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वेलस्पन लेगी ई-कॉमर्स की मदद

Last Updated- December 07, 2022 | 5:02 AM IST

वेलस्पन समूह की कंपनी वेलस्पन अमेरिका अमेरिका में अपने ब्रांडों को बेचने के लिए ई-कॉमर्स पोटर्ल लॉन्च करने का विचार बना रही है।


120 अरब रुपये वाले वेलस्पन समूह की यह कंपनी अपने घरेलू टेक्सटाइल उत्पादों को अमेरिका में बेचने के लिए यह कदम उठा सकती है। कंपनी के उच्च अधिकारी का कहना है कि कंपनी सिर्फ उन्हीं घरेलू टेक्सटाइल उत्पादों को वहां बेचेगी जो अमेरिका में मौजूद कंपनी के ग्राहाकों जैसे वॉल-मार्ट, जेसी पेनी के उत्पादों से भिन्न होंगे।

गौरतलब है कि कंपनी के अमेरिका में के मार्ट, टारगेट भी ग्राहक सूची में शामिल हैं। वेलस्पन अमेरिका के निदेशक और वेलस्पन रिटेल (समूह की रिटेल कंपनी) के सलाहकार बॉब हैमिल्टन का कहना है, ‘कंपनी अमेरिका में इंटरनेट की मदद से बिक्री करना चाहती है, क्योंकि वह अमेरिका में अपने रिटेल ग्राहकों को अपने स्टोर खोल कर प्रतिस्पर्धा नहीं बढ़ाना चाहती। हम ऐसे ब्रांडों की बिक्री से शुरू करेंगे जो हमारे खरीदारों के कारोबार पर असर नहीं डालते हों।’

वेलस्पन के ई-कॉमर्स उस समय बाजार में आने की योजना है, जब अमेरिका में इंटरनेट के जरिये सिर्फ 3-5 प्रतिशत घरेलू टेक्सटाइल बिक्री होती है। पिछले दस वर्षों में कुछ गिनी-चुनी रिटेल कंपनियों जैसे जेसी पैनी ने ही ऑनलाइन रिटेल मॉडल तैयार किया है। वेलस्पन 600 से 680 अरब रुपये के अमेरिकी घरेलू टेक्सटाइल बाजार में मध्यम और उच्च वर्ग पर अपना ध्यान केन्द्रित कर रही है और वह अपने तीन ब्रांडों स्मार्ट, विटेरे और किफायती लक्जरी लेबल लक्सस के साथ बाजार में उतरेगी।

हैमिल्टन का कहना है कि घरेलू टेक्सटाइल की इंटरनेट के जरिये रिटेलिंग की अपनी भी कुछ सीमाएं हैं, इसलिए कपनी का ध्यान विजुअल और सजावटी उत्पादों के ई-रिटेलिंग पर अधिक रहेगा। गौरतलब है कि 2006 में वेलस्पन ने अमेरिका की सबसे बड़ी तौलिया निर्माता कंपनी क्रिस्टी की 85 फीसदी हिस्सेदारी खरीद कर नुकसान कमाने वाली कंपनी को मुनाफा देने वाली कंपनी में तब्दील कर दिया था। वेलस्पन की योजना इस ब्रांड को भारत में भी लॉन्च करने की है।

First Published - June 12, 2008 | 12:05 AM IST

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