facebookmetapixel
Advertisement
एआई, लाइफ साइंसेज व जीसीसी का रणनीतिक केंद्र बना हैदराबाद, विस्तार करेगी ट्रेडेंसभारत को निर्यात केंद्र बनाना चाहती है एलाई लिली, मोटापा रोधी दवा से बढ़ी पकड़E-Vitara लॉन्च के साथ इलेक्ट्रिक कार बाजार में उतरी Maruti Suzuki, BaaS मॉडल पर बड़ा दांवEditorial: उपभोक्ताओं पर ध्यान, मिस-सेलिंग और जबरन वसूली पर नकेल कसेगा रिजर्व बैंकव्यापार समझौते अवसर लाए, लेकिन भारत अब भी निवेश के लिए पूरी तरह तैयार नहींहालिया व्यापार समझौते राहत भरे, लेकिन ऊंचे मूल्यांकन अब भी बड़ी बाधाStock Market: AI समिट से बदला माहौल? बाजार में लगातार दूसरी तेजीजनवरी में प्राइवेट बैंकों के शेयरों पर म्युचुअल फंड्स का बड़ा दांव, HDFC और ICICI बैंक पहली पसंद‘बाजार में आने वाला है अब तक का सबसे बड़ा जायंट क्रैश’, रॉबर्ट कियोसाकी की बड़ी चेतावनीSummer pulses sowing: गर्मियों के सीजन में दलहन फसलों का रकबा 16% बढ़ा, उड़द ने पकड़ी रफ्तार

कोर सेक्टर की ग्रोथ छह माह के निचले स्तर पर, आने वाले महीनों में वृद्धि के आंकड़ों पर पड़ सकता है असर

Advertisement

रिफाइनरी उत्पादों की वृद्धि 12.4 प्रतिशत रही है, जो सितंबर से अधिक है। वहीं कच्चे तेल (-0.4 प्रतिशत) सीमेंट (-3.6 प्रतिशत) में संकुचन आया है।

Last Updated- December 29, 2023 | 9:50 PM IST
manufacturing PMI

देश के 8 प्रमुख बुनियादी ढांचा उद्योगों का उत्पादन नवंबर में 6 महीने के निचले स्तर 7.8 प्रतिशत पर पहुंच गया है। इन उद्योगों को प्रमुख क्षेत्र कहा जाता है। ज्यादा आधार के असर और त्योहार की छुट्टियों के कारण ऐसा हुआ है।

अक्टूबर के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (11.7 प्रतिशत) और नवंबर के प्रमुख क्षेत्र के आंकड़ों का असर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 2023-24 के पहले अग्रिम अनुमान पर पड़ेगा, जो 1 फरवरी को पेश होने जा रहे वित्त वर्ष 25 के अंतरिम बजट के पहले, 5 जनवरी को जारी होना है।

शुक्रवार को जारी वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक रिफाइनरी उत्पादों की वृद्धि 12.4 प्रतिशत रही है, जो सितंबर से अधिक है। वहीं कच्चे तेल (-0.4 प्रतिशत) सीमेंट (-3.6 प्रतिशत) में संकुचन आया है। अन्य सभी क्षेत्रों की स्थिति देखें तो कोयला 10.9 प्रतिशत, प्राकृतिक गैस 7.6 प्रतिशत, उर्वरक 3.4 प्रतिशत, स्टील 9.1 प्रतिशत और बिजली 5.1 प्रतिशत बढ़ा है और इसमें पिछली वृद्धि की तुलना में गिरावट आई है।

बैंक आफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा, ‘ज्यादा आधार का असर सीमेंट उत्पादन की राह में आया है, जिसकी वजह से वह ऋणात्मक हो गया है। आवास क्षेत्र में भी सुस्ती की यही वजह है। बिजली की वृद्धि पिछले महीने से सुस्त रहने की मुख्य वजह आधार का असर है। अन्यथा नवंबर कारोबार के लिए बेहतर रहा है।’

विश्लेषकों का मानना है कि ज्यादा आधार के असर के कारण आगामी महीनों में भी वृद्धि के आंकड़ों पर कुछ असर पड़ सकता है। दिसंबर 2022 और फरवरी 2023 के बीच प्रमुख क्षेत्र की वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत से 9.7 प्रतिशत के बीच रही है।

Advertisement
First Published - December 29, 2023 | 9:50 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement