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ओमीक्रोन के बाद भी कार्यस्थलों पर जाने वालों की बढ़ी तादाद

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Last Updated- December 11, 2022 | 11:01 PM IST

कोरोनावायरस के रूप ओमीक्रोन के प्रसार की घोषणा के बाद भी काम पर जाने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। देश में कार्यस्थल पर जाने वालों का सात दिनों का औसत, ताजा हफ्ते में कोविड-पूर्व समय के 2.9 फीसदी के दायरे में था। यह 25 नवंबर को कोविड पूर्व दौर के 5.9 फीसदी से कम था जब कोविड-19 के नए रूप ओमीक्रोन की घोषणा की गई थी। यह संख्या सर्च इंजन दिग्गज कंपनी गूगल के अनाम लोकेशन डेटा पर आधारित है। यह महामारी के दौरान लोगों की गतिविधियों और विभिन्न श्रेणियों के स्थानों का जायजा लेता है। ये आंकड़े एक अंतराल के साथ जारी किए जाते हैं। नए आंकड़े 2 दिसंबर तक के हैं।
वैश्विक लोकेशन प्रौद्योगिकी कंपनी टॉमटॉम इंटरनैशनल के आंकड़ों से पता चलता है कि प्रमुख शहरों में यातायात अधिक था। यह मुंबई में सामान्य से 29 फीसदी कम (पिछले सप्ताह में 35 फीसदी) रहा। नई दिल्ली में यह सामान्य से 17 फीसदी कम (पिछले हफ्ते 22 फीसदी) रहा। दोनों आंकड़े अक्टूबर के बाद से सबसे अधिक हैं।  
एक सप्ताह पहले के उत्पादन के मुकाबले बिजली उत्पादन में मामूली गिरावट आई थी। देश भर में बिजली कंपनियों का उत्पादन एक सप्ताह पहले 351.9 करोड़ यूनिट के मुकाबले ताजा सप्ताह में 2.5 फीसदी से कम होकर 343 करोड़ यूनिट हो गया। हालांकि पिछले सप्ताह बिजली उत्पादन 2019 में इसी सप्ताह की तुलना में 5.9 प्रतिशत अधिक था लेकिन 2020 में इसी सप्ताह के बिजली उत्पादन की तुलना में बिल्कुल नहीं बदला था। बिज़नेस स्टैंडर्ड भी नाइट्रोजन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन का जायजा लेता है। इसका उत्सर्जन औद्योगिक गतिविधि और वाहनों की वजह से होता है। इसके उच्च स्तर से बढ़ी हुई आर्थिक गतिविधियों के संकेत मिलते हैं। दिल्ली में उत्सर्जन 2019 की तुलना में छह प्रतिशत अधिक था। यह पिछले सप्ताह की तुलना में कम है। मुंबई में भी उत्सर्जन कम रहा। रेलवे की माल ढुलाई की वजह से होने वाली कमाई में भी धीमी वृद्धि दिखी है। माल ढुलाई से होने वाली कमाई में वृद्धि भी पहले के 8.9 फीसदी की तुलना में 6.2 फीसदी रही।
बिज़नेस स्टैंडर्ड इन साप्ताहिक आर्थिक संकेतकों का जायजा इस बात का पता लगाने के लिए करता है कि अर्थव्यवस्था की मौजूदा तस्वीर का अंदाजा लगाया जा सके। आधिकारिक वृहद आर्थिक डेटा एक अंतराल के बाद ही जारी किए जाते हैं। वैश्विक स्तर पर विश्लेषक भी जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए इसी तरह के संकेतकों पर नजऱ रख रहे हैं क्योंकि विभिन्न देशों ने कोविड-19 महामारी को नियंत्रित करने के लिए लॉकडाउन और अन्य प्रतिबंधों को लागू किया। गूगल डेटा भी एक अंतराल के साथ जारी किए जाते हैं। ताजा आंकड़े 2 दिसंबर के हैं। अन्य सभी आंकड़े रविवार 5 दिसंबर तक के हैं।

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First Published - December 7, 2021 | 11:23 PM IST

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