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सस्ता होगा कर्ज का घी

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Last Updated- December 08, 2022 | 2:08 AM IST

देश के सार्वजनिक बैंक ब्याज दरों में कटौती की सरकार की अपील पर विचार करने को तैयार हो गए हैं।


मंगलवार को हुई एक बैठक में सार्वजनिक बैंकों के प्रमुखों ने वित्त मंत्री को इस बाबत आश्वासन भी दे दिया है।

वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने बैठक के बाद यह जानकारी दी। इस मौके पर चिदंबरम ने रियल एस्टेट और छोटे एवं मझोले उद्योगों (एसएमई) को पर्याप्त नकदी मुहैया कराने का वादा भी किया।

उन्होंने बताया कि आरबीआई जल्दी ही नेशनल हाउसिंग बैंक की क्रेडिट लाइन का विस्तार कर इसे 10,000 करोड़ रुपये करेगा ताकि आवास क्षेत्र में पर्याप्त फंड उपलब्ध रहे। वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने नकदी और कर्ज की स्थिति की समीक्षा के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुख कार्यकारियों के साथ यह बैठक बुलाई थी।

बैठक में एसबीआई के अध्यक्ष ओ.पी. भट्ट, पीएनबी के प्रमुख के.सी.चक्रवर्ती, बैंक ऑफ बड़ौदा के अध्यक्ष एम.डी. माल्या, केनरा बैंक के प्रमुख ए.सी. महाजन, यूको बैंक के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एस.के. गोयल आदि ने हिस्सा लिया।

इनके अलावा वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक के उच्चाधिकारी भी इसमें शामिल थे। यह बैठक भारत के प्रमुख उद्योगपतियों की प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ मुलाकात के एक दिन बाद हुई। इस बैठक में उद्योगपतियों ने नकदी बढ़ाने और ब्याज दरों में कटौती के लिए माहौल तैयार करने के लिए कदम उठाने की मांग की थी।

बैंकर्स के साथ हुई बैठक की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि ऋण की मांग अधिक है और बैंकर दबाव महसूस कर रहे हैं। निजी और विदेशी बैंकों द्वारा भी कर्ज दरों में कटौती के मसले पर चिदंबरम ने कहा कि वित्त सचिव अरुण रामनाथन ने इस पर बातचीत के लिए बैठक बुलाई है।

यूको और सिंडीकेट बैंक ने की कटौती

पंजाब नेशनल बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के बाद यूको और सिंडिकेट बैंक ने भी अब ब्याज दरों में कटौती का ऐलान कर दिया है।

यूको बैंक ने कहा कि वह अगले हफ्ते प्रधान ऋण दरों (पीएलआर) में 50 आधार अंकों की कटौती करेगा। जबकि सिंडीकेट बैंक ने अपनी प्रमुख उधारी दर में 75 आधार अंकों की कटौती करके इसे 13.25 प्रतिशत सालाना कर दिया है। यह कटौती मंगलवार से ही प्रभावी होगी।

स्टेट बैंक भी कतार में

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने मंगलवार को कहा कि वह बुधवार को अपनी बेंचमार्क प्रधान ऋण दरों (पीएलआर) में 50 आधार अंकों तक की कटौती कर सकता है। एसबीआई के अध्यक्ष ओ.पी.भट्ट ने यहां वित्त मंत्री के साथ बैठक के बाद यह जानकारी दी।

दरों में प्रस्तावित कटौती अगले सप्ताह से प्रभावी होगी। भट्ट ने पहले कहा था कि ब्याज दर चरम पर पहुंच गई है और उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में इसमें कमी आएगी। भट्ट ने कहा- हमारी एल्को (परिसंपत्ति एवं देनदारी समिति) की बैठक बुधवार को होनी चाहिए और इसमें ही कटौती का निर्णय होने की उम्मीद है।

…इसी घी से मिटेगी मंदी की सुस्ती

कार, आवास एवं अन्य व्यावसायिक उत्पादों के लिए ऋण सस्ता हो सकता है। पीएलआर में हो रही ये कटौतियां बेहद अहम हैं। क्योंकि सभी बैंकों द्वारा दिए जाने वाले सभी किस्म के ऋण बेंचमार्क दरों से जुड़े हैं और पीएलआर में बढ़ोतरी या कटौती के साथ बढ़ते-घटते हैं।

जाहिर है, इसके चलते बाजार में नकदी का प्रवाह भी तेजी से बढ़ेगा, जिससे मंदी से मंद हो रहे औद्योगिक उत्पादन और अन्य कारोबारी क्षेत्रों को फिर से रफ्तार मिल सकेगी।

…बाजार में तो ऐलान भर से ही आ गई चुस्ती-फुर्ती

वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद जाहिर करने से शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखी गई। इससे पहले बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी, दोनों गिरावट पर खुले थे और ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली भी देखी गई, लेकिन वित्त मंत्री के बयान के बाद बाजार में तेजी आनी शुरू हुई।

कारोबार समाप्ति पर सेंसेक्स 293.44 अंक ऊपर 10,631.12 के स्तर पर, जबकि निफ्टी 98.25 अंक ऊपर 3142.10 के स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स में सबसे ज्यादा करीब 14 फीसदी का उछाल रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ के शेयरों में देखा गया।

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First Published - November 4, 2008 | 10:35 PM IST

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