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तीन साल में सूचीबध्द होगा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल

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Last Updated- December 08, 2022 | 12:04 AM IST

मार्क ई टकर प्रूडेंशियल ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हैं। उनकी कंपनी के भारत के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक आईसीआईसीआई बैंक के साथ दो संयुक्त उपक्रम, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी हैं।


लाइफ इंश्योरेंस में प्रूडेंशियल की हिस्सेदारी 26 फीसदी है जबकि एएमसी में उसकी 49 फीसदी हिस्सेदारी है। टकर ने फलकनाज सैयद से बातचीत में वैश्विक हालात और कंपनी की योजनाओं के बारे में बताया।

बिगड़े वैश्विक हालातों से प्रूडेंशियल का पूरे विश्व में कारोबार किस तरह प्रभावित हुआ है?

पूरे विश्व में निवेशकों का आत्मविश्वास डगमगाया है। स्थितियां और मुश्किल होती जा रहीं हैं। हालांकि हमारे लिए यह कई चक्रों में से एक भर है। हमे अपने वैश्विक कारोबार में साल की पहली छमाही में 10 करोड़ पाउंड का नुकसान हुआ है। लेकिन प्रूडेंशियल का मॉडल काफी सशक्त मॉडल है। हमें अपनी भू विविधता और अपनी कैपिटल बैलेंस शीट से मदद मिली है।

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल का नुकसान बढ़ा है। इसका खर्च का अनुपात भी बढ़ रहा है। अब तक 4,000 करोड़ रुपये इस कारोबार कें लगाए जा चुके हैं। ब्रेकईवन और लिस्टिंग पर आपको क्या कहना है?

हम पिछले साल सालों से बाजार में बने हुए हैं। इस साल हमारी बाजार में हिस्सेदारी पिछले साल के 12.7 फीसदी से बढ़कर 13.7 फीसदी हो गई है। सामान्य तौर पर जीवन बीमा कारोबार में न नुकसान न फायदे की स्थिति में आने में 9-12 साल का समय लगता है। यह एक लंबी अवधि का कारोबार है। हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हमारे पास 2,000 शाखाएं और उच्च श्रेणी के कर्मचारी हैं।

कंपनी के प्रबंधन ने शानदार काम किया है। खर्च के अनुपात को कम करने के लिए हमने कई कदम उठाए हैं। अगले दो से तीन सालों में हमें न लाभ न घाटे की स्थिति में आने की उम्मीद है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल की अभी लिस्ट होने की कोई योजना नहीं है। हम यह अगले तीन सालों में कर सकते हैं।

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को और सुगम बनाया जा रहा है। अपनी हिस्सेदारी 26 फीसदी से 49 फीसदी करने के लिए प्रूडेंशियल और आईसीआईसीआई बैंक के बीच क्या व्यवस्था है ?

हम सतर्कता से स्थितियों पर नजर रख रहे हैं। शेयरों की कीमत उस समय के कारोबार के अर्थशास्त्र और वैल्युएशन पर निर्भर करती है।

बाजार में अस्थिरता है। क्या आपको लगता है कि इस स्थिति में निवेशक यूलिप से परंपरागत पॉलिसियों की ओर लौटेंगे?

एक बीमा कंपनी के पास परंपरागत और यूलिप प्रॉडक्टों का मिक्स होना चाहिए। हमारे पास कई अच्छे प्रॉडक्ट हैं जो परंपरागत पॉलिसी और यूलिप का मिक्स हैं।

इस संयुक्त उपक्रम में आपका कंफर्ट लेवल क्या है जो इस समय बाजार में फैली अफवाहों से जूझ रही है?

हमारा आईसीआईसीआई से गठबंधन मजबूत बना रहेगा। हमारे उनकेसाथ बेहतरीन संबंध हैं।

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First Published - October 15, 2008 | 10:44 PM IST

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