facebookmetapixel
Advertisement
बांग्लादेश में नई सरकार का आगाज: तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे ओम बिरलाBudget 2026 पर PM का भरोसा: ‘अभी नहीं तो कभी नहीं’ वाली मजबूरी खत्म, यह ‘हम तैयार हैं’ वाला क्षण9 मार्च को लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर होगी चर्चाIndia AI Impact Summit 2026: दिल्ली में जुटेगा दुनिया का दिग्गज टेक नेतृत्व, $100 अरब के निवेश की उम्मीदAI इम्पैक्ट समिट 2026: नगाड़ों की गूंज व भारतीय परंपरा के साथ 35,000 मेहमानों का होगा भव्य स्वागतदिल्ली में AI का महाकुंभ: भारत मंडपम में AI इम्पैक्ट समिट सोमवार से, जुटेंगे 45 देशों के प्रतिनिधिकॉरपोरेट इंडिया की रिकॉर्ड छलांग: Q3 में लिस्टेड कंपनियों का मुनाफा 14.7% बढ़ा, 2 साल में सबसे तेजएशियाई विकास बैंक का सुझाव: केवल जरूरतमंदों को मिले सब्सिडी, भ्रष्टाचार रोकने के लिए ऑडिट जरूरीRBI की सख्ती से बढ़ेगी NBFC की लागत, कर्ज वसूली के नए नियमों से रिकवरी एजेंसियों पर पड़ेगा बोझनिवेशकों की पहली पसंद बना CD: कमर्शियल पेपर छोड़ सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट की ओर मुड़ा रुख

RBI ने घरेलू धन ट्रांसफर सेवाओं के लिए KYC नियम किए सख्त

Advertisement

ढांचे में ये बदलाव रकम हस्तांतरण के लिए विभिन्न सेवाओं की हाल ही में की गई समीक्षा के आधार पर किया गया है।

Last Updated- July 24, 2024 | 11:18 PM IST
RBI

भारतीय रिजर्व बैंक ने ग्राहक को जानें (केवाईसी) के रिकॉर्ड की जरूरतों को सख्त बनाकर विनियमित संस्थाओं द्वारा घरेलू धन हस्तांतरण सेवाओं के लिए नियामकीय ढांचे में सुधार किया है। ढांचे में ये बदलाव रकम हस्तांतरण के लिए विभिन्न सेवाओं की हाल ही में की गई समीक्षा के आधार पर किया गया है।

अधिकृत भुगतान प्रणाली सेवाप्रदाताओं से रिजर्व बैंक ने कहा है कि रुपये भेजने वाले बैंक को लाभार्थी के नाम और पते की जानकारी होनी चाहिए। हर लेनदेन को अतिरिक्त फैक्टर ऑफ ऑथेंटिकेशन के जरिये सत्यापित करना चाहिए।

घरेलू धन हस्तांतरण को विनियमित करने के लिए साल 2021 में नियम पेश किए गए थे। तब से बैंक शाखाओं की उपलब्धता, भुगतान प्रणालियों में वृद्धि और केवाईसी आवश्यकताओं को पूरा करने में आसानी में भारी इजाफा हउआ है। नियामक ने कहा कि अब उपयोगकर्ताओं के पास रकम भेजने के लिए कई डिजिटल विकल्प हैं।

रिजर्व बैंक ने कहा कि रकम भेजने वाले बैंक/ बिजनेस कॉरेसपॉन्डेंट्स एक सत्यापित फोन नंबर और स्वसत्यापित आधिकारिक वैध प्रमाणपत्र (ओवीडी) के जरिये प्रेषक पंजीकृत करेंगे। जो बैंक धनराशि भेजेंगे उन्हें आईएमपीएस अथवा एनईएफटी लेनदेन में संदेश के तौर पर प्रेषक की जानकारी शामिल करनी होगी।

Advertisement
First Published - July 24, 2024 | 11:18 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement