facebookmetapixel
Advertisement
फिनो पेमेंट्स बैंक संकट के बाद फिनटेक कंपनियों में हड़कंप, अब CEO-CFO खुद संभाल रहे कमानHDFC Bank के शेयरों में गिरावट से म्युचुअल फंड पोर्टफोलियो को 50,000 करोड़ रुपये का नुकसानअनिल अंबानी पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, संदेसरा बंधुओं की तर्ज पर कर्ज में राहत देने की अपीलFPIs की बिकवाली 1 लाख करोड़ रुपये के पार, घरेलू निवेशकों ने संभाली स्थितिनीति आयोग ने चुपके से बदली परिवहन रिपोर्ट, वाहन कंपनियों के विरोध के बाद EV पर रुख हुआ और साफआंध्र प्रदेश में AMNS इंडिया का बड़ा धमाका, 1.36 लाख करोड़ रुपये के स्टील प्लांट की रखी नींवEditorial: ‘भव्य’ योजना से मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की कवायदसड़कों पर दौड़ रहे 12 साल पुराने 19 लाख ट्रक, रिप्लेसमेंट को लेकर टाटा-अशोक लीलैंड के सामने बड़ी चुनौतीआज के बेचैन दर्शकों के युग में कहानियां बयां करने के बदल रहे तरीकेशत्रुतापूर्ण साइबर ऑपरेशन्स के नए युग में भारत की साइबर सीमाओं की सुरक्षा जरूरी

2022 में UPI से लेनदेन का बना रिकॉर्ड

Advertisement

NPCI के आंकड़े दर्शाते हैं कि कैलेंडर वर्ष 2022 में, UPI ने 74 अरब से अधिक लेनदेन की है, जिसकी कीमत 125.94 लाख करोड़ रुपये है।

Last Updated- January 06, 2023 | 11:01 PM IST
Maldives President Muizzu takes “necessary steps” to launch UPI payment service मालदीव के राष्ट्रपति Muizzu ने UPI पेमेंट सर्विस शुरू करने के लिए उठाए ‘‘आवश्यक कदम’’

भारत का प्रमुख भुगतान मंच यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने कैलेंडर वर्ष के अंत में यानी दिसंबर में 12.82 लाख करोड़ रुपये के 7.82 अरब लेनदेन किए। यह एक रिकॉर्ड भी है।
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) के जारी आंकड़ों के अनुसार देश का खुदरा डिजिटल भुगतान नवंबर की तुलना में दिसंबर में लेनदेन की मात्रा 7.12 फीसदी अधिक थी, जबकि समान अवधि के दौरान लेनदेन का मूल्य 7.73 फीसदी अधिक था। सालाना आधार पर, दिसंबर में लेनदेन की मात्रा 71 फीसदी और लेनदेन का मूल्य 55 फीसदी अधिक रहा।
पिछले दो वर्षों से UPI लेनदेन की मात्रा और मूल्य लगातार ऊपर बना हुआ है। इसके अलावा महामारी संबंधी प्रतिबंधों के कारण कुछ महीनों में मामूली उतार-चढ़ाव के बाद उपभोक्ताओं द्वारा दैनिक लेनदेन के लिए भुगतान के डिजिटल मोड को अपनाए जाने में वृद्धि हुई है। जो अर्थव्यवस्था में व्यापक सुधार को दर्शाता है।
NPCI के आंकड़े दर्शाते हैं कि कैलेंडर वर्ष 2022 में, UPI ने 74 अरब से अधिक लेनदेन की है, जिसकी कीमत 125.94 लाख करोड़ रुपये है। जबकि 2021 में मंच ने 71.54 लाख करोड़ रुपये के 38 अरब से अधिक लेनदेन  थी। इसलिए, एक साल में मंच पर लेन-देन की मात्रा में 90 फीसदी से अधिक की वृद्धि हुई है और मूल्य में 76 फीसदी की वृद्धि हुई है।
2016 में शुरू होने के लगभग तीन साल बाद UPI ने अक्टूबर 2019 में पहली बार एक अरब लेनदेन को पार किया था। लेकिन तब से, अरब लेनदेन बहुत ही कम समय में हुए हैं। इसके बाद एक साल से भी कम समय में अक्टूबर 2020 में इसने 2 अरब से अधिक लेनदेन संसाधित किए और अगले दस महीनों के भीतर यूपीआई ने एक महीने में 3 अरब से अधिक लेनदेन संसाधित किए।
भुगतान प्लेटफॉर्म को प्रति माह 3 अरब से 4 अरब लेनदेन तक पहुंचने में केवल तीन महीने लगे। वृद्धिशील 1 अरब लेनदेन केवल 6 महीने के समय में हासिल किए गए। प्रति माह 5 अरब लेनदेन से 6 अरब तक का सफर केवल 4 महीनों में तय किया गया। अगले तीन महीनों में लेन-देन 7 अरब अंक से ऊपर हो गया। यूपीआई को अपनाने में पिछले दो वर्षों में कई गुना वृद्धि हुई है।
इतना कि प्लेटफ़ॉर्म अब पीयर-टू-पीयर (पीटूपी) लेनदेन की तुलना में अधिक मात्रा में पीयर-टू-मर्चेंट (पीयूएम) लेनदेन कर रहा है। NPCI एक दिन में एक अरब लेनदेन का लक्ष्य बना रहा है और अगले 3-5 वर्षों में इसे प्राप्त करने की उम्मीद भी कर रहा है।

Advertisement
First Published - January 6, 2023 | 11:01 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement