facebookmetapixel
Advertisement
होर्मुज स्ट्रेट फिर हुआ बंद, क्या भारत पर पड़ेगा असर? जानिए पूरी तस्वीरITR Filing 2026: खेती की जमीन बेची तो टैक्स लगेगा या नहीं? जानें नियम और बचावEditorial: कम शुल्क से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा, भारत को चाहिए स्थायी आयात सुधारहोर्मुज संकट से आगे: भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा कैसे कर रहा है मजबूत?‘सतलुज’ विवाद से पंजाब की चुनावी राजनीति में क्या आएगा बड़ा बदलाव?एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का जीएमपी मजबूत, निवेशक कर रहे वैल्यू  की तलाशPage Industries पर ब्रोकरेज बुलिश, प्रीमियम प्रोडक्ट्स और बढ़ती मांग से ग्रोथ तेज; टारगेट प्राइस ₹48,000 तक₹1 लाख करोड़ क्लब हुआ बड़ा: 2026 में 10 नई कंपनियों की एंट्री, 6 हुईं बाहरVivo-Dixon JV को हरी झंडी, डिक्सन के कारोबार में ₹30,000 करोड़ जुड़ने की उम्मीद; ब्रोकरेज बुलिशNFO का क्रेज हुआ ठंडा! 6 साल के निचले स्तर पर पहुंची नई फंड स्कीमों की कमाई

डॉलर के मुकाबले रुपया प्रतिस्पर्धियों से बेहतर: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 3:05 PM IST

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अन्य मुद्राओं की तुलना में रुपया "बहुत अच्छी तरह से वापस आ गया है"। 

उन्होंने यह भी कहा कि रिजर्व बैंक और वित्त मंत्रालय स्थिति पर बहुत करीब से नजर रख रहे हैं। 

बता दें, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण तीन दिवसीय पुणे यात्रा पर हैं। उन्होंने यात्रा के अंतिम दिन संवाददाताओं से कहा कि यदि कोई एक मुद्रा जो अपने आप में बनी हुई है और अन्य मुद्राओं की तरह उतार-चढ़ाव या अस्थिरता में नहीं आई है, तो वह भारतीय रुपया है। उन्होंने कहा " हमने बहुत अच्छी तरह से वापसी भी की है।"

विशेषज्ञों के अनुसार, हालही में आयी रुपये में गिरावट का मुख्य कारण यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध का वैश्विक विकास पर भू-राजनीतिक तनाव है। जिसका प्रभाव दुनिया भर के साथ-साथ भारत पर भी पड़ रहा है। 

रूस यूक्रेन युद्ध ने कमोडिटी की कीमतों को बढ़ा दिया, जिससे विकसित दुनिया में मुद्रास्फीति में रिकॉर्ड वृद्धि हुई। जिसके कारण US Fed ने ब्याज दरों में भारी बढ़ोतरी की। नतीजतन पूंजी का अमेरिका वापस आना शुरू हो गया है, जिससे अन्य देशों की मुद्राओं की कीमतें घट गयीं। 

शुक्रवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 81 रुपये के पार पहुंच गया । पिछले कुछ महीनों में रुपये की कीमतों में लगातार गिरावट देखी जा रही है। शुक्रवार को हुई 83 पैसे की गिरावट पिछले सात महीने में एक दिन में आई सबसे बड़ी गिरावट मानी गई । 

बता दें, इससे पहले अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 19 पैसे गिरा था और 80.98 के निचले स्तर पर पहुंच गया था।

Advertisement
First Published - September 25, 2022 | 10:22 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement