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डिजिटल लोन ऐप के लिए सख्त होंगे नियम: सीतारमण

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Last Updated- December 11, 2022 | 3:46 PM IST

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बिना पंजीकरण के मनमाने तरीके से काम कर रहे लोन ऐप से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के बीच इस तरह के ऐप की जांच करने के लिए कई उपायों को लागू करने का फैसला भी किया। ज्यादातर डिजिटल लोन देने वाले ऐप केंद्रीय बैंक के साथ पंजीकृत नहीं हैं। मनमाने तरीके संचालित हो रहे है। डिजिटल ऐप से  लोन  देने वालों के से उत्पीड़न के कारण कर्ज लेने वालों में आत्महत्या के मामले भी बढ़ रहे हैं।

वित्त मंत्री की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई बैठक में यह फैसला किया गया कि आरबीआई सभी कानूनी ऐप की एक सूची तैयार करेगा। इसके ही इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) यह सुनिश्चित करेगा कि केवल इन्हें ही ऐप स्टोर पर ‘होस्ट’ किया जाए। 

आरबीआई ऐसे खातों की निगरानी करेगा, जिनका इस्तेमाल धन शोधन के लिए किया जा सकता है। साथ ही किसी दुरुपयोग से बचने के लिए निष्क्रिय एनबीएफसी (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी) की समीक्षा की जाएगी। 
वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि केंद्रीय बैंक यह भी सुनिश्चित करेगा कि भुगतान ‘एग्रीगेटर्स’ का पंजीकरण एक समय सीमा के भीतर पूरा हो जाए और उसके बाद किसी भी अपंजीकृत भुगतान ‘एग्रीगेटर’ को काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। 

ऐसे ऐप के प्रसार को रोकने के लिए कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय (MCA) मुखौटा कंपनियों की पहचान करेगा और उनके दुरुपयोग को रोकने के लिए उनका पंजीकरण रद्द करेगा। इसके अलावा इन ऐप के बारे में ग्राहकों, बैंक कर्मचारियों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और अन्य संबंधित पक्षों के बीच साइबर जागरूकता बढ़ाने के लिए कदम उठाए जाएंगे। 
सीतारमण ने बैठक के दौरान खासतौर से कमजोर और निम्न-आय वर्ग के लोगों को भारी ब्याज दरों और छिपे हुए शुल्कों के साथ कर्ज देने वाले अवैध लोन ऐप के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई। 

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First Published - September 9, 2022 | 6:55 PM IST

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