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एक लाख करोड़ के पार जीएसटी

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Last Updated- December 14, 2022 | 10:00 PM IST

अर्थव्यवस्था को अनलॉक करने का असर दिखने लगा है। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह आठ माह में पहली बार अक्टूबर में एक लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा है। अक्टूबर में संग्रह वास्तव में सितंबर में किए गए लेनदेन का हिस्सा है।
अक्टूबर में 1.05 लाख करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रह हुआ जो पिछले साल अक्टूबर के 95,379 करोड़ रुपये से करीब 10 फीसदी अधिक है और कोविड से पहले फरवरी में प्राप्त जीएसटी के लगभग बराबर है। फरवरी में 1,05,366 करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रह हुआ था।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि जीएसटी संग्रह अक्टूबर में करीब 10 फीसदी बढ़ा है जबकि जुलाई में इसमें 14 फीसदी, अगस्त में 8 फीसदी की गिरावट आई थी। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इन आंकड़ों से ज्यादा मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए और इसकी स्थिरता के लिए नवंबर के बाद के आंकड़ों पर नजर रखने की जरूरत है। पीडब्ल्यूसी में पार्टनर प्रतीक जैन ने कहा, ‘त्योहारों को देखते हुए नवंबर में भी जीएसटी संग्रह का आंकड़ा बढ़ सकता है। ऐसे में इस रुझान को समझने के लिए हमें नवंबर के बाद के आंकड़ों को देखने की जरूरत है।’
अक्टूबर में 80 लाख इनपुट-आउटपुट रिटर्न भरे गए हैं। जैन ने कहा कि 2019-20 के लिए इनपुट कर क्रेडिट का दावा करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर थी और संभव है कि बहुत सारी कंपनियों ने खुद और अपने वेंडरों से रिटर्न फाइल करने को कहा हो।
डेलॉयट में वरिष्ठ निदेशक एमएस मणि ने कहा कि जीएसटी संग्रह दर्शाता है कि खपत में सुधार हुआ है और त्योहारों में मांग बढ़ी है। उन्होंने कहा, ‘अगर यह रुझान जारी रहता है तो वित्त वर्ष 2021 में राजकोषीय घाटे को कम करने में मदद मिलेगी और सभी क्षेत्रों में कारोबारी भरोसे में सुधार को बल मिलेगा।’
केंद्रीय जीएसटी, राज्य जीएसटी, एकीकृत जीएसटी और मुआवजा उपकर सभी में प्राप्तियां सितंबर की तुलना में अक्टूबर में बढ़ी है। उदाहरण के लिए केंद्रीय जीएसटी मद में अक्टूबर में 19,193 करोड़ रुपये मिले जो सितंबर में 17,741 करोड़ रुपये था। राज्य जीएसटी संग्रह अक्टूबर में 25,411 करोड़ रुपये जबकि सितंबर में यह 23,131 करोड़ रुपये था। इसी तरह एकीकृत जीएसटी मद में 52,540 करोड़ रुपये प्राप्त हुए जबकि सितंबर में 47,484 करोड़ रुपये मिले थे। इनमें से 23,375 करोड़ रुपये आयात की गई वस्तुओं से प्राप्त हुए हैं।
मुआवजा उपकर प्राप्ति भी सितंबर के 7,124 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर अक्टूबर में 8,011 करोड़ रुपये पहुंच गया। इनमें 932 करोड़ रुपये आयातित वस्तुओं से प्राप्त हुए हैं। ईवाई में टैक्स पार्टनर अभिषेक जैन ने कहा, ‘मासिक आधार पर जीएसटी संग्रह में वृद्घि स्वागत योग्य है और सरकार तथा अर्थव्यवस्था के लिए बेहतर है।’ उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान में मांग बढऩे तथा इनपुट कर क्रेडिट के कारण सितंबर में संग्रह बढ़ा है।

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First Published - November 2, 2020 | 12:05 AM IST

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