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अनलॉक में यात्रा की दबी मांग आने लगी बाहर

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Last Updated- December 14, 2022 | 10:39 PM IST

दबी मांग बाहर निकलनी शुरू होने और धीरे-धीरे प्रतिबंधों को हटाए जाने से यात्रा क्षेत्र में उम्मीद पैदा हो रही है। यह क्षेत्र कोविड-19 की वजह से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यात्रा क्षेत्र में सुधार का पहला संकेत गांधी जयंती के लंबे सप्ताहांत के दौरान मिला। यात्रा कंपनियों और होटलों को आने वाले महीनों में मांग और बढऩे की उम्मीद है।
क्लियरट्रिप डॉट कॉम के कंपनी रणनीति प्रमुख आदित्य अग्रवाल ने कहा, ‘लॉकडाउन और प्रतिबंधों से लोगों ने यात्रा में और देरी की। अब लोगों में भरोसा बहाल हो रहा है और पाबंदियों में भी ढील दी जा रही है, इसलिए हमें उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों के दौरान यात्रा में बढ़ोतरी होगी और यह कोविड से पहले के स्तर पर आ जाएगी।’
क्लियरट्रिप डॉट कॉम के मुताबिक उड़ानों की बुकिंग महामारी से पहले के स्तर के मुकाबले करीब 40 फीसदी पर पहुंच गई हैं। ये अगस्त में 20 फीसदी और सितंबर में 30 फीसदी से अधिक हैं। अग्रवाल ने कहा, ‘अगस्त में होटल बुकिंग पिछले साल की तुलना में केवल सात फीसदी थीं। ये सितंबर में बढ़कर 15 फीसदी पर पहुंच गईं। हमारा अनुमान है कि अगले तीन महीनों में ये बढ़कर पिछले साल की तुलना में 25 फीसदी हो जाएंगी।’ वह कहते हैं कि ज्यादातर बुकिंग यात्रा की तारीख से 15 दिन से भी कम समय पहले हो रही हैं। यह इस बात का संकेत है कि लोग महामारी को लेकर सतर्क हैं। महानगरों के आसपास की सप्ताहांत बिताने की जगहों पर मांग बढ़ी है। लोग यात्रा योजना बनाते समय स्वच्छता एवं सुरक्षा पर जोर दे रहे हैं। सलाहकार कंपनी होटेलीवेट के सह-संस्थापक मानव थडानी ने कहा, ‘जो लेजर होटल महानगरों से इतनी ही दूर हैं कि वहां कार से सफर तय करके पहुंचा जा सकता है, उनमें रोजाना औसतन 80 फीसदी कमरे भरे रहते हैं। यह स्तर कोविड से पहले की तुलना में काफी अधिक है।’ उन्होंने कहा, ‘उन्हें केवल कॉरपोरेट और बैठक, प्रोत्साहन, सम्मेलन एवं प्रदर्शनी (एमआईसीईओ) से संबंधित कारोबार नहीं आने की कमी खल रही है।’ राज्य भी पर्यटकों को लुभाने के लिए कदम उठा रहे हैं। पिछले महीने उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड ने अपनी पर्यटन प्रोत्साहन कूपन योजना के तहत होटलों में ठहरने पर 25 फीसदी छूट देना शुरू किया है। केरल में पिछले महीने कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़े, मगर राज्य ने एक बार फिर अपने दरवाजे पर्यटकों के लिए खोल दिए हैं। बीच को छोड़कर अन्य सभी पर्यटन स्थल इस सप्ताह खोल दिए गए हैं। हालांकि कोविड-19 के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। गोवा में भी घरेलू पर्यटकों की तादाद बढ़ रही है। लेकिन वहां के स्थानीय होटल निराश हैं क्योंकि सरकार ने विदेशी चार्टर उड़ानों को मंजूरी नहीं दी है।
सप्ताह के दिनों में गोवा हवाई अड्डे पर 20 से 25 उड़ान आती-जाती हैं। यह संख्या सप्ताहांत में बढ़कर करीब 30 हो जाती है। गोवा हवाई अड्डे के निदेशक गगन मलिक ने कहा कि अक्टूबर के आखिर तक 8 से 10 और उड़ानें शुरू होने की संभावना है। इस समय राज्य में आने वाले यात्रियों की संख्या जाने वाले यात्रियों से अधिक है।
फ्लाइट सेंटर ट्रैवल ग्रुप के भारतीय कारोबार के प्रबंध निदेशक रक्षित देसाई ने कहा, ‘लोगों का एक खास वर्ग है, जो बड़े उत्साह से यात्रा कर रहा है। इनमें युवा, कार्मिक पेशेवर आदि शामिल हैं, जो कार्यालय से दूर बैठे काम करने का सबसे ज्यादा फायदा उठा रहे हैं। लेकिन परिवार और सबसे अधिक जोखिम वाले वरिष्ठ नागरिक घर रहने को तरजीह दे रहे हैं।’ देसाई ने कहा कि सुरक्षा, पहुंच और निजता जैसे कारक मांग बढ़ा रहे हैं और लक्जरी एवं बुटिक प्रॉपर्टीज इस मानदंड पर खरे उतर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय जगहों में मालदीव और दुबई में सुधार के संकेत दिख रहे हैं।’ हालांकि सीमित उड़ानों, पार्क एवं स्मारक बंद होने, होटलों के सुख-सुविधाएं कम करने समेत सीमित क्षमता पर परिचालन जैसी कुछ दिक्कतें हैं। मगर होटलों में मांग धीरे-धीरे बढ़ रही है।
रेडिसन होटल ग्रुप (दक्षिण एशिया) के प्रबंध निदेशक जुबिन सक्सेना ने कहा, ‘लघु समूह खंड में मांग बढ़ी है और उन क्वारंटीन स्टे को बदल दिया है, जिनका अब तक ऑक्यूपेंसी रुझानों पर दबदबा था। हमारे कारोबार में भी पिछले कुछ सप्ताह के दौरान खाद्य एवं पेय राजस्व में सुधार आया है।’
ताज होटल और एक्कोर समूह भी सभी तरह के होटलो में कमरे भरने के स्तर में बढ़ोतरी दर्ज कर रहे हैं। इन्होंने छूट, मूल्य संवर्धित रूम पैकेज और अन्य उपभोक्ता पेशकश शुरू की हैं। ताज होटल्स ने कहा कि गोवा, चेन्नई और उत्तराखंड के लेजर रिसोर्ट में कमरे भरने का स्तर अच्छा है।
मैरियट इंटरनैशनल ने कहा कि उसने यह रुझान दर्ज किया है कि उसके होटलों में आने वाले लोगों में से बहुत से दोबारा बुकिंग कर रहे हैं। एक्कोर इंडिया ऐंड साउथ एशिया के उपाध्यक्ष (वाणिज्य) केरी हैन्नाफोर्ड ने कहा, ‘सप्ताहांत में ठहरने के लिए बुकिंग बढ़ रही हैं, जिससे घरेलू यात्रा के लिए मांग बढऩे का संकेत मिलता है।’ हालांकि इस बात से हर कोई सहमत नहीं है। डेलॉयट इंडिया में पार्टनर रजत महाजन ने कहा, ‘कुछ लोग इसे दबी मांग निकलना कह रहे हैं, लेकिन उद्योग पूरी तरह उबरने से दूर है।’ इसके बावजूद संकेत उत्साहजनक हैं।

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First Published - October 15, 2020 | 11:37 PM IST

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