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2000 के दो तिहाई से ज्यादा नोट बैंकों में वापस आए: RBI गवर्नर

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने कहा है कि चलन में मौजूद 2,000 रुपये के नोट वापस लेने के निर्णय के एक महीने के भीतर कुल 3.62 लाख करोड़ रुपये में से दो तिहाई से ज्यादा (2.41…

दो हजार के 97.87 प्रतिशत नोट वापस आए, 7,581 करोड़ रुपये मूल्य के नोट अब भी लोगों के पास, 97.87 percent of Rs 2,000 notes returned, notes worth Rs 7,581 crore still with people

97.87 percent of Rs 2,000 notes returned, notes worth Rs 7,581 crore still with people

Last Updated: जून 25, 2023 | 4:38 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने कहा है कि चलन में मौजूद 2,000 रुपये के नोट वापस लेने के निर्णय के एक महीने के भीतर कुल 3.62 लाख करोड़ रुपये में से दो तिहाई से ज्यादा (2.41 लाख करोड़ रुपये से अधिक) नोट बैंकों में वापस आ चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अभी जो 2,000 रुपये का नोट वापस ले रहे हैं, उसका अर्थव्यवस्था पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

केंद्रीय बैंक ने 19 मई को अचानक से 2,000 रुपये के नोट को वापस लेने का निर्णय किया था। लोगों से बैंक जाकर 30 सितंबर तक 2,000 रुपये के नोट अपने खातों में जमा करने या दूसरे मूल्य के नोट से बदलने को कहा गया है। मूल्य के हिसाब से मार्च 2023 में कुल 3.62 लाख करोड़ रुपये के नोट 2,000 रुपये के थे।

दास ने यहां RBI के अपने दफ्तर में बातचीत में कहा, ‘चलन में मौजूद 2,000 रुपये के नोट वापस लेने के निर्णय के बाद कुल 3.62 लाख करोड़ रुपये में से दो तिहाई से ज्यादा यानी 2.41 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा बैंकों में वापस आ चुके हैं।’ उन्होंने यह भी कहा कि मोटे तौर पर 2000 के लगभग 85 फीसदी नोट बैंक खातों में जमा के रूप में आये हैं।

इससे पहले, आठ जून को मौद्रिक नीति समीक्षा (MPC) के बाद में दास ने कहा था कि 1.8 लाख करोड़ रुपये के 2,000 रुपये के नोट वापस आ गये हैं। यह चलन में मौजूदा 2,000 रुपये के कुल नोट का लगभग 50 फीसदी था। इसमें मोटे तौर पर 85 फीसदी बैंक शाखाओं में जमा हुए हैं जबकि अन्य को दूसरे मूल्य के नोट से बदला गया।

दो हजार रुपये के नोट वापस लेने के अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘मैं आपको स्पष्ट रूप से कह सकता हूं कि अभी जो 2,000 रुपये का नोट वापस लिये जा रहे हैं, उसका अर्थव्यवस्था पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।’

उल्लेखनीय है कि SBI रिसर्च की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि रिजर्व बैंक का 2,000 रुपये के नोट चलन से वापस लेने से खपत में तेजी आ सकती है और इससे चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 6.5 फीसदी से अधिक रह सकती है।

रिपोर्ट के अनुसार, ‘हम 2000 रुपये के नोट वापस लेने के प्रभावों की वजह से अप्रैल-जून तिमाही में वृद्धि दर 8.1 फीसदी रहने की उम्मीद कर रहे हैं। यह हमारे उस अनुमान की पुष्टि करता है कि वित्त वर्ष 2023-24 में GDP वृद्धि RBI के अनुमान 6.5 फीसदी से अधिक रह सकती है।’

रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 6.5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है। इस रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर दास ने कहा, ‘जब 2,000 रुपये का नोट वापस लेने का फैसला किया गया, उसका आर्थिक वृद्धि से कोई संबंध नहीं था….इस फैसले का जो भी नतीजा होगा, उसका पता बाद में चलेगा लेकिन एक चीज मैं आपको स्पष्ट रूप से कह सकता हूं कि अभी जो 2,000 रुपये का नोट वापस ले रहे हैं, उसका अर्थव्यवस्था पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। बाकी कितना सकारात्मक परिणाम आता है, वह आगे पता चलेगा।’

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