facebookmetapixel
Advertisement
तेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौतीपश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, रणनीतिक तेल भंडार विस्तार प्रक्रिया तेजGST कटौती से बढ़ी मांग, ऑटो और ट्रैक्टर बिक्री में उछाल: सीतारमणसरकार का बड़ा फैसला: पीएनजी नेटवर्क वाले इलाकों में नहीं मिलेगा एलपीजी सिलिंडर

जून में ई-वे बिल के सृजन में आई 2.6 प्रतिशत कमी

Advertisement

जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) के आंकड़ों से पता चलता है कि जून में 11.948 करोड़ ई-वे बिल का सृजन हुआ है, जो मई के 12.265 करोड़ की तुलना में 2.6 प्रतिशत कम है।

Last Updated- July 07, 2025 | 10:33 PM IST
Preparation to amend GST law from the previous date, real estate companies may face a shock GST कानून में पिछली ति​थि से संशोधन की तैयारी, रियल एस्टेट कंपनियों को लग सकता है झटका

देश में वस्तु की आवाजाही के प्रमुख संकेतक ई-वे बिल का सृजन जून महीने में मामूली कम हुआ है। इससे इस महीने में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह में कमी के संकेत मिल रहे हैं।

जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) के आंकड़ों से पता चलता है कि जून में 11.948 करोड़ ई-वे बिल का सृजन हुआ है, जो मई के 12.265 करोड़ की तुलना में 2.6 प्रतिशत कम है। मासिक आधार पर गिरावट के बावजूद पिछले साल जून में हुए 10.01 करोड़ ई-वे बिल सृजन की तुलना में यह उल्लेखनीय रूप से 19.3 प्रतिशत ज्यादा है। क्रमिक आधार पर ई-वे बिल की संख्या मई में 2.83 प्रतिशत बढ़ी थी, जबकि अप्रैल में 4.2 प्रतिशत की गिरावट आई थी।

राज्य के भीतर और एक राज्य से दूसरे राज्य में 50,000 रुपये से अधिक की वस्तु की आवाजाही के लिए ई-वे बिल जरूरी होता है। इसे व्यापार और आर्थिक गतिविधियों के संकेतक के रूप में देखा जाता है। कारोबारी जून के लेनदेन पर लगे जीएसटी का भुगतान जुलाई में करेंगे। जून में राज्य के भीतर आवाजाही पर सृजित ई-वे बिल 7.884 करोड़ और एक राज्य से दूसरे राज्य में वस्तु की आवाजाही के लिए सृजित ई-वे बिल 4.06 करोड़ रहा है।  जून महीने में भारत के विनिर्माण क्षेत्र में तेज वृद्धि दर्ज की गई है।

Advertisement
First Published - July 7, 2025 | 10:03 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement