भारत सरकार ने साल 2023 के अंतिम दिन यानी 31 दिसंबर को नीति आयोग के पहले वाइस चेयरमैन अरविंद पनगढ़िया को वित्त आयोग (Finance Commission ) का अगला चेयरमैन नियुक्त किया है।वह 16वें वित्त आयोग के चेयरमैन होंगे। उनकी अध्यक्षता में आयोग इस बात की सिफारिश करेगा कि संघीय करों (federal taxes ) को राज्यों के साथ कैसे साझा किया जाए।
2015 में नीति आयोग के पहले वाइस चेयरमैन की कंमान संभालने वाले पनगढ़िया ने 2017 में भारत के थिंक टैंक नीति आयोग के वाइस चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था। बता दें कि 2014 में मोदी सरकार ने अपना पहला कार्यकाल शुरू करने के साथ ही योजना आयोग (Planning Commission) को समाप्त करने का ऐलान कर दिया था और उसकी जगह नीति आयोग का गठन किया। भारत में जन्मे अमेरिकी अर्थशास्त्री पनगढ़िया नीति आयोग के पहले वाइस चेयरमैन बने। चूंकि चेयरमैन प्रधानमंत्री होते हैं, इसलिए तत्कालीन PM नरेंद्र मोदी उसके चेयरमैन बने।
इसके साथ ही ऋत्विक रंजनम पांडे को वित्त आयोग का सचिव (Secretary to the Finance Commission) नियुक्त किया गया है। ऋत्विक 1998 बैच के कर्नाटक कैडर के IAS अधिकारी हैं। उन्होंने वित्त मंत्रालय में डॉयरेक्टर (बजट) के रूप में भी काम किया है। वर्तमान में वह राजस्व विभाग में संयुक्त सचिव (जॉइंट सेक्रेटरी) के पद पर नियुक्त हैं।
नवनियुक्त चेयरमैन और आयोग के अन्य सदस्यों, दोनों का कार्यकाल पद ग्रहण करने से लेकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने तक या 31 अक्टूबर, 2025, जो भी पहले हो, तक होगा।
बता दें कि हर पांच साल में एक वित्त आयोग का गठन किया जाता है। संघीय और राज्य सरकारों के बीच टैक्स के बंटवारे का को लेकर सलाह देने और पब्लिक फाइनैंस पर सिफारिशें करने के लिए यह गठन होता है।
वर्तमान में, भारत संघीय करों (Federal Taxes) का 42% हिस्सा राज्यों के साथ साझा करता है।
सरकार के आदेश में कहा गया है कि पनगढ़िया की अध्यक्षता में गठित वित्त आयोग 1 अप्रैल, 2026 से शुरू होने वाली पांच साल की अवधि को कवर करते हुए अपनी रिपोर्ट 31 अक्टूबर, 2025 तक उपलब्ध कराएगा।
गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 16वें वित्त आयोग के लिए संदर्भ की शर्तों (ToR) को मंजूरी दे दी थी। ToR के माध्यम से सरकार एक गाइडलाइन तैयार करती है जिसके आधार पर वित्त आयोग को रिपोर्ट सौंपनी होती है। पनगरिया की अध्यक्षता वाला यह वित्त आयोग पांच साल की अवधि (2026-27 से 2030-31) के लिए अपनी रिपोर्ट 31 अक्टूबर, 2025 तक राष्ट्रपति को सौंपेगा।