facebookmetapixel
Bharat Coking Coal IPO: अलॉटमेंट के बाद अब कब लिस्ट होंगे शेयर? ग्रे मार्केट से क्या मिल रहा रिस्पांसGold, Silver Price Today: ऑल टाइम हाई से फिसले सोना-चांदी, चेक करें MCX पर आज का भावट्रंप के पास रहेगा नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल, लेकिन ‘नोबेल विजेता’ का खिताब नहींनए कर्तव्य भवन में तैयार हो रहा केंद्रीय बजट, नॉर्थ ब्लॉक युग का ऐतिहासिक अंतक्या भारत चीन की जगह ले पाएगा? ग्लोबल कंपनी का साफ संकेतदिसंबर में बेरोजगारी दर मामूली बढ़कर 4.8% पर पहुंची, लेकिन श्रम बाजार के संकेत मजबूतMidcap Stocks: दो साल से दौड़ते कई शेयर लुढ़के, तो कुछ चमकेदिसंबर में भारत का वस्तु निर्यात 1.8% बढ़ा, व्यापार घाटा 25 अरब डॉलर70% सस्ता होम लोन बीमा! लेकिन क्या आप सही पॉलिसी चुन रहे हैं?घरेलू सेवाओं में क्विक-कॉमर्स जैसा मुकाबला, अर्बन कंपनी और स्नैबिट आमने-सामने

क्रिप्टोकरेंसी वित्तीय स्थिरता के लिए बड़ा जोखिम: RBI गवर्नर दास

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि क्रिप्टो करेंसी से ऐसी स्थिति भी पैदा हो सकती है जहां केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था में धन आपूर्ति पर नियंत्रण खो सकता है।

Last Updated- October 26, 2024 | 9:47 AM IST
Reserve Bank Governor met the Finance Minister, discussed before the end of his tenure रिजर्व बैंक के गवर्नर ने की वित्त मंत्री से भेंट, कार्यकाल समाप्ति से पहले चर्चा

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शांतिकांत दास (RBI Governor) ने शुक्रवार को कहा कि क्रिप्टोकरेंसी (cryptocurrency) वित्तीय स्थिरता और मौद्रिक स्थिरता के लिए बहुत बड़ा जोखिम है। उन्होंने कहा कि इससे ऐसी स्थिति पैदा हो सकती है जहां केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था में धन आपूर्ति पर नियंत्रण खो सकता है।

आरबीआई गवर्नर शांतिकांत दास ने थिंक टैंक पीटरसन इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल इकोनॉमिक्स में अपनी उपस्थिति के दौरान कहा, ”वास्तव में मेरी राय यह है कि यह ऐसी चीज है जिसे वित्तीय प्रणाली पर हावी नहीं होने दिया जाना चाहिए। क्योंकि इसमें वित्तीय स्थिरता के बड़े जोखिम हैं और यह बैंकिंग प्रणाली के लिए भी जोखिम पैदा करता है।” उन्होंने कहा इससे ऐसी स्थिति भी पैदा हो सकती है जहां केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था में धन आपूर्ति पर नियंत्रण खो सकता है।

दास ने कहा कि सरकारें क्रिप्टोकरेंसी में संभावित नकारात्मक जोखिमों के बारे में भी जागरूक हो रही हैं और इससे जुड़े बड़े जोखिमों को पूरी तरह से ध्यान में रखते हुए इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समझ होनी चाहिए।

उन्होंने कहा यह ऐसा कुछ नहीं है जिसके बारे में मुझे लगता है कि यह ऐसा कुछ नहीं है जिसे प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। यह दृष्टिकोण बहुत लोकप्रिय नहीं है, लेकिन मुझे लगता है कि वित्तीय स्थिरता के संरक्षक के रूप में, यह दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों के लिए एक प्रमुख चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा, भारत क्रिप्टोकरेंसी के बारे में सवाल उठाने वाला पहला देश था। भारत की अध्यक्षता में जी20 में इस पूरे क्रिप्टो इकोसिस्टम से निपटने के संबंध में एक अंतरराष्ट्रीय समझ विकसित करने पर एक समझौता हुआ था। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कुछ प्रगति हुई है।

दास ने कहा, ”मुझे लगता है कि अभी और काम करने की जरूरत है। आरबीआई के दृष्टिकोण से मुझे लगता है कि हम पहले केंद्रीय बैंकों में से एक हैं जिन्होंने क्रिप्टोकरेंसी के बारे में अपनी गंभीर चिंताओं को स्पष्ट रूप से व्यक्त किया है। हम उन्हें बड़े जोखिमों, वित्तीय स्थिरता के लिए बड़े जोखिमों के रूप में देखते हैं। उन्होंने कहा, ”हम ऐसा क्यों कह रहे हैं इसके अच्छे कारण हैं।”

उन्होंने कहा कि सबसे पहले, हमें क्रिप्टोकरेंसी की उत्पत्ति को समझना होगा। इसका मूल उद्देश्य सिस्टम को बायपास करना था। क्रिप्टोकरेंसी में पैसे के सभी गुण मौजूद हैं। मूल प्रश्न यह है कि क्या हम प्राधिकारियों के रूप में, क्या सरकारें निजी तौर पर जारी किए जाने को लेकर सहज हैं।

First Published - October 26, 2024 | 9:47 AM IST

संबंधित पोस्ट