facebookmetapixel
नए मेट्रो एयरपोर्ट से हॉस्पिटैलिटी कारोबार को बूस्ट, होटलों में कमरों की कमी होगी दूरदिसंबर में मैन्युफैक्चरिंग की रफ्तार धीमी, PMI घटकर 55.0 पर आयानए साल की रात ऑर्डर में बिरयानी और अंगूर सबसे आगेमैदान से अंतरिक्ष तक रही भारत की धाक, 2025 रहा गर्व और धैर्य का सालमुंबई–दिल्ली रूट पर एयर इंडिया ने इंडिगो को पीछे छोड़ाअगले साल 15 अगस्त से मुंबई–अहमदाबाद रूट पर दौड़ेगी देश की पहली बुलेट ट्रेनगलत जानकारी देकर बीमा बेचने की शिकायतें बढ़ीं, नियामक ने जताई चिंता1901 के बाद 2025 रहा देश का आठवां सबसे गर्म साल: IMDHealth Insurance के दायरे में आने वाले लोगों की संख्या बढ़ी, पॉलिसियों की बिक्री घटीअब बैंक भी बन सकेंगे पेंशन फंड के प्रायोजक, PFRDA ने नए ढांचे को दी मंजूरी

RBI की कार्रवाई से FY25 में NBFC की ऋण वृद्धि होगी सुस्त, घटकर 18% तक आ जाएगी

‘हमें लगता है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की हालिया कार्रवाई से ऋणदाताओं के अति उत्साह में कमी आएगी, नियमों का पालन होगा और ग्राहकों के हितों की रक्षा होगी।’

Last Updated- September 24, 2024 | 10:47 PM IST
nbfc, RBI

एसऐंडपी ग्लोबल रेटिंग्स के मुताबिक इस वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 25) में रेटिंग वाली वित्तीय कंपनियों की ऋण वृद्धि दर सुस्त होकर 18 फीसदी पर आ जाएगी, जबकि वित्त वर्ष 24 में यह 20 फीसदी थी। इन कंपनियों पर भारतीय रिजर्व बैंक की कार्रवाई का प्रभाव नजर आता है।

एसऐंडपी ग्लोबल रेटिंग्स की क्रेडिट एनालिस्ट गीता चुघ ने एक बयान में कहा, ‘हमें लगता है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की हालिया कार्रवाई से ऋणदाताओं के अति उत्साह में कमी आएगी, नियमों का पालन होगा और ग्राहकों के हितों की रक्षा होगी।’

एसऐंडपी की रिपोर्ट ‘इंडियन फिनकॉज बैलेंसिंग एक्ट’ के मुताबिक असुरक्षित व्यक्तिगत ऋण और वित्तीय कंपनियों को ऋण पर जोखिम भारांश बढ़ाने के भारतीय रिजर्व बैंक के फैसले का उद्देश्य विशेष तौर पर वृद्धि दर को काबू में रखना और बैंकों व वित्तीय कंपनियों के बीच परस्पर तालमेल को कम करना है।

First Published - September 24, 2024 | 10:47 PM IST

संबंधित पोस्ट