facebookmetapixel
Stocks To Watch Today: Biocon, Paytm, NLC India समेत कई स्टॉक्स पर रहेगी नजरफिनटेक के BC नेटवर्क पर RBI की बढ़ सकती है निगरानी, लाइसेंस व्यवस्था पर चल रही चर्चाRBI ने बैंकों को साल भर मजबूत परिचालन अनुशासन और डेटा गवर्नेंस बनाए रखने की सलाह दीवोडाफोन आइडिया को AGR बकाया पर 54,000 करोड़ रुपये से अधिक की राहत मिलने का अनुमानWindsor बनी 2025 की सबसे ज्यादा बिकने वाली इलेक्ट्रिक कार, बिक्री 46,735 वाहन तक पहुंचीगुजरात के खोरज में नया संयंत्र लगाएगी मारुति सुजूकी, 10 लाख कारों की होगी सालाना क्षमताक्लीनर टेक्नॉलजी का उभार: भारत में EV-CNG-हाइब्रिड की हिस्सेदारी तीन साल में हुई दोगुनीमारुति सुजूकी ने इंडियन ऑयल संग किया करार, अब पेट्रोल पंपों पर मिलेगी कार सर्विसिंग की सुविधानेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 11 जनवरी तक करीब 9%बढ़ा, रिफंड घटने से बढ़ा कलेक्शनTCS में कर्मचारियों की संख्या में लगातार गिरावट, तीसरी तिमाही में 11 हजार से ज्यादा कर्मचारी हुए कम

आरबीआई की निर्यातकों को राहत

Last Updated- December 14, 2022 | 8:32 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आज निर्यातकों के लिए प्रक्रियाओं को आसान करने वाले उपायों की घोषणा की है। रिजर्व बैंक के इस कदम से व्यापारियों को ऐसे समय पर थोड़ी राहत मिलेगी जब बड़े बाजारों में कोविड के कारण नए सिरे से लॉकडाउन लगाए जाने से निर्यात के लिए मुश्किल खड़ी हो रही है।
निर्यातकों ने कहा कि रिजर्व बैंक के इन उपायों से लेनदेन में लगने वाले समय में कमी आएगी और उनकी पेरशानी कम होगी लेकिन रिजर्व बैंक को तीसरे देशों से भुगतान जैसी प्रारंभिक मुद्दों का भी हल निकालना चाहिए था।
फिलहाल कुछ प्रक्रियाओं की केंद्रीय बैंक से मंजूरी लेनी पड़ती है। रिजर्व बैंक ने आज उन नियमों को हटा दिया और बैंकों को अपने स्तर से निर्णय लेने की अनुमति दे दी।  उदाहरण के लिए बैंक अब उन मामलों में निर्यातों को नियमित कर सकते हैं जिनमें प्राप्तियां मिल गई हों। फिलहाल बैंक ऐसा 10 लाख डॉलर तक के निर्यातों के मामलों में करते हैं। इस सीमा से ऊपर जाने पर यह काम रिजर्व बैंक करता है। इन मामलों में दस्तावेज सीधे निर्यातकों से खरीदारों के पास भेज दिए जाते हैं।    
इस कदम को स्पष्ट करते हुए निर्यातकों के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गनाइजेशन (फियो) के महानिदेशक और मुख्य कार्याधिकारी अजय सहाय ने कहा कोविड के दौरान बहुत सारे निर्यातकों ने सीधे खरीदारों के पास दस्तावेज भेज दिए। दर्जा प्राप्त निर्यातकों को खरीदारों के पास सीधे दस्तावेज भेजने की अनुमति मिली हुई है लेकिन बाकी को इसकी अनुमति केवल केवल उसी सूरत में दी जाती है जब अग्रिम भुगतान हुआ हो।
कोविड के समय में कुरियर सेवा एक बड़ी चुनौती बन गई थी। लिहाजा, बहुत सारे निर्यातकों ने डिजिटल माध्यम से दस्तावेज भेज दिए हैं और निर्यातकों ने भुगतान कर दिया है।
सहाय ने कहा, ‘ऐसे में यह तार्किक है कि जब देश को भुगतान मिल गया है तो बैंक को निर्यातों को नियमित कर देना चाहिए। यह एक व्यवहारिक कदम है।’     
रिजर्व बैंक ने बैंकों को ऐसे मामलों में बिना किसी सीमा के निर्यात बिलों को बट्टे खाते में डालने की अनुमति भ्भी दे दी है जिनमें विदेशी आयातकों को दिवालिया घोषित कर दिया गया है या सीमा शुल्क विभाग या विदेश में अन्य प्राधिकारियों ने सामानों को नष्ट कर दिया है।
सहाय ने कहा कि फिलहाल बट्टे खाते में डालने की सुविधा सामान्य निर्यातकों के लिए उनके निर्यात मूल्य के 5 फीसदी तक और दर्जा प्राप्त निर्यातकों के लिए 10 फीसदी तक है। इससे ऊपर के लिए फिलहाल मंजूरी के लिए मामले को रिजर्व बैंक के पास भेजना होता है।

First Published - December 5, 2020 | 12:15 AM IST

संबंधित पोस्ट