facebookmetapixel
Advertisement
‘एक पर हमला, सब पर हमला’: पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने मक्का समझौते पर किए हस्ताक्षर‘NTA की लापरवाही और सुरक्षा खामियों से लीक हुआ प्रश्नपत्र’, नीट UG 2026 को लेकर CBI ने किया खुलासाविदेशी निवेश को मिलेगा सहारा, नए BIT मॉडल पर जल्द फैसला करेगी सरकार; खाका तैयारअमेरिका में जन्म से नागरिकता पाना होगा मुश्किल, ट्रंप ने जारी किए दो नए आदेशडीपफेक और AI कंटेंट पर सरकार ने बढ़ाई सख्ती, मेटा से मांगी सुधार की रिपोर्टFCRA संशोधन विधेयक पर अगले सप्ताह संसद में घमासान के आसार, सरकार ने आलोचना की खारिजRBI के नए ड्राफ्ट नियमों से NBFC पर बढ़ा दबाव, बजाज फाइनैंस समेत कई कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावटEditorial: डिजिटल पेमेंट को टिकाऊ बनाना है तो जीरो MDR पर नए सिरे से सोचना जरूरीशेयर बाजार में Authorized Persons के नियम होंगे कड़े, Brokers की Compliance जिम्मेदारी भी बढ़ेगीचार महीने की बिकवाली के बाद FPI की वापसी, भारतीय बाजार में Consumer और IT शेयरों पर फोकस

फ्रेंच बैंक सोसियाते जेनराल खोलेगा भारत में शाखाएं

Advertisement
Last Updated- December 07, 2022 | 7:05 AM IST

फ्रेंच बैंक सोसियाते जेनराल (एसओजीएन) ने भारत में अपने प्राइवेट बैंकों के विस्तार के लिए एक आक्रामक  योजना बनाई है।


इसके तहत बैंक ने अपने कर्मचारियों समेत अपनी शाखाओं की संख्या को दोगुनी करने की सोची है। बैंक के इंडियन यूनिट के प्राइवेट हेड बालाकृष्णन कु. इस बारे में कहते हैं कि बैंक की योजना के मुताबिक अगले तीन सालों के  भीतर रिलेशनशिप मैनेजरों की संख्या को दुगुना किए जाने की बात है।

इसके अलावा मौजूदा दिल्ली और मुंबई समेत और आठ से दस शहरों में हमने ट्रस्ट सर्विस स्थापित करने की सोची है। बैंक के भारत में अपनी शाखाओं को बढ़ाने के मद्देनजर वजह बताते हुए बालाकृष्णन कहते हैं कि बैंक भारत में उदारीकरण और ग्रोइंग वेल्थ को भुनाना चाहती है। बालाकृष्णन आगे कहते हैं कि बाजार के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ रही है,यहां की परिसंपत्तियों में इजाफा हो रहा है।

इसके अलावा लखपतियों की संख्या भी बड़ी तेजी से बढ़ रही है, लिहाजा बैंक का भारत की ओर मुखातिब होना लाजिमी है। मालूम हो कि भारत में लखपतियों की संख्या 21 फीसदी की दर से बढ़ रही है। मेरिल लिंच की रिपोर्ट के मुताबिक 2006 में भारत की लाखपतियों की संख्या 1 लाख थी। नतीजतन इसने अंतरराष्ट्रीय बाजार का भारत में विस्तार को प्रोत्साहित किया है।

इस बाबत मॉर्गन स्टैनली का कहना है कि उसने भारत के घरेलू बाजार को भुनाने की कवायद में 100 प्राइवेट बैंक हायर किए हैं। इस प्रकार उसका उद्देश्य भारत में 2010 तक कुल 1 अरब डॉलर की परिसंपत्तियों का प्रबंधन करना है। उधर सोसियाते जेनराल ने भारत में हेड ऑफ एसजी प्राइवेट बैंक निपुण मेहता को नियुक्त किया है।

Advertisement
First Published - June 24, 2008 | 9:52 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement