facebookmetapixel
Budget 2026: क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा? विदेशी यात्रा से लेकर शेयर ट्रेडिंग तक जानें सब कुछBudget 2026: बजट में आम आदमी के लिए क्या-क्या? जानें वित्त मंत्री के पिटारे से आपके लिए क्या निकलाBudget 2026: निवेशकों को डबल झटका! STT बढ़ोतरी से ट्रेडिंग होगी महंगी, शेयर बायबैक पर लगेगा टैक्सBudget 2026 Highlights: टैक्स, फॉर्मा से लेकर हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर तक! वित्त मंत्री के ये 10 बड़े ऐलानBudget 2026 में MSME को बड़ी राहत, ‘चैंपियन’ योजना के लिए ₹10 हजार करोड़ का कोषBudget 2026: चीन की बढ़त को चुनौती, कंटेनर सेक्टर के लिए ₹10,000 करोड़ का ऐलानBudget 2026: ₹22 हजार करोड़ से ₹40 हजार करोड़, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को सुपर बूस्टBudget 2026: 1 अप्रैल से लागू होगा नया इनकम टैक्स एक्ट, बढ़ेगी ITR फाइल करने की डेडलाइनBudget 2026: इंफ्रा के लिए ₹12.2 लाख करोड़, मैन्युफैक्चरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स को बड़ा बूस्टBudget 2026: देश के 15 ऐतिहासिक स्थल बनेंगे ग्लोबल टूरिज्म हब, लोथल और सारनाथ का अब बदलेगा पूरा स्वरूप

अप्रैल-जून में बाहरी वाणिज्यिक उधारी से शुद्ध विदेशी आवक बढ़ी, 4.6 अरब डॉलर पर पहुंचा आंकड़ा

आरबीआई आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-जून 2025 में ईसीबी के जरिये शुद्ध विदेशी संसाधनों की आवक 4.6 अरब डॉलर रही, जबकि पंजीकरण घटकर 9.1 अरब डॉलर पर आ गया।

Last Updated- August 31, 2025 | 9:39 PM IST
Dollor
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

बाहरी वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) के जरिये विदेशी संसाधनों की शुद्ध आवक अप्रैल-जून 2025 (वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही) में बढ़कर 4.6 अरब डॉलर हो गई जबकि यह अप्रैल-जून 2024 (वित्त वर्ष 25 की पहली तिमाही) में 2.8 अरब डॉलर थी। यह जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों से मिली।

रिजर्व बैंक ने मासिक बुलेटिन (अगस्त 2025) में कहा कि वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में बाहरी वाणिज्यिक उधारी का पंजीकरण सुस्त था।

हालांकि विदेशी मुद्रा बाहर भेजे जाने की तुलना में उसकी आवक निरंतर अधिक रही। इससे शुद्ध आवक सकारात्मक रही। वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में ईसीबी का पंजीकरण घटकर 9.1 अरब डॉलर हो गया था और यह वित्त वर्ष 25 की पहली तिमाही के 11.1 अरब डॉलर से कम था। इसने बताया कि बाहरी वाणिज्यिक उधारी और आरंभिक सार्वजनिक निर्गम के माध्यम से जुटाई गई धनराशि पिछली तिमाही की तुलना में थोड़ी कम थी।

तिमाही के विश्लेषण से जानकारी मिलती है कि जून में शुद्ध आवक महज 0.2 अरब डॉलर थी और यह मई 2025 के 1.2 अरब डॉलर से कम थी। ईसीबी पंजीकरण जून में बढ़कर 3.5 अरब डॉ़लर हो गए थे और यह मई 2025 के 2.7 अरब डॉलर से अधिक थे।

First Published - August 31, 2025 | 9:39 PM IST

संबंधित पोस्ट