facebookmetapixel
Silver के बाद अब Copper की बारी? कमोडिटी मार्केट की अगली बड़ी कहानीAI विश्व शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे स्पेन के 80 विश्वविद्यालयों के रेक्टरभारत–कनाडा सहयोग को नई रफ्तार, शिक्षा और व्यापार पर बढ़ा फोकसIndia-EU trade deal: सीमित समझौते से नहीं मिल सकता पूरा लाभनागर विमानन मंत्री नायडू बोले: भारत अब उभरती नहीं, वैश्विक आर्थिक शक्ति हैजल्द लागू होगा DPDP ऐक्ट, बड़ी कंपनियों के लिए समय-सीमा घटाने की तैयारीनिर्यातकों की बजट में शुल्क ढांचे को ठीक करने की मांगबजट में सीमा शुल्क एसवीबी खत्म करने की मांगऑटो, ग्रीन एनर्जी से लॉजिस्टिक्स तक, दावोस में CM मोहन यादव ने बताया एमपी का पूरा प्लानमध्य भारत को समुद्र से जोड़ने वाला बड़ा प्लान सामने आया

2024 में 6.7 प्रतिशत बढ़ा परिवारों का खर्च, BMI Research ने रिपोर्ट जारी कर कहा- भारतीय अर्थव्यस्था में हो रहा सुधार

BMI रिपोर्ट में कहा गया है, ‘साल 2024 में घरेलू अर्थव्यवस्था 6.7 प्रतिशत की वास्तविक दर से बढ़ेगी, जो साल 2023 के 6.5 प्रतिशत से सुधार है।

Last Updated- March 07, 2024 | 10:25 PM IST

बढ़ती घरेलू मांग, कम बेरोजगारी दर, महंगाई दर में कमी और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन में सुधार की उम्मीद से भारत में परिवारों के वास्तविक खर्च साल 2024 में 6.7 प्रतिशत बढ़ने के आसार हैं जो पिछले साल 5.7 प्रतिशत बढ़ा था। फिच सॉल्यूशंस की इकाई बीएमआई रिसर्च की गुरुवार को जारी की गई रिपोर्ट ऐसा कहा गया है।

बीएमआई ने कहा कि साल 2024 में उपभोक्ता खर्च में वृद्धि होने की उम्मीद है क्योंकि भारतीय अर्थव्यवस्था में वृहद सुधार हो रहा है और वृद्धि के आंकड़े भी सुधर रहे हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘साल 2024 में घरेलू अर्थव्यवस्था 6.7 प्रतिशत की वास्तविक दर से बढ़ेगी, जो साल 2023 के 6.5 प्रतिशत से सुधार है। हालांकि, मुद्रास्फीति का दबाव बरकरार है, महंगाई दर में कमी आ रही है और भारतीय उपभोक्ताओं की आय वृद्धि मजबूत होने से घरेलू खर्च में वृद्धि होगी।’

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वर्तमान स्थिति सूचकांक (सीएसआई) और भविष्य की अपेक्षा सूचकांक (एफईआई) भी वैश्विक महामारी के पहले के स्तर से ऊपर हो गया है, जो क्रमशः 89.4 और 118.0 है। बड़ी रकम वाली वस्तुओं पर उपभोक्ता खर्च अधिक होने की संभावना है और आर्थिक बाजार में मजबूत स्थिति बरकरार है।

घरेलू ऋण परिदृश्य के बारे में रिपोर्ट में कहा गया है कि परिवारों का ऋण (साल 2023 की दूसरी तिमाही में 40.3 प्रतिशत ) धीरे-धीरे कम हो रहा है। वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान लोगों ने सहारा के लिए ऋण लिया था, महामारी से उबरने से लोगों के ऋण में भी कमी आई है।

First Published - March 7, 2024 | 10:25 PM IST

संबंधित पोस्ट