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बाजार को ब्याज दर घटने की आस, बैंकिंग व्यवस्था में सुधर रही नकदी की स्थिति

बाजार हिस्सेदारों का कहना है कि ओवरनाइट इंडेक्स स्वैप (ओआईएस) कर्व से 2025 की शुरुआत में दर में कटौती की संभावना बन रही है।

Last Updated- September 09, 2024 | 9:46 PM IST
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सरकार के व्यय से बैंकिंग व्यवस्था में नकदी की स्थिति में सुधार को देखते हुए बाजार हिस्सेदारों को उम्मीद है कि भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) मार्च 2025 तक कुल मिलाकर नीतिगत दर में 50 आधार अंक की कटौती कर सकता है।

हिस्सेदारों का अनुमान है कि दर में कटौती को खाद्य कीमतों में होने वाली कमी का भी सहारा मिलेगा। अभी खाद्य कीमतों में गिरावट जारी है और यह जून के 8.4 प्रतिशत की तुलना में जुलाई में घटकर 5.1 प्रतिशत रह गई है।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की अर्थशास्त्री गौरा सेन गुप्ता ने कहा, ‘हम मार्च तक 50 आधार अंक की कटौती की उम्मीद कर रहे हैं। इसलिए दर में कटौती का चक्र या तो अक्टूबर में, या दिसंबर में शुरू हो जाएगा। दिसंबर में कटौती की ज्यादा संभावना दिख रही है क्योंकि रिजर्व बैंक कुछ महीने और खाद्य कीमतों की स्थिति पर नजर रखना चाहेगा, जिससे यह भरोसा हो जाए कि खाद्य महंगाई दर अब पीछे छूट गई है।’

बाजार हिस्सेदारों का कहना है कि ओवरनाइट इंडेक्स स्वैप (ओआईएस) कर्व से 2025 की शुरुआत में दर में कटौती की संभावना बन रही है। उन्हें उम्मीद है कि निकट अवधि के हिसाब से नकदी की स्थिति बेहतर बनी रहेगी।

पीएनबी गिल्ट्स में प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) विकास गोयल ने कहा, ‘नकदी की स्थिति बेहतर बनी रहेगी। रिजर्व बैंक की भी इच्छा है कि मनी मार्केट रेट, रीपो रेट के आसपास रहे। यह स्थिति होगी। ऐसे में पर्याप्त नकदी होगी और वे वीआरआरआर नीलामी जारी रखेंगे। मुझे नहीं लगता कि वे स्थाई आधार पर नकदी वापस लेने पर विचार कर रहे हैं।’

रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़ों के मुताबिक रविवार को बैंकिंग व्यवस्था में अतिरिक्त नकदी 1.52 लाख करोड़ रुपये थी। नकदी की स्थिति चालू साल के 4 अगस्त के 2.77 लाख करोड़ रुपये के साल के उच्च स्तर की तुलना में सुधरी है। अगस्त से भारित औसत काल दर और रीपो रेट की स्थिति से व्यवस्था में अतिरिक्त नकदी के असर का पता चलता है। रीपो रेट इस समय 6.50 प्रतिशत है। सोमवार को भारित औसत काल दर 6.52 प्रतिशत थी।

मैक्वैरी कैपिटल में फाइनैंशियल सर्विसेज रिसर्च के प्रमुख सुरेश गणपति ने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि रिजर्व बैंक मार्च 2025 तक कुल मिलाकर दर में 50 आधार अंक कटौती करेगा। ऋण में वृद्धि की रफ्तार सुस्त हो रही है और अतिरिक्त नकदी बनी रहने की संभावना है।’

रिजर्व बैंक ने फरवरी 2023 से नीतिगत दर यथावत रखी है और ‘विदड्राल ऑफ एकोमोडेशन’का रुख जारी है। मई 2022 और फरवरी 2023 के बीच नीतिगत रीपो रेट में 250 आधार अंक की वृद्धि हुई है और यह 6.5 प्रतिशत पर है।

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज प्राइमरी डीलरशिप में वाइस प्रेसीडेंट नवीन सिंह ने कहा, ‘रिजर्व बैंक दोनों पक्ष में है। दरों को रीपो रेट के नजदीक रखने के लिए वह जरूरत पड़ने पर व्यवस्था में नकदी मुहैया कराएंगे।’

First Published - September 9, 2024 | 9:46 PM IST

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