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ब्रोकिंग इकाई की 12 फीसदी हिस्सेदारी बेच सकता है आईसीआईसीआई बैंक

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Last Updated- December 05, 2022 | 5:30 PM IST

आईसीआईसीआई बैंक की ब्रोकिंग इकाई में हिस्सेदारी के लिए दुनिया के बड़े वित्तीय संस्थानों में होड़ लगी हुई है।


गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टैनली, जेपी मॉर्गन, क्रेडिट सुईस और नोमुरा जैसे दिग्गज वैश्विक वित्तीय संस्थान (ग्लोबल फाइनैंशियल इंस्टीटयूशंस) आईसीआईसीआई सिक्यूरिटीज (आई-सेक)- जो आईसीआईसीआई बैंक की एक ब्रोकिंग इकाई है- के पहले पब्लिक इश्यू (आईपीओ) से पहले के इक्विटी प्लेसमेंट की जुगत में लगी हुई है।इन मामलों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि आईसीआईसीआई बैंक ने विभिन्न वित्तीय संस्थानों में से 12 से 15 अभिरुचि पत्रों को अलग कर लिया है।


सूत्रों ने यह भी जानकारी दी कि इस संबंध में जल्द ही फैसला लिया जाएगा। जेपी मॉर्गन बैंक के प्री-आईपीओ प्लेसमेंट के सलाहकार हैं। हालांकि, आईपीओ के लिए मर्चेंट बैंकरों को अंतिम रूप दिया जाना अभी बाकी है। सूत्रों ने बताया कि आईसीआईसीआई सिक्यूरिटीज के लिए प्रस्तावित आईपीओ को संस्थागत निवेशकों के सामने 3 से 5 फीसदी रखा जाएगा और बाकी बचे 5 से 7 फीसदी को सार्वजनिक रूप से बेचा जाएगा।


उल्लेखनीय है कि आईसीआईसीआई बैंक अपने एक ब्रोकिंग फर्म के करीब 10 से 12 फीसदी शेयर को बेचने की योजना बना रहा है। सूत्रों के मुताबिक आईसीआईसीआई सिक्यूरिटीज के शेयरों का मूल्य 7.5 अरब डॉलर (लगभग 30,000 करोड़ रुपये) है। इसका मतलब यह हुआ है कि आई-सैक के 10 से 12 फीसदी शेयरों की कीमत 3,000 से 3,600 करोड़ रुपये के आसपास होगी। इसमें कोई शक नहीं कि भारत में किसी निवेश बैंक द्वारा यह सबसे उच्चतम मूल्य निर्धारण होगा।


इस साल के आरंभ में ही बैंक के बोर्ड ने आईसीआईसीआई सिक्यूरिटीा की सूचीकरण (लिस्टिंग) को स्वीकृति प्रदान की थी। हालांकि बैंक की अन्य पांच असूचीगत सहायक संस्थाओं में आईसीआईसीआई वेंचर्स, प्रूडेंशियल आईसीआईसीआई एएमसी, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस और आईसीआईसीआई सिक्यूरिटीज प्राइमरी डीलरशिप शामिल है।


आई-सैक के पास वित्तीय संस्थान और रिटेल ब्रोकिंग से इतर एक सफल निवेश बैंकिंग व्यवसाय भी है। आईसीआईसीआई डॉट कॉम देश की बड़ी ऑनलाइन ब्रोकरेजों में से एक है। इसके वेबसाइट के करीब 13 लाख ग्राहक हैं।


उल्लेखनीय है कि फरवरी 2007 में जेएम फाइनैंशियल ने अपने 49 फीसदी हिस्सेदारी को 44.5 करोड़ डॉलर में जेएम मॉर्गन स्टैनली सिक्यूरिटीज को बेच दिया था। इसमें कोई शक नहीं कि आईसीआईसीआई सिक्यूरिटीज के 7.5 अरब डॉलर से निवेश बैंक शीर्ष पर पहुंच जाएंगे। हाल ही में सर्राफा बाजारों में घरेलू ब्रोकरेज कंपनियों, उदाहरण के लिए इडलवाइज, मोतीलाल ओसवाल और रेलिगेयर की शानदार शुरुआत देखने को मिली।


समझौते से जुड़ी बातें:


आईसीआईसीआई बैंक अपने 10 से 12 फीसदी शेयर को ब्रोकिंग फर्मों में बेचने की योजना बना रहा है।
जेपी मॉर्गन बैंक के प्री-आईपीओ प्लेसमेंट के लिए सलाहकार के रूप में है।
आईसीआईसीआई सिक्यूरिटीज के लिए प्रस्तावित आईपीओ को संस्थागत निवेशकों के सामने 3 से 5 फीसदी रखा जाएगा और बाकी बचे 5 से 7 फीसदी को सार्वजनिक रूप से बेचा जाएगा।

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First Published - April 1, 2008 | 11:44 PM IST

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