भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक भारत का विदेश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) जनवरी 2026 में मामूली बढ़कर 3.42 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले साल समान महीने में 3.44 अरब डॉलर था। वहीं क्रमिक आधार पर यह दिसंबर 2025 के 4.07 अरब डॉलर की तुलना में यह कम है।
विदेश में एफडीआई की वित्तीय प्रतिबद्धताओं में 3 घटक- इक्विटी, ऋण और गारंटी शामिल होते हैं। इक्विटी जनवरी में मामूली बढ़कर 1.52 अरब डॉलर हो गई है, जो एक साल पहले 1.75 अरब डॉलर थी। हालांकि यह दिसंबर के 1.98 अरब डॉलर की तुलना में कम है।
वहीं इस साल जनवरी में ऋण बढ़कर 4619.4 लाख डॉलर हो गया है, जो पिछले साल के समान महीने में 3164.6 लाख डॉलर था। हालांकि यह भी दिसंबर 2025 के 5,653.2 लाख डॉलर की तुलना में कम है।
विदेशी इकाइयों की गारंटी जनवरी में बढ़कर 1.43 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले साल जनवरी में 1.37 अरब डॉलर थी। यह भी दिसंबर 2025 के 1.57 अरब डॉलर से कम है।
कंपनियों के प्रमुख निवेश के आंकड़ों से पता चलता है कि इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड ने अपनी पूर्ण सहायक इकाई इंटरग्लोब एविएशन फाइनैंशियल सर्विस में 1,886.3 करोड़ रुपये निवेश किया है। इक्विटी निवेश के अलावा उसने 486.4 लाख डॉलर ऋण और 655.7 लाख डॉलर गारंटी की प्रतिबद्धता जताई है।