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RBI की मौद्रिक नीति समिति की बैठक शुरू, ब्याज दरों पर फैसला 6 अगस्त को

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RBI फरवरी से चालू साल में तीन बार रेपो रेट में कुल 100 आधार अंकों की कमी कर चुका है और पिछली नीति बैठक में रेपो रेट को 5.5% तक ला चुका है।

Last Updated- August 04, 2025 | 7:24 PM IST
RBI

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की गवर्नर संजय मल्होत्रा के नेतृत्व में छ: सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सोमवार से अपनी तीन दिवसीय बैठक शुरू कर दी है। यह बैठक बुधवार, 6 अगस्त को समाप्त होगी और इसी दिन अगली द्वैमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार RBI राहत दर चक्र पर ‘वेट एंड वॉच’ यानी स्थिति यथावत रखने का रुख अपना सकता है, जबकि कुछ बाजार विश्लेषकों को उम्मीद है कि रेपो रेट में 25 आधार अंकों (0.25%) की कटौती की जा सकती है, जिससे MSME और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों को अतिरिक्त राहत मिलेगी। 

RBI फरवरी से चालू साल में तीन बार रेपो रेट में कुल 100 आधार अंकों की कमी कर चुका है और पिछली नीति बैठक में रेपो रेट को 5.5% तक ला चुका है। साथ ही, केंद्रीय बैंक ने अपनी नीति का रुख ‘अकोमोडेटिव’ से बदलकर ‘न्यूट्रल’ कर लिया है, जिससे आगे कटौती की संभावनाएं सीमित दिखाई दे रही हैं।

वर्तमान आर्थिक माहौल:

  • खुदरा महंगाई (CPI) फरवरी से ही 4% से नीचे बनी हुई है और जून 2025 में 2.1% रही।
  • अमेरिका द्वारा 7 अगस्त से भारतीय निर्यात पर 25% टैरिफ लगाने के फैसले के चलते नीति पर अतिरिक्त दबाव है।
  • विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका का टैरिफ भारत के GDP में 0.2% तक असर डाल सकता है।
  • कई विशेषज्ञ मानते हैं कि त्योहारी सीज़न और घरेलू आर्थिक मजबूती को देखते हुए, कर्ज की मांग बढ़ाने के लिए RBI 25 आधार अंकों की कटौती कर सकता है, लेकिन अधिकांश आर्थिक संकेतकों को ध्यान में रखते हुए RBI की प्राथमिकता सतर्कता और स्थिरता पर रहेगी।

मौद्रिक नीति समिति में RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा, डिप्टी गवर्नर पूनम गुप्ता, कार्यकारी निदेशक राजीव रंजन और बाहरी सदस्य—नागेश कुमार, सगाटा भट्टाचार्य तथा राम सिंह शामिल हैं। अंतिम फैसला 6 अगस्त, 2025 को घोषित किया जाएगा, जिस पर बाजार, बैंक, और उद्योग जगत की विशेष नजर रहेगी।

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(एजेंसी इनपुट के साथ)

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First Published - August 4, 2025 | 7:19 PM IST

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