facebookmetapixel
Advertisement
IT डिपार्टमेंट ने ‘स्वैपिंग प्रोविजन्स’ के लिए 20,000 ITRs को किया फ्लैग: जानें अब आपके पास क्या है रास्ताEPFO की EDLI स्कीम: कर्मचारियों को मिलता है ₹7 लाख तक का फ्री लाइफ इंश्योरेंस, ऐसे कर सकते हैं क्लेमअगले साल की शुरुआत में भारत आ सकते हैं ट्रंप, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दी जानकारीनिवेशक दें ध्यान! अगले हफ्ते कजारिया सेरामिक्स समेत ये 3 कंपनियां करेंगी शेयर बायबैक, जानें पूरी डिटेलDividend Stocks: अगले हफ्ते खुलेगा कमाई का पिटारा, टाटा-महिंद्रा-बजाज समेत 46 कंपनियां बांटेगी डिविडेंडAIF Market: पश्चिम एशिया संकट थमने से वैकल्पिक निवेश फंडों में लौटी रौनक, HNIs का बढ़ा भरोसाभारतीय फिनटेक कंपनियों की नजर अब ग्लोबल मार्केट पर, स्ट्राइप-पेपाल की तर्ज पर दुनिया भर में लाइसेंस लेने की होड़इनवेस्को सहित कई फंड कंपनियों ने नए निवेश पर लगाई रोक, पर निवेशक गोल्ड ETF खरीदें, बेचें या होल्ड करें?EMI नहीं चुका पाने के चलते बैंक वाले उठा ले गए बाइक? जानिए क्या हैं आपके पास कानूनी अधिकारSME IPO में करने जा हैं निवेश? सिर्फ GMP देखकर न फंसें, नुकसान से बचने के लिए इन फैक्टर्स का भी रखें ध्यान

कोर सेक्टर की ग्रोथ छह माह के निचले स्तर पर, आने वाले महीनों में वृद्धि के आंकड़ों पर पड़ सकता है असर

Advertisement

रिफाइनरी उत्पादों की वृद्धि 12.4 प्रतिशत रही है, जो सितंबर से अधिक है। वहीं कच्चे तेल (-0.4 प्रतिशत) सीमेंट (-3.6 प्रतिशत) में संकुचन आया है।

Last Updated- December 29, 2023 | 9:50 PM IST
manufacturing PMI

देश के 8 प्रमुख बुनियादी ढांचा उद्योगों का उत्पादन नवंबर में 6 महीने के निचले स्तर 7.8 प्रतिशत पर पहुंच गया है। इन उद्योगों को प्रमुख क्षेत्र कहा जाता है। ज्यादा आधार के असर और त्योहार की छुट्टियों के कारण ऐसा हुआ है।

अक्टूबर के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (11.7 प्रतिशत) और नवंबर के प्रमुख क्षेत्र के आंकड़ों का असर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 2023-24 के पहले अग्रिम अनुमान पर पड़ेगा, जो 1 फरवरी को पेश होने जा रहे वित्त वर्ष 25 के अंतरिम बजट के पहले, 5 जनवरी को जारी होना है।

शुक्रवार को जारी वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक रिफाइनरी उत्पादों की वृद्धि 12.4 प्रतिशत रही है, जो सितंबर से अधिक है। वहीं कच्चे तेल (-0.4 प्रतिशत) सीमेंट (-3.6 प्रतिशत) में संकुचन आया है। अन्य सभी क्षेत्रों की स्थिति देखें तो कोयला 10.9 प्रतिशत, प्राकृतिक गैस 7.6 प्रतिशत, उर्वरक 3.4 प्रतिशत, स्टील 9.1 प्रतिशत और बिजली 5.1 प्रतिशत बढ़ा है और इसमें पिछली वृद्धि की तुलना में गिरावट आई है।

बैंक आफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा, ‘ज्यादा आधार का असर सीमेंट उत्पादन की राह में आया है, जिसकी वजह से वह ऋणात्मक हो गया है। आवास क्षेत्र में भी सुस्ती की यही वजह है। बिजली की वृद्धि पिछले महीने से सुस्त रहने की मुख्य वजह आधार का असर है। अन्यथा नवंबर कारोबार के लिए बेहतर रहा है।’

विश्लेषकों का मानना है कि ज्यादा आधार के असर के कारण आगामी महीनों में भी वृद्धि के आंकड़ों पर कुछ असर पड़ सकता है। दिसंबर 2022 और फरवरी 2023 के बीच प्रमुख क्षेत्र की वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत से 9.7 प्रतिशत के बीच रही है।

Advertisement
First Published - December 29, 2023 | 9:50 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement