facebookmetapixel
Advertisement
दिसंबर संकट के बाद इंडिगो की बड़ी उड़ान, 1000 से ज्यादा पायलटों की भर्ती का ऐलानरेरा पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती, रियल एस्टेट सेक्टर में बढ़ेगी जवाबदेहीनिफ्टी में आईटी सेक्टर की पकड़ कमजोर, 26 साल के निचले स्तर पर पहुंचा वेटेजQ3 में मजबूत प्रदर्शन के बाद इंफोसिस ने कर्मचारियों को औसतन 85% बोनस देने का ऐलान कियाFY26 में शहरी भारत देगा GDP का 70% योगदान, डन एंड ब्रैडस्ट्रीट की रिपोर्ट में बड़ा अनुमानBest FD Rates: एफडी में 8.95% तक ब्याज, फरवरी 2026 में कहां मिल रहा सबसे ज्यादा रिटर्न?मिडकैप निवेशकों के लिए बड़ी खबर, BSE लॉन्च करेगा नया इंडेक्स डेरिवेटिववैलेंटाइन डे से पहले ई-कॉमर्स बिक्री 60% तक बढ़ी, फूल-चॉकलेट की मांग में उछालबीएनपी की जीत के बाद भारत-बांग्लादेश रिश्तों में सुधार की उम्मीद, मोदी ने तारिक रहमान से की बाततीखी बहसों के साथ बजट सत्र का पहला भाग पूरा

सुरक्षित रिटर्न में निवेश करने वालों के लिए अच्छा विकल्प है ग्रीन बॉन्ड, पर्यावरण और जेब दोनों के लिए फायदेमंद

Advertisement
Last Updated- December 10, 2022 | 11:52 AM IST
green bond

देश में शेयर बाजार और म्यूच्यूअल फंड जैसे बाजारों में निवेश करने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन ऐसे लोगों की संख्या भी अधिक है, जो इन बाजारों की बजाय किसी अधिक सुरक्षित रिटर्न में निवेश करना चाहते हैं। ऐसे निवेशकों के लिए ग्रीन बॉन्ड एक अच्छा विकल्प है।

भारत ने चालू वित्त वर्ष के अंत तक 160 अरब रुपये के सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड जारी करने की योजना बनाई है। यह बॉन्ड सरकार के बॉरोइंग प्रोग्राम के तहत जारी किया जाएगा। ग्रीन बॉन्ड एक तरह का निवेश है जिसके जरिए सरकार की पर्यावरण के क्षेत्र के लिए पैसे जुटाने की प्लानिंग है।

आइए आपको बताते हैं क्या है ग्रीन बॉन्ड और क्या हैं इसमें निवेश के फायदे

ग्रीन बॉन्ड फिक्स्ड इनकम का एक तरह का निवेश है। यह बॉन्ड एसेट से लिंक्ड होता है और जारी करने वाले की बैलेंस शीट (Balance Sheet) से भी जुड़ा होता है। इस तरह के बॉन्ड निवेशकों के बीच में पहले भी बहुत फेमस रहे हैं। सरकारों को भी यह बॉन्ड इसलिए पसंद आते हैं क्योंकि बेहद आसानी से किसी भी प्रोजेक्ट के लिए पैसे जुटाए जा सकते हैं।

वहीं निवेशकों को इन बॉन्ड के जरिए कम समय में बेहतर और सेफ रिटर्न (Safe Return Investment) मिलते हैं। आपको बता दें कि सरकारी बॉन्ड से जुटाए हुए पैसे प्राइवेट बॉन्ड/ कॉरपोरेट बॉन्ड के लिए बेंचमार्क की तरह ही होते हैं। इन बॉन्ड में सरकार को कितना फायदा मिला है इसके आधार पर कॉरपोरेट भी इसी तरह के बॉन्ड जारी करते हैं।

ग्रीन बॉन्ड जारी करने के पीछे का कारण?

ग्रीन बॉन्ड के जरिए सरकार उन निवेशकों को आकर्षित करना चाह रही है जो पहले भी सरकारी बॉन्ड (Government Bonds) में पैसे लगाते रहे है। इस बॉन्ड को जारी करने से सरकार पर्यावरण और जलवायु प्रोजेक्ट (Fund for Environment) के लिए पैसे जुटा पाएगी। इसके साथ ही किसी भी तरह की पर्यावरण केंद्रित परियोजनाओं को तेजी मिलेगी और सरकार के पास फंड की कमी नहीं रहेगी।

इससे निवेशकों को क्या फायदा मिलेगा ?

ग्रीन बॉन्ड में टैक्स छूट की सुविधाएं मिलती हैं, जिस कारण इसमें निवेश करना बाकी बॉन्ड के मुकाबले ज्यादा लाभकारी होता है। इससे पहले भी जर्मनी, डेनमार्क ने हाल के कुछ सालों में अपने देश में ग्रीन बॉन्ड जारी किया है। सरकार इसे वित्त वर्ष 2022-2023 (Financial Year 2022-2023) में जारी करेगी।

Advertisement
First Published - December 10, 2022 | 11:52 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement