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बड़ी हिस्सेदारी बिक्री पर नजर बनी रहेगी

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Last Updated- December 15, 2022 | 5:17 AM IST

निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन (दीपम) के सचिव तुहिन कांत पांडे ने शुक्रवार को कहा कि भले ही कोविड-19 महामारी ने कुछ समस्याएं पैदा की हैं, लेकिन सरकार चालू वित्त वर्ष में अपने 2.1 लाख करोड़ रुपये के विनिवेश लक्ष्य को पूरा करने के लिए बड़ी हिस्सेदारी बिक्री पर ध्यान बरकरार रखेगी।
भारत बॉन्ड ईटीएफ पर एक वेबिनार में बोलते हुए पांडे ने कहा, ‘कई रणनीतिक सौदे हो रहे हैं और वे सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कोविड-19 महामारी की वजह से कुछ समस्या आई थी।’
सरकार ने कोविड-19 महामारी की वजह से बड़े बिक्री सौदों के लिए आशय पत्रों (ईओआई) के लिए समय-सीमा बढ़ाई है।
हाल में सरकार ने एयर इंडिया के लिए सौंपी जाने वाली बोलियों के लिए अंतिम समय-सीमा बढ़ाकर 31 अगस्त की है। सरकार ने ईओआई सौंपने के लिए समय-सीमा बढ़ाकर 31 जुलाई 2020 कर दी है।
दीपम सचिव ने इस बारे में सवाल का जवाब देने में बचाव किया कि क्या सरकार मौजूदा बाजार हालात को देखते हुए वित्त वर्ष 2021 के लिए अपने विनिवेश लक्ष्य में बदलाव लाने पर विचार कर रही है।
पांडे ने बीमा दिग्गज एलआईसी की आईपीओ प्रक्रिया के बारे में ताजा जानकारी देने से भी इनकार कर दिया।
बड़ी बिक्री में एयर इंडिया, बीईएमएल, सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स, स्कूटर्स इंडिया, भारत पंप्स ऐंड कम्प्रेशर शामिल हैं और सेल में भी कुछ हिस्सेदारी बेची जानी है।
मई में सरकार ने कहा था कि रणनीतिक क्षेत्रों में सार्वजनिक क्षेत्र की अधिकतम चार कंपनियां होंगी।
भारत बॉन्ड ईटीएफ की दूसरी सीरीज के जरिये, सरकार के स्वामित्व वाली कंपनियां 14,000 करोड़ रुपये जुटा सकेंगी।
अन्य सरकारी ईटीएफ (जिनमें निवेशक अलग अलग सरकारी पीएसयू के इक्विटी शेयरों में निवेश कर सकते हैं) के विपरीत, भारत बॉन्ड ईटीएफ में निवेशकों को सरकारी पीएसयू के ऋण पत्रों के पोर्टफोलियो में निवेश की अनुमति होगी। ईटीएफ अभिदान के लिए 14 जुलाई को खुलेगा और 17 जुलाई को बंद होगा।

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First Published - July 4, 2020 | 12:07 AM IST

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