facebookmetapixel
Advertisement
Gold-Silver Outlook: अगले सप्ताह सोने का भाव घटेगा या बढ़ेगा? कैसी रहेगी चाल बता रहे हैं एक्सपर्ट्सSIP Trend: 5 साल तक निवेश बनाए रख रहे भारतीय; अब शॉर्ट टर्म रिटर्न नहीं, वेल्थ क्रिएशन पर है पूरा फोकसभूकंप से दहल उठे वेनेजुएला की मदद के लिए आगे आया भारत, ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ के तहत भेजी राहत सामग्री1100% का मोटा डिविडेंड! डीजल इंजन बनाने वाली दिग्गज कंपनी ने लुटाया प्यार, रिकॉर्ड डेट इसी हफ्तेMarket Outlook: भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक आंकड़े और तेल की कीमतों से तय होगी शेयर बाजार की चालटाटा मोटर्स का बड़ा मास्टर प्लान: 2031 तक आएंगी 4 नई इलेक्ट्रिक कारें, 3 गुना फास्ट होगी चार्जिंगशेयर बाजार में रौनक: टॉप-10 में से 6 कंपनियों की मार्केट वैल्यू ₹88,678 करोड़ बढ़ी, ICICI बैंक सबसे आगेगर्मी ने बदला बाजार का मिजाज: महंगे AC की बिक्री घटी, पर कोल्ड ड्रिंक्स-आइसक्रीम की जमकर हुई खरीदारीDividend Stocks: ₹130 का मोटा डिविडेंड! बजाज ग्रुप की कंपनी बांटेगी अपना मुनाफा, रिकॉर्ड डेट इसी हफ्तेदिल्ली में उमस का टॉर्चर, 50 डिग्री जैसा अहसास; मॉनसून की रफ्तार तेज पर UP-बिहार में अभी हीटवेव का अलर्ट

Zee की SAT के समक्ष दलील, सेबी का आदेश अनुचित

Advertisement

SAT अब इस पर 26 जून को सुनवाई करेगा

Last Updated- June 19, 2023 | 9:52 PM IST
Zee Entertainment

बाजार नियामक Sebi के अंतरिम आदेश को अनुचित बताते हुए ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (Zee Entertainment Enterprises) के एमडी व सीईओ के कानूनी प्रतिनिधि ने कहा है कि सुनवाई का मौका दिए बिना नियामक निष्कर्ष पर पहुंच गया था।

प्रतिभूति अपील पंचाट (Securities Appellate Tribunal- SAT) सेबी के अंतरिम आदेश के खिलाफ अपील पर 26 जून को सुनवाई जारी रखेगा। ज़ी व सोनी पिक्चर्स नेटवर्क इंडिया पर NCLT में सुनवाई भी उसी दिन होनी है। कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि एनसीएलटी की सुनवाई आगे टाली जा सकती है।

गोयनका के लिए दलील पेश करते हुए वरिष्ठ वकील जनक द्वा‍रकादास ने कहा कि सेबी सिर्फ दो कार्यदिवस में निष्कर्ष पर पहुंच गया और वह भी बैंक विवरण को छोड़करर अन्य सूचना तक पहुंचे बिना।

Also read: फंड की जांच के लिए Go First का हो सकता है फॉरेंसिक ऑडिट, कर्जदाता कर रहे विचार

उन्होंने कहा कि 200 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी पर सेबी ने चार साल तक ध्यान नहीं दिया, लेकिन अंतरिम आदेश प्रथम दृष्टया मिले सबूत पर आधारित है।

वरिष्ठ वकील ने कहा कि ज़ी के प्रमोटरों को जवाब देने के लिए एक दिन भी नहीं मिला या सुनवाई का मौका भी नहीं दिया गया।

Advertisement
First Published - June 19, 2023 | 9:52 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement