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वित्त वर्ष 23 में औपचारिक विनिर्माण क्षेत्र में ठेके पर कर्मचारी बढ़े

आंकड़ों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2023 में देश की 2,53,000 फैक्टरियों में कुल 146.1 लाख कर्मचारी काम कर रहे थे।

Last Updated- November 03, 2024 | 10:57 PM IST
Contract employees increased in formal manufacturing sector in FY 23 वित्त वर्ष 23 में औपचारिक विनिर्माण क्षेत्र में ठेके पर कर्मचारी बढ़े

भारत में ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या बढ़ी है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (मोस्पी) द्वारा बुधवार को जारी उद्योगों के सालाना सर्वे (एएसआई) के आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2023 में औपचारिक विनिर्माण क्षेत्र में काम करने वाले हर 5 में से 2 कर्मचारी ठेके पर काम कर रहे थे।

आंकड़ों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2023 में देश की 2,53,000 फैक्टरियों में कुल 146.1 लाख कर्मचारी काम कर रहे थे। इनमें से 59.5 लाख (40.7 प्रतिशत) कर्मचारी ठेके पर थे, जो अब तक का रिकॉर्ड उच्च स्तर है। इसके पहले के वित्त वर्ष में 40.2 प्रतिशत कर्मचारी ठेके पर थे।

किसी उद्योग द्वारा अनुबंध के तहत एक निश्चित समय या किसी विशेष काम के लिए ठेके पर कर्मचारियों को नियुक्त किया जाता है। ये कर्मचारी नियमित कर्मचारियों से अलग होते हैं, जो स्थाई रूप से या लंबी अवधि के रोजगार के तहत किसी प्रतिष्ठान में काम करते हैं। स्थायी कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलता है।

बहरहाल कोविड के पहले के वित्त वर्ष 2020 में ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या 38.4 प्रतिशत थी। कुल 130.5 लाख कर्मचारियों में से 50.2 लाख ठेके पर काम कर रहे थे। इसके अलावा आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि वित्त वर्ष 2023 में इन फैक्टरियों में सीधे नियुक्त कर्मचारियों में महिलाओं की हिस्सेदारी 18.42 प्रतिशत थी, जो इसके पहले के वित्त वर्ष के बराबर ही है।

आंकड़ों के राज्यवार विश्लेषण से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2023 में 21 प्रमुख राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में से 10 राज्यों में कुल कर्मचारियों में ठेके पर काम करने वालों की हिस्सेदारी राष्ट्रीय औसत से ज्यादा रही है। इसमें असम को छोड़कर पूर्वोत्तर भारत के राज्यों व गोवा के आंकड़ों को शामिल नहीं किया गया है।

जिन राज्यों में ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या अधिक रही है, उनमें बिहार (68.6 प्रतिशत), तेलंगाना (64.5 प्रतिशत), उत्तराखंड (57.7 प्रतिशत), ओडिशा (57.3 प्रतिशत) और महाराष्ट्र (53.4 प्रतिशत) प्रमुख हैं। वहीं कार्यबल में कम ठेका श्रमिकों वाले राज्यों में केरल (23.8 प्रतिशत), तमिलनाडु (24.5 प्रतिशत), पंजाब (29.8 प्रतिशत), हिमाचल प्रदेश (32.5 प्रतिशत) और कर्नाटक (33.9 प्रतिशत) शामिल हैं।

केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली में ठेके पर काम करने वालों की हिस्सेदारी 12.2 प्रतिशत है। वित्त वर्ष 2023 में उद्यम में काम करने वाले कुल कर्मचारियों की संख्या 7.4 प्रतिशत बढ़कर 185 लाख हो गई है, जो वित्त वर्ष 2022 में 172.1 लाख थी।

कुल कर्मचारियों में सीधे नियुक्त कर्मचारी, ठेका कर्मचारी, सुपरवाइजर व मैनेजर स्तर के कर्मचारी और भुगतान न पाने वाले उद्यम करने वाले परिवार के कर्मचारी शामिल होते हैं। इससे सामान्यतया अर्थव्यवस्था के औपचारिक विनिर्माण क्षेत्र में कुल रोजगार सृजन का पता चलता है।

First Published - November 3, 2024 | 10:57 PM IST

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