facebookmetapixel
Silver के बाद अब Copper की बारी? कमोडिटी मार्केट की अगली बड़ी कहानीAI विश्व शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे स्पेन के 80 विश्वविद्यालयों के रेक्टरभारत–कनाडा सहयोग को नई रफ्तार, शिक्षा और व्यापार पर बढ़ा फोकसIndia-EU trade deal: सीमित समझौते से नहीं मिल सकता पूरा लाभनागर विमानन मंत्री नायडू बोले: भारत अब उभरती नहीं, वैश्विक आर्थिक शक्ति हैजल्द लागू होगा DPDP ऐक्ट, बड़ी कंपनियों के लिए समय-सीमा घटाने की तैयारीनिर्यातकों की बजट में शुल्क ढांचे को ठीक करने की मांगबजट में सीमा शुल्क एसवीबी खत्म करने की मांगऑटो, ग्रीन एनर्जी से लॉजिस्टिक्स तक, दावोस में CM मोहन यादव ने बताया एमपी का पूरा प्लानमध्य भारत को समुद्र से जोड़ने वाला बड़ा प्लान सामने आया

भारत की बायो इकोनॉमी 151 अरब डॉलर पर पहुंची, GDP में 4.25 प्रतिशत का योगदान: रिपोर्ट

रिपोर्ट में कहा गया कि भारत की बायो इकोनॉमी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो 2023 के अंत तक 151 अरब अमेरिकी डॉलर के मूल्यांकन तक पहुंच जाएगी।

Last Updated- September 13, 2024 | 6:09 PM IST
India's bio economy reaches $151 billion, contributes 4.25 percent to GDP: Report भारत की बायो इकोनॉमी 151 अरब डॉलर पर पहुंची, GDP में 4.25 प्रतिशत का योगदान: रिपोर्ट

भारत की बायो इकोनॉमी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और यह 2023 के अंत तक 151 अरब डॉलर के मूल्यांकन तक पहुंच गई। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। इसमें कहा गया कि यह उछाल राष्ट्रीय वृद्धि में जैव प्रौद्योगिकी की महत्वपूर्ण भूमिका को बताता है। इस क्षेत्र का देश की जीडीपी में 4.25 प्रतिशत का योगदान है।

भारत शीर्ष पांच ग्लोबल बायो इकोनॉमी में शामिल है। बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल (बीआईआरएसी) और एसोसिएशन ऑफ बायोटेक्नोलॉजी लेड एंटरप्राइजेज (एबीएलई) की रिपोर्ट में जैव प्रौद्योगिकी, कृषि नवाचार, स्वास्थ्य सेवा और जैव विनिर्माण में परिवर्तनकारी प्रगति को रेखांकित किया गया है। इसे वैश्विक ‘बायो-इंडिया समिट 2024’ के एक सत्र के दौरान जारी किया गया।

Also read: NCLT ने Reliance Capital के कर्जदाताओं की याचिका पर Hinduja Group की IIHL को नोटिस जारी किया

रिपोर्ट में कहा गया कि भारत की बायो इकोनॉमी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो 2023 के अंत तक 151 अरब अमेरिकी डॉलर के मूल्यांकन तक पहुंच जाएगी। जैव प्रौद्योगिकी विभाग में सचिव और बीआईआरएसी के चेयरमैन राजेश एस गोखले ने कहा कि रिपोर्ट में भारत की बायो इकोनॉमी के 2014 में 10 अरब अमेरिकी डॉलर डॉलर से बढ़कर 2023 तक 151 अरब डॉलर तक पहुंचने की बात कही गई है। ऐसा टीकों और जैव दवाओं की बढ़ती मांग के कारण संभव हो पाया है।

First Published - September 13, 2024 | 6:09 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट