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कहते हैं विश्लेषक

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Last Updated- December 08, 2022 | 7:44 AM IST

पटेल इंजीनियरिंग


सिफारिश : 118 रुपये
मौजूदा भाव : 116.10 रुपये
लक्ष्य : 227 रुपये
बढ़त : 95.5 फीसदी
ब्रोकरेज : कोटक सिक्योरिटीज


पटेल इंजीनियरिंग को पनबिजली के कारोबार में ठेके मिलने की रफ्तार पिछली 3-4 तिमाही के दौरान कुछ कम हुई है।


पिछली तिमाही के दौरान आंध्र प्रदेश सरकार से उसे 700 करोड़ रुपये का ठेका मिला, जिसके तहत कंपनी कृष्णा डेल्टा क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था का आधुनिकीकरण करना है।

इसके अलावा उसे 1,500 करोड़ रुपये के दूसरे ठेके भी मिले हैं, लेकिन आंध्र सरकार से मिला ठेका कंपनी का सबसे बड़ा ठेका है।


रियल एस्टेट कारोबार में मंदी आने की वजह से कंपनी के रियल एस्टेट विभाग पर भी बुरा असर पड़ा है। बेंगलुरु और हैदराबाद में उसकी संपत्तियों को सरकार की ओर से विशेष आर्थिक क्षेत्र की अधिसूचना मिलने में देर हो रही है।

कर्ज पर ब्याज की दर महंगी होने से भी तीसरी वित्तीय तिमाही में कंपनी का मुनाफा कम होने की आशंका है।


पटेल इंजीनियरिंग को ज्यादातर ठेके पनबिजली परियोजनाओं के मिले हैं, जिनमें मुनाफा ज्यादा होता है, इसलिए कंपनी की हालत औरों से बेहतर है।

चौथी तिमाही आते-आते जिंस की कीमतें घटने का असर भी दिखने की संभावना है, इसलिए कंपनी के मुनाफे का स्तर बरकरार रहना चाहिए।


शेयर का भाव 120 रुपये है, चालू वित्त वर्ष की अर्निंग्स के मुकाबले 7.8 गुना और वित्त वर्ष 2010 की अर्निंग्स का 6.9 गुना है। 227 रुपये पर बेचने के लिहाज से फिलहाल इसकी खरीदारी जारी रखने की सलाह दी जाती है।

टाटा स्टील

सिफारिश : 165 रुपये
मौजूदा भाव : 182.80 रुपये
लक्ष्य : अनुमान नहीं
ब्रोकरेज : एंजेल ब्रोकिंग

टाटा स्टील का सकल राजस्व चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 44,199 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले 36.2 फीसदी ज्यादा था। इसकी वजह कोरस की ओर से कीमतों में बढ़ोतरी और उत्पादों का बेहतर मिश्रण रहा।

कोरस में लागत घटाने के उपाय लागू होने से भी कंपनी के परिचालन मुनाफे में 4.5 फीसदी का इजाफा हुआ और यह 18.7 फीसदी तक पहुंच गया। कंपनी की कमाई दोगुनी से भी ज्यादा होकर 4,7772 के आंकड़े तक आ गई, इसकी वजह ब्याज की लागत कम होना थी।

यूरोप में जुलाई 2008 में इस्पात के दाम 1,275 डॉलर प्रति टन थे, जो अब घटकर 900 डॉलर प्रति टन हो गए हैं। कोरस के लिए यह चिंता का सबब है क्योंकि टाटा स्टील के उलट वह गैर एकीकृत इस्पात कंपनी है। इस वजह से इस्पात के दाम घटना उसके बहीखाते के लिहाज से भारी साबित हो सकता है।

दुनिया भर में मंदी की वजह से  इस्पात की मांग घट रही है, इसलिए कोरस ने उत्पादन में 30 फीसदी कटौती करने की बात भी कही है, जिससे उसकी बिक्री पर असर पड़ेगा।

टाटा स्टील का शेयर इस समय 165 रुपये का है। इसकी खरीदारी के बारे में फिलहाल कोई सलाह नहीं दी जा रही है।


बालाजी टेलीफिल्म्स

सिफारिश : 62 रुपये
मौजूदा भाव : 67.25 रुपये
लक्ष्य : 80 रुपये
बढ़त : 19 फीसदी
ब्रोकरेज : रेलिगेयर हिचेंस, हैरिसन ऐंड कंपनी

दिहाड़ी और वेतन के मसले पर फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिन इम्प्लॉयीज और टेलीविजन निर्माताओं के बीच छिड़ा विवाद आखिरकार सुलझ गया।

लेकिन इस दौरान बालाजी टेलीफिल्म्स को शूटिंग रद्द होने और प्रसारणकर्ताओं तक नए एपिसोड नहीं पहुंचने की वजह से तकरीबन 3.5 करोड़ रुपये का नुकसान हो गया।

समझौते के मुताबिक अस्थायी टेलीविजन कामगारों की मजदूरी में 10 फीसदी का इजाफा होगा, जबकि स्पॉट ब्वाय, इलेक्ट्रीशियन, बढ़ई और साउंड रिकॉर्डरों के वेतन में 40 से 45 फीसदी की बढ़ोतरी की जाएगी। फेडरेशन का पलड़ा इस समय भारी है, इसलिए कुछ साल तक वेतन इसी स्तर पर बरकरार रहने की उम्मीद है।

वेतन बढ़ाने और निर्माण में रुकावट आने की वजजह से बालाजी टेलीफिल्म्स की कमाई पर चालू और अगले वित्त वर्ष में तगड़ा असर पड़ेगा।

वेतन बढ़ने से परिचालन लागत में 2 फीसदी का इजाफा होने की संभावना है, जिससे ईबीआईडीटीए मार्जिन कम हो जाएगा। इसी वजह से ब्रोकरेज ने भी कंपनी की कमाई के आंकड़े कम कर दिए हैं।

फिलहाल कंपनी के शेयर खरीदते रहने की सलाह दी जाती है।

टेलीविजन एटीन इंडिया

सिफारिश : 59 रुपये
मौजूदा भाव : 65.20 रुपये
लक्ष्य : अनुमान नहीं
ब्रोकरेज : एडलवाइज सिक्योरिटीज

टेलीविजन एटीन इंडिया (टीवी 18) समूह की कंपनी आईबीएन 18 के 1.5 करोड़ वारंट 102 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर खरीदे हैं। इसके साथ ही आईबीएन 18 में टीवी 18 की हिस्सेदारी 17.5 फीसदी से बढ़कर 20.8 फीसदी हो जाएगी। कंपनी ने इसके लिए 153 करोड़ रुपये कंपनी ने खर्च किए हैं।

लेकिन कंपनी को आईबीएन 18 और वायाकॉम के बीच संयुक्त उपक्रम शुरू कराने के एवज में आईबीएन 18 से कुल 250 करोड़ रुपये मिलने थे। इस हिसाब से वारंट की कीमत अदा करने के बाद भी उसे तकरीबन 100 करोड़ रुपये मिलने हैं।

वित्त वर्ष 2008 के दौरान आईबीएन 18 को कुल 23.4 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। आम मनोरंजन चैनल कलर्स शुरू करने में कंपनी ने अच्छा निवेश भी किया है, इसलिए लागत वसूलने भर की स्थिति में भी वह वित्त वर्ष 2010 से पहले नहीं आ पाएगी।

लेकिन डीटीएच का बाजार बढ़ने और विज्ञापन पर खर्च भी बढ़ने से कंपनी को फायदा हो सकता है। कंपनी के पास सीएनएन-आईबीएन, आईबीएन 7, आईबीएन लोकमत, एमटीवी, वीएच 1 और निकलॉडियॉन जैसे चैनल भी हैं, जो उसे फायदा दे सकते हैं। इसकी खरीदारी जारी रखने की सलाह है।

डॉ. रेड्डीज लैबोरेट्रीज

सिफारिश : 469 रुपये
मौजूदा भाव : 475.45 रुपये
लक्ष्य : 566 रुपये
बढ़त : 19.1 फीसदी
ब्रोकरेज : इंडिया इन्फोलाइन

डॉ. रेड्डीज से मिले शुरुआती रुझान बताते हैं कि कंपनी को जर्मनी में दवाओं के एक बहुत बड़े ठेके में अच्छा खासा हिस्सा मिल गया है। 64 में से 44 दवाओं के ठेके के बारे में जब फैसला किया गया, तो डॉ. रेड्डीज से आगे महज सैंडोज थी।

कुल 220 ठेकों का तकरीबन आठवां हिस्सा रेड्डीज को ही मिला। हालांकि कंपनी ने ठेके की कीमत भी नहीं बताई और न ही उत्पादों का खुलासा किया, इसलिए इस कारोबार से उसे होने वाले मुनाफे के बारे में अंदाजा लगाना मुश्किल है।

बाकी बची 20 दवाओं में से 15 के लिए उसने बोली लगाई है, जिसका नतीजा जल्द ही सामने आने वाला है।


शुरुआती विश्लेषण बताता है कि बीटाफार्म का सकल मुनाफा 20 फीसदी बढ़ सकता है, लेकिन लागत वगैरह को देखते हुए मार्जिन में मामूली गिरावट आ सकती है।

हालांकि ठेके पर दवाएं बनाने से कंपनी को बिक्री और मार्केटिंग की लागत कम करने में मदद मिलेगी।


जर्मनी से ठेकों के बारे में अंतिम घोषणा होने के बाद कंपनी के मूल्य में इजाफा होने की पूरी संभावना है। शेयर खरीदते रहने की सलाह दी जाती है।


मौजूदा भाव 5 दिसंबर 2008 के शेयर भाव के अनुसार

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First Published - December 7, 2008 | 10:08 PM IST

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