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कहते हैं विश्लेषक

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Last Updated- December 08, 2022 | 9:02 AM IST

अबान ऑफशोर
सिफारिश : 703 रुपये
मौजूदा भाव : 762.50 रुपये
लक्ष्य : 693 रुपये
बढ़त : 9.1 फीसदी
ब्रोकरेज : इडलवाइज सिक्योरिटीज


अबान ऑफशोर को कम अवधि के जो ठेके मिले हैं, उनमें रिग के किरायों की दर कमजोर कारोबार के चलते कुछ कम हो सकती है।


कैलेंडर वर्ष 2008 से 2010 के बीच रिग की आपूर्ति मजबूत रह सकती है और मांग में कमी आ सकती है।

इस वजह से वर्ष 2008 की अपेक्षा में वित्त वर्ष 2009 और 2010 में रिग के कारोबार में 18 से 19 फीसदी की कमी आने की बात कही जा रही है। कमोडिटी यानी कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है और इस वजह से रिग की मांग भी कम हुई है।

इसके अलावा कंपनी की सिंगापुर शाखा को कम अवधि वाले ठेके ही मिले हैं, इसलिए माना जा रहा है कि अबान ऑफशोर को रिग के ठेके अब कम दरों पर लेने पड़ेंगे।

यह बात इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है कि अबान ऑफशोर को वित्त वर्ष 2009-10 में मिलने वाली कुल ईबीआईटीडीए में उसकी सिंगापुर इकाई का 65 से 70 फीसदी योगदान होने की उम्मीद जताई जा रही थी।

अबन के पास सितंबर 2008 के बाद 2.8 अरब डॉलर के ठेके हैं। रुपये की कीमत डॉलर के मुकाबले घट रही है और कंपनी की आय आम तौर पर डॉलर में ही होती है, इसलिए उसे फायदा हो सकता है। लेकिन उसे कुछ कर्ज भी डॉलर में ही चुकाने हैं, जो चिंता का सबब बन सकते हैं।

इंडो टेक ट्रांसफॉर्मर्स
सिफारिश : 278 रुपये
मौजूदा भाव : 288.10 रुपये
लक्ष्य : उपलब्ध नहीं
ब्रोकरेज : रेलिगेयर हिचेंस, हैरिसन ऐंड कंपनी


जीई और मेक्सिको के समूह शिंगनक्स के संयुक्त उपक्रम वाली कंपनी प्रोलेक-जीई ने इंडोटेक ट्रांसफॉमर्स के प्रमोटरों के साथ शेयर खरीद का एक समझौता किया है। इस समझौते के तहत प्रोलेक-जीई इंडोटेक ट्रांसफॉर्मर्स में प्रमोटरों की समूची 54.35 फीसदी हिस्सेदारी खरीदेगी।

प्रमोटरों के पास तकरीबन 57 लाख शेयर हैं, जिन्हें 406 रुपये प्रति शेयर की दर से खरीदने की बात समझौते में कही गई है। इंडोटेक में ही 20 फीसदी अतिरिक्त हिस्सेदारी भी 406 रुपये प्रति शेयर की दर से खरीदने के लिए प्रोलेक-जीई ने खुली पेशकश कर डाली है।

कंपनी ने प्रमोटरों को क्षतिपूर्ति देने के इरादे से 45 करोड़ रुपये में तीन साल के लिए गैर-प्रतिस्पद्र्धा करार भी किया है। इसे मिला दिया जाए, तो इस करार की कीमत 480 रुपये प्रति शेयर बनती है। प्रोलेक-जीई का भारतीय बाजार में आना ही इस उद्योग में विकास की अच्छी खासी संभावनाएं होने की बात साबित करता है।

ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक निवेशकों को शेयर अभी रोके रखने चाहिए और खुली पेशकश के दौरान इन्हें बेचना चाहिए। थोड़ा इंतजार करने में बुराई नहीं है।

यदि शेयर का भाव 175 रुपये तक गिर जाता है, तब भी उसका औसत भाव मौजूदा भााव 278 रुपये के आसपास होगा।

इसलिए इंतजार करने में कोई हर्ज नहीं है। लेकिन यदि शेयर का भाव बढ़कर 320 रुपये तक पहुंच जाता है, तो निवेशकों को तुरंत बिकवाली शुरू कर देनी चाहिए।

टॉरेंट फार्मास्युटिकल्स
सिफारिश : 122 रुपये
मौजूदा भाव : 124 रुपये
लक्ष्य : 222 रुपये
बढ़त : 79 फीसदी
ब्रोकरेज : कोटक सिक्योरिटीज


टॉरेंट फर्मास्युटिकल्स को उम्मीद है कि आने वाले कुछ समय तक तो ब्राजील के बाजारों में विकास का माहौल बरकरार रहेगा।

इसकी वजह बिक्री में इजाफा, उत्पादन में बढ़ोतरी और नए उत्पादों की बाजार में पेशकश होगी। ब्राजील और अन्य लैटिन अमेरिकी देशों के बाजारों के लिए टॉरेंट के पास अभी कई ऐसे उत्पाद हैं, जिनका विकास किया जा रहा है।

अमेरिका में भी वह कई उत्पादों का विकास कर रही है। अमेरिकी खाद्य एवं दवा प्रशासन के पास वह 16 एएनडीए और 10 डीएमएफ को मंजूरी दिलाने के वास्ते आवेदन कर चुकी है। उसे पांच एएनडीए के लिए मंजूरी भी हासिल हो चुकी है।

लंबी अवधि के लिए ठेके पर निर्माण और आपूर्ति समझौते की बात की जाए, तो टॉरेंट फार्मा डेनमार्क की कंपनी नोवो नॉर्डिस्क को इंसुलिन की आपूर्ति करती है। पिछले वित्त वर्ष के दौरान ठेके पर विनिर्माण के समझौतों से कंपनी को मिलने वाले राजस्व में 25.8 फीसदी का इजाफा हुआ था।

कंपनी ने 40 करोड़ रुपये का निवेश कर इंसुलिन बनाने की क्षमता में भी विस्तार किया है। इस कारोबार में लगातार इजाफा होने और कंपनी को इससे लगातार नकदी मिलने की उम्मीद है।

कंपनी को दस साल के लिए उत्पाद शुल्क और आयकर में छूट के जरिये वित्तीय लाभ मिलेंगे। इसके शेयर का भाव फिलहाल 122 रुपये है। इसे खरीदने की सलाह दी जाती है।

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज
सिफारिश : 541 रुपये
मौजूदा भाव : 482.25 रुपये
लक्ष्य : उपलब्ध नहीं
ब्रोकर : एंबिट कैपिटल


पिछली तिमाही में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) तकरीबन 20 सौदों पर काम कर रही थी। इनमें से कुछ सौदे तीसरी तिमाही में पक्के हो चुके हैं। लेकिन सौदे पक्के होने की रफ्तार अब घट गई है। लेकिन वित्त वर्ष 2009 में कर्मचारियों की भर्ती के मामले में टीसीएस की रफ्तार अभी बरकरार है।

कंपनी ने अगले वित्त वर्ष के लिए 25,000 कर्मचारियों को नौकरी पर रखने की बात कही है। कंपनी 81.1 फीसदी कर्मचारी कामकाज में लगे हुए हैं, लेकिन इस अनुपात में इजाफा करना मुश्किल है। इसलिए कंपनी को ईबीआईडीटीए मार्जिन बरकरार रखने में खासी मुश्किल हो सकती है।

टीसीएस को वित्त वर्ष 2009 की दूसरी तिमाही के दौरान 42 फीसदी कारोबार बैंकिंग, वित्तीय सेवा और बीमा कारोबार से मिला। इस क्षेत्र में दो फीसदी का इजाफा हो रहा है। लेकिन क्रेडिट कार्ड का बकाया नहीं चुकाने वालों की बढ़ती तादाद और दूसरे कारणों से इस क्षेत्र की हालत और भी खस्ता हो सकती है।

डॉलर की कीमत पाउंड और यूरो के मुकाबले बढ़ रही है, इसलिए कंपनी को डॉलर से होने वाले राजस्व में इजाफे की दर कम हो सकती है। टीसीएस के शेयर 541 रुपये पर चल रहे हैं। उन्हें बेचते रहने की सलाह दी जाती है।

ऑन मोबाइल ग्लोबल
सिफारिश : 204 रुपये
मौजूदा भाव : 221.95 रुपये
लक्ष्य : 234 रुपये
बढ़त : 5.43 फीसदी
ब्रोकरेज : असित सी मेहता


ऑन मोबाइल ग्लोबल (ओजीएल) दूरसंचार ऑपरेटरों को जो मुख्य सेवा देती है, उसका नाम एमएमपी 2500 है। इसकी मदद से ऑपरेटर विभिन्न ऐप्लिकेशंस को एसएमएस, एमएमएस आदि के जरिये भेज सकते हैं।

ओजीएल अपने उत्पादों की शृंखला मजबूत करने और तकनीकी प्लेटफॉर्म को बेहतर बनाने के लिए अधिग्रहण की नीति पर काम कर रही है।

कंपनी को ज्यादातर कारोबार ग्रामीण क्षेत्रों से मिलने की उम्मीद है और इसीलिए नई स्पीच रिकग्नीशन लैंग्वेज के विकास में दक्ष होने के कारण ओजीएल को फायदा हो सकता है।

कंपनी चालू वित्त वर्ष के दौरान क्षमता विस्तार पर लगभग 60 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है, जिसमें से ज्यादातर रकम कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर खर्च की जाएगी। ओवीएल के पास नकदी आ रही है और उसका बहीखाता भी सेहतमंद है।

दूरसंचार ऑपरेटरों की बढ़ती तादाद भी उसके भविष्य को उजला बना रही है। शेयर का भाव अभी 222 रुपये के आसपास है।?भाव गिरने पर खरीदने की सलाह है।

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First Published - December 14, 2008 | 9:57 PM IST

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