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डॉलर के मुकाबले रुपया नए निचले स्तर पर बंद हुआ

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इसकी वजह डॉलर इंडेक्स और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी है।

Last Updated- November 30, 2023 | 11:47 PM IST
Rupee vs Dollar

डॉलर इंडेक्स और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते भारतीय रुपये ने गुरुवार को डॉलर के मुकाबले 83.39 रुपये के नए निचले स्तर को छू लिया। डीलरों ने यह जानकारी दी। भारतीय मुद्रा बुधवार को 83.33 प्रति डॉलर पर टिका था।

रुपये का पिछला अब तक का निचला स्तर 83.35 प्रति डॉलर 20 नवंबर को देखने को मिला था। 10 नवंबर को कारोबारी सत्र के दौरान रुपये ने डॉलर के मुकाबले 83.48 के रिकॉर्ड निचले स्तर को छुआ था। इस महीने उभरते बाजारों की मुद्राओं ने डॉलर के मुकाबले कुछ बढ़त दर्ज की, लेकिन भारतीय रुपया अपने समकक्षों से पिछड़ गई, इसकी प्राथमिक वजह आयातकों के बीच डॉलर की लगातार मांग थी।

नवंबर में भारतीय रुपये में 0.2 फीसदी की गिरावट आई, जबकि इस अवधि में डॉलर इंडेक्स में करीब 4 फीसदी की नरमी दर्ज हुई। इसके परिणामस्वरूप रुपया माह के दौरान एशियाई मुद्राओं के बीच सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्रा के तौर पर उभरी और गिरने वाली एकमात्र मुद्रा रही जबकि अन्य मुद्राओं में बढ़त दर्ज हुई।

करूर वैश्य बैंक के ट्रेजरी प्रमुख वीआरसी रेड्डी ने कहा, मांग-आपूर्ति के आयाम के कारण पूरे माह के दौरान डॉलर की मांग लगातार बनी रही। उन्होंने कहा, गुरुवार को डॉलर मजबूत हआ और कच्चे तेल में तेजी आई, जिसका रुपये पर असर पड़ा।

दक्षिण कोरियाई वॉन 4.7 फीसदी की बढ़त के साथ सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली मुद्रा रही। मौजूदा वित्त वर्ष में रुपये में 1.5 फीसदी की गिरावट आई है और मौजूदा कैलेंडर वर्ष में अब तक इसमें 0.8 फीसदी की नरमी दर्ज हुई है।

हालांकि मौजूदा कैलेंडर वर्ष में मजबूत विदेशी निवेश के चलते पहले छह माह के दौरान रुपये में 0.16 फीसदी की तेजी दर्ज हुई थी। डॉलर के मुकाबले छह अहम मुद्राओं के बास्केट की माप करने वाला डॉलर इंडेक्स बुधवार के 102.58 के मुकाबले 103.20 पर पहुंच गया।

बाजार के भागीदारों ने कहा कि रुपये ने लगातार मुसीबत का सामना किया क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें ओपेक की तरफ से सालाना उत्पादन लक्ष्य की घोषणा से पहले 84 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंच गया।
माना जा रहा है कि गुरुवार को भारतीय रिजर्व बैंक ने मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप नहीं किया। कोटक सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष (करेंसी डेरिवेटिव और इंटरेस्ट रेट डेरिवेटिव) ए. बनर्जी ने कहा, डॉलर इंडेक्स चढ़ा, जिसने आज रुपये पर असर डाला। आरबीआई बाजार में सक्रिय नहीं था।

दिसंबर में भारतीय मुद्रा और फिसल सकती है क्योंकि डॉलर की मांग जारी रहने का अनुमान है।

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First Published - November 30, 2023 | 11:39 PM IST

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