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वित्त वर्ष 22 में ऋण वृद्धि तेज

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Last Updated- December 11, 2022 | 8:06 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2022 के दौरान बैंक ऋण में 8.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसे खुदरा व कृषि क्षेत्र से मदद मिली है। यह पहले के वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 21) में हुई 5.6 प्रतिशत वृद्धि की तुलना में अधिक है।
अभी समाप्त हुए वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 22) में दो बातें अहम रही हैं, जिसमें सितंबर 2021 तक कोविड-19 महामारी का विपरीत असर और उसके बाद अक्टूबर 2021 से खासकर खुदरा के साथ उद्योगों के कर्ज में तेज बढ़ोतरी शामिल है। पहली छमाही में पिछले साल की तुलना में ऋण में वृद्धि 5.5 से 6.7 प्रतिशत के बीच रही और उसके बाद तेजी शुरू हुई।
रिजर्व बैंक के आंकड़ों से पता चलता है कि कुल मिलाकर बैंकों ने वित्त वर्ष 22 में 9.41 लाख करोड़ रुपये कर्ज दिए हैं, जबकि वित्त वर्ष 21 में 5.8 लाख करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 20 में 5.99 लाख करोड़ रुपये कर्ज दिया गया था। वित्त वर्ष 22 के कुल कर्ज में 1.78 लाख करोड़ रुपये कर्ज 25 मार्च, 2022 को समाप्त अंतिम पखवाड़े में दिया गया।
वहीं वित्त वर्ष 22 में जमा में वृद्धि 8.94 प्रतिशत रही है, जो वित्त वर्ष 21 में 11.4 प्रतिशत थी। बैंकों में वित्त वर्ष 22 के अंतिम पखवाड़े में 1.89 लाख करोड़ रुपये जमा किए गए।
बैंकरों ने कहा कि कर्ज में बढ़ोतरी में मुख्य भूमिका खुदरा और कृषि क्षेत्र की है। औद्योगिक क्षेत्र में ऋण वृद्धि को एमएसएमई से समर्थन मिला है, जबकि बड़े उद्योगों में संकुचन की स्थिति बदली है।
बैंंक आफ महाराष्ट्र के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी एएस राजीव ने कहा कि दूसरी छमाही में मुख्य रूप से वृद्धि को गति मिली है, जिस पर त्योहारों का भी असर रहा है, वहीं औद्योगिक क्षेत्र से मांग सुधरी है। पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर 2021) में प्रदर्शन पर कोविड-19 की दूसरी लहर का असर रहा है।
अप्रैल 2021 से फरवरी 2022 के दौरान 11 महीनों में खुदरा क्षेत्र यानी हाउसिंग, क्रेडिट कार्ड, वाहन और व्यक्तिगत ऋण आदि में वृद्धि 11.4 प्रतिशत रही है और 3.12 लाख करोड़ रुपये कर्ज दिया गया है। अप्रैल 2020 और फरवरी 2021 के बीच खुदरा कर्ज में वृद्धि 8.9 प्रतिशत थी। कृषि क्षेत्र से ग्रामीण इलाकों के प्रदर्शन का पता चलता है, जहां फरवरी 2022 मेंं 7.9 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है, यह फरवरी 2021 के 8.3 प्रतिशत की तुलना में कम है। वित्त वर्ष 22 के 11 महीनों में औद्योगिक सेग्मेंट में ऋण वृद्धि 3.4 प्रतिशत रही है, जबकि फरवरी 2021 में 2.6 प्रतिशत संकुचन आया था। 

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First Published - April 7, 2022 | 11:40 PM IST

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