facebookmetapixel
Advertisement
अमेरिका ने फिर ईरान पर किया हमला, बहरीन-कुवैत हमले के बाद ट्रंप का बड़ा एक्शनMSME लोन से बैंकिंग सेक्टर को रफ्तार! SBI, HDFC समेत ये बैंक शेयर बने ब्रोकरेज की पसंदITR Filing 2026: रिफंड चाहिए तो ITR के बाद तुरंत करें e-Verification, देरी हुई तो बढ़ सकती है परेशानीभारत की नजर अब Qatar और Bahrain पर, GCC से पहले इन देशों के साथ होगी व्यापारिक साझेदारी!3 जुलाई को होगा बड़ा फैसला! 2030 तक 2 लाख करोड़ डॉलर निर्यात लक्ष्य पर सरकार का मेगा प्लानGold, Silver Price Today: तेज शुरुआत के बाद सोना पड़ा सुस्त, चांदी में भी गिरावटFCNR-B Scheme बनेगी विदेशी पूंजी का बड़ा जरिया? Standard Chartered CEO ने किया बड़ा दावामेडिकल डिवाइस कंपनियों को बड़ी राहत! लाइसेंस मिलने में लगेगा कम समय, सरकार लाई नया प्रस्तावअमेरिकी टैरिफ और पश्चिम एशिया संकट के बीच तिरुपुर ने बनाया रिकॉर्ड, ₹46000 करोड़ का निर्यातMeta का भारत पर बड़ा दांव, Jamnagar में Data Center से AI क्रांति की तैयारी

GST Rules Changing From 1st August : 5 करोड़ से ज्‍यादा टर्नओवर वाली कंपनियों के लिए बदल जाएंगे नियम

Advertisement

GST गाइडलाइन्स के अनुसार, पांच करोड़ से अधिक के टर्नओवर वाली कंपनियों को ई-इनवॉइस यानी ई-चालान जनरेट करना अनिवार्य होगा।

Last Updated- August 01, 2023 | 10:43 AM IST
GST

New GST Rules: अगस्त की पहली तारीख (August 1) से जीएसटी के नियमों (GST new rules) में कुछ जरूरी बदलाव किए गए हैं। जीएसटी गाइडलाइन्स के अनुसार, पांच करोड़ से अधिक के टर्नओवर वाली कंपनियों को ई-इनवॉइस यानी ई-चालान जनरेट करना अनिवार्य होगा।

बता दें कि अभी तक 10 करोड़ या उससे अधिक के B2B लेनदेन मूल्य वाली कंपनियों को ही ई-चालान निकालना होता था। लेकिन अब 1 अगस्त से यह नियम बदल जाएगा।

ये भी पढ़ें : अब PG और हॉस्टल के किराए पर भी लगेगा GST, जानिए कितनी होगी दर

CBIC ने ट्वीट कर दी जानकारी

28 जुलाई को सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्स एंड कस्टम (CBIC) ने ट्वीट कर GST नियम में बदलाव की जानकारी दी। CBIC ने कहा कि जीएसटी टैक्सपेयर्स जिनका टर्नओवर किसी भी वित्तीय वर्ष में 5 करोड़ रुपये से अधिक है, उन्हें 1 अगस्त 2023 से वस्तुओं या सेवाओं या दोनों की बी2बी आपूर्ति या निर्यात के लिए अनिवार्य रूप से ई-चालान का उत्पादन करना होगा।

 

वित्त मंत्रालय ने मई में जारी की थी नोटिफिकेशन

वित्त मंत्रालय ने 10 मई को जीएसटी नियम में बदलाव (GST Rules) को लेकर एक नोटिफिकेशन जारी किया था, जिसमें  बी2बी लेनदेन के लिए ई-चालान निकालने की सीमा को 10 करोड़ रुपये से घटाकर पांच करोड़ रुपये करने का ऐलान किया था। इस कदम से जीएसटी के तहत संग्रह और अनुपालन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

ये भी पढ़ें : GST: मूवी देखने जा रहे हैं? भूलकर भी न लें टिकट के साथ फूड-ड्रिंक का कॉम्बो, वरना होगा घाटा

MSMEs के लिए वरदान साबित हो सकता है ये बदलाव

विशेषज्ञों का मानना ​​है कि ई-चालान नियम में बदलाव और कम टर्नओवर वाली कंपनियों को शामिल करने से एमएसएमई (MSME) इकाइयों को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, डेलॉयट इंडिया के पार्टनर लीडर इनडायरेक्ट टैक्स महेश जयसिंग (Deloitte India Partner Leader Indirect Tax Mahesh Jaising) ने कहा कि इस घोषणा के साथ, ई-चालान के तहत एमएसएमई का दायरा बढ़ाया जाएगा और उन्हें ई-चालान लागू करने की आवश्यकता होगी।

एक अन्य विशेषज्ञ, एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के वरिष्ठ भागीदार रजत मोहन (AMRG & Associates Senior Partner Rajat Mohan) ने कहा कि ई-चालान के चरणबद्ध कार्यान्वयन से व्यवधानों को कम करने, अनुपालन में सुधार और राजस्व में वृद्धि में मदद मिली है।

बी2बी लेनदेन के लिए ई-चालान जारी करने की सीमा को ₹10 करोड़ से घटाकर ₹5 करोड़ करने से जीएसटी विभाग को राजस्व बढ़ाने और टैक्स चोरी को रोकने में भी मदद मिलेगी।
इसके अलावा, सरकार ने जोखिम भरे जीएसटी करदाताओं की पहचान करने और उन पर नज़र रखने के लिए मजबूत डेटा एनालिटिक्स और AI (artifical intelligence) का इस्तेमाल करना भी शुरू कर दिया है।

ये भी पढ़ें : 2 अरब डॉलर से ज्यादा की कंपनी, करीब 11 स्टार्टअप; upGrad के ऑफिस में दी GST अधिकारियों ने दस्तक

Advertisement
First Published - August 1, 2023 | 10:43 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement