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जून में ई-वे बिल के सृजन में आई 2.6 प्रतिशत कमी

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जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) के आंकड़ों से पता चलता है कि जून में 11.948 करोड़ ई-वे बिल का सृजन हुआ है, जो मई के 12.265 करोड़ की तुलना में 2.6 प्रतिशत कम है।

Last Updated- July 07, 2025 | 10:33 PM IST
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देश में वस्तु की आवाजाही के प्रमुख संकेतक ई-वे बिल का सृजन जून महीने में मामूली कम हुआ है। इससे इस महीने में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह में कमी के संकेत मिल रहे हैं।

जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) के आंकड़ों से पता चलता है कि जून में 11.948 करोड़ ई-वे बिल का सृजन हुआ है, जो मई के 12.265 करोड़ की तुलना में 2.6 प्रतिशत कम है। मासिक आधार पर गिरावट के बावजूद पिछले साल जून में हुए 10.01 करोड़ ई-वे बिल सृजन की तुलना में यह उल्लेखनीय रूप से 19.3 प्रतिशत ज्यादा है। क्रमिक आधार पर ई-वे बिल की संख्या मई में 2.83 प्रतिशत बढ़ी थी, जबकि अप्रैल में 4.2 प्रतिशत की गिरावट आई थी।

राज्य के भीतर और एक राज्य से दूसरे राज्य में 50,000 रुपये से अधिक की वस्तु की आवाजाही के लिए ई-वे बिल जरूरी होता है। इसे व्यापार और आर्थिक गतिविधियों के संकेतक के रूप में देखा जाता है। कारोबारी जून के लेनदेन पर लगे जीएसटी का भुगतान जुलाई में करेंगे। जून में राज्य के भीतर आवाजाही पर सृजित ई-वे बिल 7.884 करोड़ और एक राज्य से दूसरे राज्य में वस्तु की आवाजाही के लिए सृजित ई-वे बिल 4.06 करोड़ रहा है।  जून महीने में भारत के विनिर्माण क्षेत्र में तेज वृद्धि दर्ज की गई है।

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First Published - July 7, 2025 | 10:03 PM IST

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