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एचडीएफसी बैंक पर दबाव से प्रतिस्पर्धियों के शेयर बढ़े

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Last Updated- December 14, 2022 | 8:35 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक  द्वारा देश में निजी क्षेत्र के सबसे बड़े ऋणदाता एचडीएफसी बैंक को नए क्रेडिट कार्ड उपयोगकर्ताओं को शामिल करने और नई डिजिटल बैंकिंग पहलें शुरू करने से रोके जाने के बाद गुरुवार को भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), एसबीआई काड्र्स ऐंड पेमेंट सर्विसेज और बजाज फिनसर्व के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली।
एसबीआई का शेयर 3.9 प्रतिशत, एसबीआई काड्र्स 5.3 प्रतिशत और बजाज फिनसर्व 3.5 प्रतिशत चढ़ा। वहीं दूसरी तरफ, एचडीएफसी बैंक के शेयर में 2.1 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई।
विश्लेषक अंबरीश बालिगा ने कहा, ‘चूंकि एचडीएफसी बैंक को नए कार्ड जारी नहीं करने को कहा गया है, इसलिए एसबीआई काड्र्स इसका बड़ा लाभार्थी है। लेकिन यह प्रतिबंध लंबे समय तक बने रहने की संभावना नहीं है। हालांकि एचडीएफसी बैंक की आईटी समस्याएं सामने आई हैं और वह इसे जल्द दूर करने की कोशिश कर सकता है।’एचडीएफसी बैंक भारत में सबसे बड़ा क्रेडिट कार्ड जारीकर्ता है, और एसबीआई काड्र्स देश में दूसरा सबसे बड़ा क्रेडिट कार्ड जारीकर्ता बैंक है। 2020 की पहली छमाही के दौरान, दोनों बैंक एचडीएफसी बैंक
और एसबीआई काड्र्स नए क्रेडिट कार्ड जोडऩे के संदर्भ में कड़े प्रतिस्पर्धी थे।
स्टैंडर्ड लाइफ ने घटाया एचडीएफसी लाइफ में हिस्सा
लंदन की स्टैंडर्ड लाइफ ने गुरुवार को एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस की 1.38 फीसदी हिस्सेदारी 619.15 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से बेचकर 1,720 करोड़ रुपये जुटाए। कई संस्थागत निवेशक खरीदारों में शामिल हुए। इस बिक्री के बाद एचडीएफसी लाइफ में स्टैंडर्ड लाइफ की हिस्सेदारी घटकर 8.89 फीसदी रह गई। संयुक्त उदद्यम साझेदार लगातार इस बीमा कंपनी में अपनी हिस्सेदारी घटा रही है। साल 2017 में एचडीएफसी लाइफ के आईपीओ से पहले स्टैंडर्ड लाइफ की हिस्सेदारी 35 फीसदी थी। बीएस

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First Published - December 3, 2020 | 11:32 PM IST

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