ रहे हैं।