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S&P ने 6.8 फीसदी पर बरकरार रखा जीडीपी वृद्धि का अनुमान

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वित्त वर्ष 2026 और वित्त वर्ष 2027 में एसऐंडपी ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर क्रमशः 6.9 फीसदी और 7 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है।

Last Updated- June 24, 2024 | 9:34 PM IST
IPEF

एसऐंडपी ग्लोबल रेटिंग ने वित्त वर्ष 2025 के लिए भारत की वृद्धि का अनुमान 6.8 फीसदी पर बरकरार रखा है। सोमवार को जारी एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, उच्च ब्याज दरों और कम राजकोषीय समर्थन के कारण गैर कृषि क्षेत्रों में घटती मांग को देखते हुए एजेंसी ने यह अनुमान रखा है।

एशिया प्रशांत क्षेत्र के आर्थिक परिदृश्य पर रेटिंग एजेंसी ने कहा, ‘भारत की आर्थिक वृद्धि ऊपर रहते हुए चकित करना जारी रखेगी। वित्त वर्ष 2024 के लिए जीडीपी वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर 8.2 फीसदी कर दिया गया था। लेकिन हम उम्मीद कर रहे हैं कि मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान ज्यादा ब्याज दर और कम प्रोत्साहन के कारण गैर कृषि क्षेत्रों में मांग में कमी आएगी, जिसे देखते हुए हम 6.8 फीसदी वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं।’

वित्त वर्ष 2026 और वित्त वर्ष 2027 में एसऐंडपी ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर क्रमशः 6.9 फीसदी और 7 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है।

एसऐंडपी ने वर्ष2024 के लिए चीन की वृद्धि दर का अनुमान भी 4.6 फीसदी से बढ़ातर 4.8 फीसदी कर दिया है, लेकिन उसका अनुमान है कि जून तिमाही में पिछली तिमाही की तुलना में सुस्ती रहेगी।

रेटिंग एजेंसी ने अनुमान लगाया है कि इस वित्त वर्ष में भारतीय रिजर्व बैंक रीपो रेट घटाकर 6 फीसदी कर देगा, जो इस समय 6.5 फीसदी है। इसके साथ ही एजेंसी ने वित्त वर्ष 2025-26 और वित्त वर्ष 2026-27 में उधारी दर क्रमशः 5.5 फीसदी और 5.25 फीसदी तक आने का अनुमान लगाया है।

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First Published - June 24, 2024 | 9:34 PM IST

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