facebookmetapixel
Advertisement
आनंद महिंद्रा का बड़ा संदेश: अनिश्चितता में अवसर, आक्रामक रणनीति से होगी ग्रोथRBI का बड़ा फैसला: अब बैंक बल्क डिपॉजिट पर तय कर सकेंगे अलग ब्याज दरें, 1 अक्टूबर से लागू होंगे नए नियमNTPC का बड़ा बदलाव: पहली बार कोयला परियोजनाओं से आगे निकली रिन्यूएबल ऊर्जा, FY37 तक 250 GW क्षमता का लक्ष्यSun Pharma को ब्राजील में सेमाग्लूटाइड इंजेक्शन बेचने की मंजूरी, GLP-1 पोर्टफोलियो होगा मजबूतक्रिसकैपिटल ने पूरी की नोवार्टिस इंडिया में हिस्सेदारी खरीदने की प्रक्रिया, नए CEO और बोर्ड का ऐलानRPG Life Sciences ने अपना API कारोबार अलग किया, InvAscent करेगा ₹243 करोड़ का निवेशM&M Q1FY27 Results: SUV और ट्रैक्टर की दमदार बिक्री से मुनाफा 34% बढ़ा, FY31 तक दोगुनी होगी उत्पादन क्षमताTata Steel Q1 Results: मुनाफा 14% बढ़कर ₹2,318 करोड़, एएम/एनएस इंडिया का एबिटा 28.5% बढ़ाबैंक कर्मचारियों की मिलीभगत और धोखाधड़ी का काला खेल, जानें कैसे खाली हो रही है एफडी?केवल परीक्षा सुधार नहीं, युवाओं के लिए ज्यादा रोजगार और कौशल विकास भी जरूरी

अमरीकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 32 पैसे कमजोर हुआ

Advertisement
Last Updated- December 08, 2022 | 8:46 AM IST

शुरुआती कारोबार के दौरान आज भारतीय रुपया अमरीकी डॉलर के मुकाबले 32 पैसे कमजोर हो गया। विदेशी फंडों द्वारा पूंजी निकासी, एशियाई बाजारों में कमजोरी और आयातकों द्वारा डॉलर की मांग आदि कारणों के चलते रुपये में कमजोरी आयी।
इंटरबैंक विदेशी विनियम बाजार में घरेलू मुद्रा अमरीकी मुद्रा के मुकाबले शुरुआती कारोबार में 48.65 के स्तर पर कारोबार करता रहा, जिसमें कल के बंद हुए 48.33/34 के स्तर पर 32 पैसै की कमजोरी रही। उल्लेखनीय है कि कल भारतीय रुपया अमरीकी डॉलर के मुकाबले एक महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचा था।
डीलरों का मानना है कि विदेशों फंडों द्वारा पूंजी की निकासी, आयातकों द्वारा डॉलर की बढ़ती मांग और एशियाई बाजारों में आई कमजोरी के बाद घरेलू बाजारों में भी गिरावट की आशंक के चलते घरेलू मुद्रा में गिरावट आयी है।

Advertisement
First Published - December 12, 2008 | 12:22 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement