facebookmetapixel
Advertisement
‘बाजार में आने वाला है अब तक का सबसे बड़ा जायंट क्रैश’, रॉबर्ट कियोसाकी की बड़ी चेतावनीSummer pulses sowing: गर्मियों के सीजन में दलहन फसलों का रकबा 16% बढ़ा, उड़द ने पकड़ी रफ्तारExplainer: समुद्र में तैरती गैस फैक्ट्री! कैसे फ्लोटिंग LNG बदल रही है दुनिया में गैस की सप्लाई का खेल?MP Economic Survey: मध्य प्रदेश की आर्थिक समीक्षा पेश, 16.69 लाख करोड़ रुपये पहुंचा जीएसडीपीभारत में तेजी से विकसित हो रहा है ड्रोन इकोसिस्टम, 38,500 से ज्यादा ड्रोन रजिस्टर्ड‘AI बनेगा विकसित भारत 2047 का आधार’, धर्मेंद्र प्रधान ने युवाओं को दी AI अपनाने की सलाहExplainer: AI से खेती का समाधान! किसानों के लिए वरदान कहा जा रहा Bharat-VISTAAR क्या है?मुंबई में मिले मोदी-मैक्रों: द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा और 26/11 के शहीदों को दी श्रद्धांजलिPSU Banks पर म्युचुअल फंड्स बुलिश, जनवरी में निवेश 3 साल के हाई पर; SBI को सबसे ज्यादा फायदाबिहार को IT हब बनाने की कोशिश? CIPL के साथ सरकार ने किया MoU साइन, खुलेगा वर्ल्ड-क्लास AI सेंटर

कोर सेक्टर की ग्रोथ छह माह के निचले स्तर पर, आने वाले महीनों में वृद्धि के आंकड़ों पर पड़ सकता है असर

Advertisement

रिफाइनरी उत्पादों की वृद्धि 12.4 प्रतिशत रही है, जो सितंबर से अधिक है। वहीं कच्चे तेल (-0.4 प्रतिशत) सीमेंट (-3.6 प्रतिशत) में संकुचन आया है।

Last Updated- December 29, 2023 | 9:50 PM IST
manufacturing PMI

देश के 8 प्रमुख बुनियादी ढांचा उद्योगों का उत्पादन नवंबर में 6 महीने के निचले स्तर 7.8 प्रतिशत पर पहुंच गया है। इन उद्योगों को प्रमुख क्षेत्र कहा जाता है। ज्यादा आधार के असर और त्योहार की छुट्टियों के कारण ऐसा हुआ है।

अक्टूबर के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (11.7 प्रतिशत) और नवंबर के प्रमुख क्षेत्र के आंकड़ों का असर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 2023-24 के पहले अग्रिम अनुमान पर पड़ेगा, जो 1 फरवरी को पेश होने जा रहे वित्त वर्ष 25 के अंतरिम बजट के पहले, 5 जनवरी को जारी होना है।

शुक्रवार को जारी वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक रिफाइनरी उत्पादों की वृद्धि 12.4 प्रतिशत रही है, जो सितंबर से अधिक है। वहीं कच्चे तेल (-0.4 प्रतिशत) सीमेंट (-3.6 प्रतिशत) में संकुचन आया है। अन्य सभी क्षेत्रों की स्थिति देखें तो कोयला 10.9 प्रतिशत, प्राकृतिक गैस 7.6 प्रतिशत, उर्वरक 3.4 प्रतिशत, स्टील 9.1 प्रतिशत और बिजली 5.1 प्रतिशत बढ़ा है और इसमें पिछली वृद्धि की तुलना में गिरावट आई है।

बैंक आफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा, ‘ज्यादा आधार का असर सीमेंट उत्पादन की राह में आया है, जिसकी वजह से वह ऋणात्मक हो गया है। आवास क्षेत्र में भी सुस्ती की यही वजह है। बिजली की वृद्धि पिछले महीने से सुस्त रहने की मुख्य वजह आधार का असर है। अन्यथा नवंबर कारोबार के लिए बेहतर रहा है।’

विश्लेषकों का मानना है कि ज्यादा आधार के असर के कारण आगामी महीनों में भी वृद्धि के आंकड़ों पर कुछ असर पड़ सकता है। दिसंबर 2022 और फरवरी 2023 के बीच प्रमुख क्षेत्र की वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत से 9.7 प्रतिशत के बीच रही है।

Advertisement
First Published - December 29, 2023 | 9:50 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement