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आर्सेलर-निप्पॉन के हजीरा प्लांट को लेकर आ गई खबर

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दोनों इकाइयां आर्सेलरमित्तल और निप्पॉन स्टील के लाइसेंस वाले उत्पादों के उत्पादन में सक्षम होंगी और कोटेड व बिना कोटेड स्टील में इसकी क्षमता 1180 मेगापास्कल तक होगी।

Last Updated- January 19, 2025 | 10:34 PM IST
Vehicle companies protest against security duty on steel import, differences over self-reliance वाहन कंपनियों का स्टील आयात पर सुरक्षा शुल्क का विरोध, आत्मनिर्भरता को लेकर मतभेद
प्रतीकात्मक तस्वीर

वैश्विक स्टील निर्माताओं आर्सेलरमित्तल और निप्पॉन स्टील का संयुक्त उद्यम आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया गुजरात के हजीरा में इस साल मार्च में ऑटो केंद्रित कोल्ड रोलिंग मिल (सीआरएम) चालू करने जा रहा है। इसकी क्षमता 20 लाख टन होगी। इस इकाई में करीब 1 अरब डॉलर का निवेश हुआ है और यह हजीरा में कुल क्षमता 1.5 करोड़ टन करने के लिए लक्षित 7.4 अरब डॉलर के पूंजीगत खर्च का हिस्सा है।

दो प्रोडक्शन लाइन – कंटिनुअस ग्लैवनाइजिंग लाइन (सीजीएल) और कंटिनुअस ग्लैवनाइजिंग ऐंड एनीलिंग लाइन (सीजीएएल) पूरी तरह से एडवांस्ड ऑटोमोटिव स्टील उत्पाद का विनिर्माण करेगी। इसके इसी साल में पूरी तरह से परिचालन में आने की उम्मीद है।

इस प्रोडक्शन लाइन के साथ मूल कंपनियों की तकनीक जुड़ी हैं और यह हजीरा के सीआरएम-2 कॉम्पलेक्स का हिस्सा है। कंपनी ने जानकारी दी कि परिचालन में आने के बाद इकाइयों से उत्पादन वाहन क्षेत्र के लिए जरूरी महंगे स्टील के आयात का पूरक बन जाएगा।

आर्सेलरमित्तल-निप्पॉन स्टील इंडिया के निदेशक और उपाध्यक्ष (बिक्री व विपणन) रंजन धर ने कहा कि अभी वाहन उद्योग अपनी स्टील जरूरत का करीब 15-18 फीसदी आयात करता है। यह प्रोडक्शन लाइन आयातित महंगे स्टील उत्पादों के पूरक के तौर पर काम करेगी। इससे भारतीय वाहन निर्माता अमेरिका और यूरोप जैसे अहम निर्यात बाजार के लिए कार बनाने में सक्षम होंगे। धर ने कहा कि यह भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन – मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड के विजन के अनुरूप है।

दोनों इकाइयां आर्सेलरमित्तल और निप्पॉन स्टील के लाइसेंस वाले उत्पादों के उत्पादन में सक्षम होंगी और कोटेड व बिना कोटेड स्टील में इसकी क्षमता 1180 मेगापास्कल तक होगी। यह विस्तार उच्च गुणवत्ता व वैल्यू ऐडेड ऑटोमोटिव स्टील की देश में बढ़ती मांग को पूरा करने के इरादे से किया जा रहा है जो अभी फ्लैट स्टील के लिए 78 लाख टन सालाना है और इसमें 6-7 फीसदी सालाना बढ़ोरी का अनुमान है।

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First Published - January 19, 2025 | 10:34 PM IST

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