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कोविड टीके की तैयारी में वॉकहार्ट

Last Updated- December 12, 2022 | 4:12 AM IST

प्रमुख औषधि कंपनी वॉकहार्ट ने अपना कोविड-19 टीका पोर्टफोलियो तैयार करने के लिए एक त्रिआयामी रणनीति तैयार की है। भारत और ब्रिटेन में कंपनी के पास इंजेक्शन दवा बनाने के संयंत्र मौजूद हैं।
हालांकि एक विदेशी कोविड-19 टीके के लिए प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की प्रक्रिया चल रही है लेकिन कंपनी पहले से ही मान्यताप्राप्त कोविड-19 टीके के उत्पादन में भागीदारी के लिए दो अन्य विदेशी टीका विनिर्माताओं से भी बातचीत कर रही है। इसके अलावा वह अनुसंधान करने वालल उन कंपनियों से भी बातचीत कर रही है जो अगली पीढ़ी के कोविड-19 टीके के विकास में क्लीनिकल परीक्षण चरण में हैं। ये टीके ओरल अथवा नेजल दवा के रूप में आ सकते हैं।
कंपनी ने फिलहाल यह खुलासा नहीं किया है कि वह किन विदेशी कंपनियों के कोविड-19 टीके के लिए बातचीत कर रही है। कंपनी ने कहा है कि कोविड-19 टीके की करीब 50 करोड़ खुराक के लिए भागीदारी की घोषणा अगले दो से तीन सप्ताह के भीतर की जा सकती है।
वॉकहार्ट के संस्थापक चेयरमैन एवं ग्रुप सीईओ हबील खोराकीवाला ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि कंपनी ने अगले एक या दो वर्षों के दौरान कोविड-19 टीके की 2 अरब खुराक बनाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि केवल भारत में ही कम से कम 50 करोड़ खुराक बनाने की योजना है।
कंपनी कोविड-19 टीके के उत्पादन के लिए अनुबंध विनिर्माण सौदों के लिए भी भारत सरकार के साथ बातचीत कर रही है। खोराकीवाला ने कहा, ‘हम भारत सरकार को सस्ती दरों पर कोविड-19 टीके की आपूर्ति करेंगे। कुल मिलाकर हम केंद्र और राज्य सरकारों को समान दर पर टीके की आपूर्ति करेंगे।’
जहां तक कोविड-19 टीका बनाने के लिए क्षमता तैयार करने की बात है तो वॉकहार्ट ने काफी दमदार योजनाएं तैयार की हैं। खोराकीवाला ने कहा, ‘हमारे पास चेन्नई में एसईजेड भूमि है। यदि हमें मांग दिखती है तो हम वहां टीका अथवा स्टराइल इंजेक्टेबल के लिए संयंत्र स्थापित कर सकते हैं। इसके अलावा हम मौजूदा संयंत्र (औरंगाबाद) में भी उल्लेखनीय निवेश कर रहे हैं ताकि वहां 500 एमएन टीका खुराक के लिए एपीआई अथवा दवा सामग्री तैयार की जा सके।’ कोविड-19 टीका उत्पादन के लिए फिलहाल चल रही बातचीत यदि सफल होती है तो कंपनी चेन्नई के समीप पहले से ही मौजूद अपनी भूमि पर संयंत्र स्थापित कर सकती है।
विदेशी टीका विनिर्माताओं के साथ विनिर्माण अनुबंध सुनिश्चित करने में सरकार की भूमिका सुविधाप्रदाता के तौर पर हो सकती है।
वॉकहार्ट के औरंगाबाद संयंत्र में करीब 1 अरब टीके की खुराक तैयार की क्षमता पहले से ही मौजूद है। कंपनी ने दावा किया है कि चूंकि वह यीस्ट आधारित प्रौद्योगिकी, कुछ प्रोटीन उत्पाउदों पर काम कर रही है, इसलिए टीका बनाने संबंधी आवश्यक प्रौद्योगिकी की जानकारी उसे पहले से ही है।
कंपनी अपनी दीर्घावधि रणनीति के तहत कुछ अनुसंधान आधारित कंपनियों से भी बातचीत कर रही है। ये शोध कंपनियां अगली पीढ़ी का कोविड टीका बनाने के लिए फिलहाल क्लीनिकल चरण में हैं। खोराकीवाला ने कहा कि सबकुछ ठीक रहा तो वॉकहार्ट दूसरे और तीसरे चरण के क्लीनिकल परीक्षण भी भारत  में कराएगी।
वॉकहार्ट के पास भारत के अलावा ब्रिटेन और आयरलैंड में दो विनिर्माण संयंत्र मौजूद हैं। ब्रिटेन में उसका संयंत्र वहां की सरकार के लिए एस्ट्राजेनेका के टीके का उत्पादन पहले से ही कर रहा है। उसकी उपयोगिता क्षमता फिलहाल करीब 40 फीसदी है और इसलिए कंपनी इस साल के अंत तक किसी अन्य टीके का उत्पादन करना चाहती है।

First Published - May 30, 2021 | 10:56 PM IST

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