facebookmetapixel
Gold silver price today: चांदी तेज शुरुआत के बाद फिसली, सोना भी नरम; चेक करें ताजा भाव66 अंतरराष्ट्रीय संगठन अमेरिका से होंगे बाहर, ट्रंप ने ऑर्डर पर किए हस्ताक्षरजीवन बीमा क्षेत्र में कमीशन की सीमा तय करने की हो सकती है सिफारिशदुर्लभ मैग्नेट, बैटरी और सोलर सेल के स्वदेशीकरण की जरूरत: सीईएटीपीजी ने आईआईएफएल कैपिटल में 20% हिस्सेदारी के लिए फिर शुरू की बातचीतकम नॉमिनल जीडीपी वृद्धि के बावजूद 4.4% फिस्कल डेफिसिट लक्ष्य संभवनॉमिनल जीवीए में तेज गिरावट से FY26 में कृषि वृद्धि कमजोरसार्वजनिक कैपेक्स के दम पर FY26 में निवेश मांग मजबूत रहने का अनुमानStocks to Watch today: Cipla से लेकर Tata Steel, Meesho और Shriram Fin तक; आज इन स्टॉक्स पर रखें नजरनिफ्टी सुस्त, लेकिन ये 3 शेयर दिला सकते हैं मुनाफा- आईटी, फार्मा और एक्सचेंज सेक्टर पर दांव लगाने की सलाह

जीएसटीएन में तकनीकी खामी पर शपथपत्र दाखिल करे केंद्र

Last Updated- December 12, 2022 | 8:06 AM IST

उच्चतम न्यायालय ने केंद्र से कहा है कि वह करदाताओं को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के पहले ती अवधि से मौजूदा जीएसटी व्यवस्था में इनपुट टैक्स क्रेडिट स्थानांतरित करने में आ रही तकनीकी व्यवधान को लेकर शपथपत्र दाखिल करे।
इसके पहले 2019 के आखिर में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने कहा था कि करदाताओं के जीएसटी के दौर के पहले के इनपुट टैक्स क्रेडिट को आगे बढ़ाने से इनकार नहीं किया जाए, खासकर यह बताकर कि जीएसटी-टीआरएआईएन1 और जीएसटी-टीआरएआईएन2 नाम के संबंधित जीएसटी फार्मों को दाखिल करने में देरी हुई है।
ईवाई में टैक्स पार्टनर अभिषेक जैन ने कहा कि एक बड़ा विवाद इस मसले पर था कि करदाता जीएसटी नेटवर्क पोर्टर पर तकनीकी समस्याओं के कारण संबंधित जीएसटी फार्म दाखिल नहीं कर पा रहे हैं।
फैसले के बाद केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय में स्पेशल लीव पिटीशन दाखिल की थी।
शीर्ष न्यायालय ने अब सरकार को निर्देश दिया है कि वह इन फार्मों को दाखिल कनरे में आ रही समस्याओं और तकनीकी व्यवधान के मसले पर जवाब में शपथपत्र दाखिल करे।
उन्होंने कहा, ‘उद्योग जगत इस मसले पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का उत्सुकता से इंतजार कर रहा है।’

First Published - February 18, 2021 | 11:15 PM IST

संबंधित पोस्ट