आधार वर्ष 2022-23 के साथ सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की नई श्रृंखला जारी की जाएगी। इसमें आर्थिक आंकड़ों को अधिक सटीक बनाने के लिए वस्तु एवं सेवा कर, ई-वाहन और रसोइया, चालक और घरेलू सहायकों द्वारा प्रदान की जाने वाली घरेलू सेवाओं के आंकड़े शामिल किए जाएंगे। नई श्रृंखला पर आधारित तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2025) के जीडीपी आंकड़े शुक्रवार को जारी किए जाएंगे।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने नई श्रृंखला को लेकर बार-बार पूछे जाने वाले सवाल और उसके जवाब जारी किये हैं। इसके अनुसार, अर्थव्यवस्था में वर्षों से हुए बदलाव को दर्शाने के लिए आधार वर्ष को समय-समय पर अद्यतन किया जाता है। राष्ट्रीय लेखा का आधार वर्ष 2011-12 से संशोधित करके 2022-23 किया जा रहा है। हालांकि, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय हर पांच साल में आंकड़ों की श्रृंखला को संशोधित करता है, लेकिन कोविड महामारी और जीएसटी के लागू होने के कारण इसमें विलंब हुआ।
पिछली श्रृंखला के आंकड़े दिसंबर, 2026 तक जारी होने की उम्मीद है। नयी श्रृंखला में, वार्षिक असंगठित क्षेत्र उद्यम सर्वेक्षण और आवधिक श्रमबल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) जैसे नियमित वार्षिक सर्वेक्षणों का उपयोग करके वास्तविक स्तर के अनुमान तैयार किए जा रहे हैं। ये सर्वेक्षण घरेलू क्षेत्र की गतिशीलता को अधिक सटीक और नियमित रूप से मापेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के अनुसार, ई-वाहन पोर्टल से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग सड़क परिवहन सेवाओं से संबंधित निजी अंतिम उपभोग व्यय (पीएफसीई) का अनुमान लगाने के लिए किया जाएगा। घरेलू कामगारों (जैसे रसोइया, ड्राइवर, घरेलू सफाई करने वाले आदि) के योगदान को सकल घरेलू उत्पाद के अनुमान में शामिल किया जाएगा। नई श्रृंखला में एकल अपस्फीति (कीमत में गिरावट) को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है। वास्तव में, विनिर्माण और कृषि जैसे क्षेत्रों में दोहरी अपस्फीति लागू की जाएगी।