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अगस्त में 12.9 करोड़ ईवे बिल बने, त्योहारी मांग और अमेरिकी शुल्क से बढ़ी गति

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जीएसटीएन के आंकड़ों के मुताबिक सालाना आधार पर ईवे बिल के सृजन में 22.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि क्रमिक आधार पर जुलाई की तुलना में इसमें 2.15 प्रतिशत की कमी आई है।

Last Updated- September 10, 2025 | 8:07 AM IST
e-way bill
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राज्य के भीतर या एक राज्य से दूसरे राज्य में 50,000 रुपये से अधिक का माल भेजने के लिए ईवे बिल या इलेक्ट्रॉनिक परमिट का सृजन अगस्त में बढ़कर 12.913 करोड़ हो गया है, जो अब तक का दूसरा बड़ा मासिक रिकॉर्ड है। जुलाई में सर्वाधिक 13.191 करोड़ ईवे बिल का सृजन हुआ था।

जीएसटीएन के आंकड़ों के मुताबिक सालाना आधार पर ईवे बिल के सृजन में 22.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि क्रमिक आधार पर जुलाई की तुलना में इसमें 2.15 प्रतिशत की कमी आई है।

यह भी पढ़ें: अमेरिका के बाद यूरोप में खुले भारत के सी-फूड एक्सपोर्ट के नए रास्ते

विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका द्वारा 27 अगस्त से 50 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा और त्योहारी मांग बढ़ने के कारण तेजी हो सकती है।  डेलॉयट इंडिया के पार्टनर एमएस मणि ने कहा कि उच्च ईवे बिल सृजन की कई वजहें हो सकती हैं, जिसमें त्योहारों की मांग, मॉनसून के विस्तार के कारण आवश्यक वस्तुओं की बढ़ी मांग, अमेरिकी शुल्क लागू होने के पहले ऑर्डर में तेजी के कारण फैक्टरी से ज्यादा मात्रा में डिस्पैच शामिल है।

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First Published - September 10, 2025 | 8:07 AM IST

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