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वैरॉक इंजीनियरिंग की नजर तेज वृद्घि पर

Last Updated- December 11, 2022 | 7:10 PM IST

वैरॉक इंजीनियरिंग घरेलू बाजार पर ध्यान बढ़ाएगी और नियोजित पूंजी पर प्रतिफल (आरओसीई) बढ़ाने के प्रयास के तहत लाइटिंग एवं इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स कलपुर्जों में अपना दबदबा बढ़ाएगी।
पिछले सप्ताह कंपनी ने कहा कि उसने यूरोप और अमेरिका में अपना चार-पहिया लाइटिंग व्यवसाय कॉम्पेनी प्लास्टिक ओमनियम एसई को करीब 60 करोड़ यूरो की वैल्यू में बेचने के लिए समझौता किया है। भारत और चीन में लाइटिंग व्यवसाय इस बिक्री सौदे का हिस्सा नहीं हैं।
जुलाई या इस साल अगस्त तक इस सौदे के पूरा होने के बाद प्लास्टिक और पॉलिमर, इलेक्ट्रिकल-इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कीमती मेटालिक कलपुर्जा कंपनी अगले साल अपना एबिटा दोगुना करने की योजना बना रही हैं।
वैरॉक इंजीनियरिंग के तारंग जैन ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘हम दो अंक के एबिटा और 20 प्रतिशत से अधिक के आरओसीई पर ध्यान देंगे। हम सभी शेष व्यवसायों में मजबूत मुक्त नकदी प्रवाह दर्ज कर रहे हैं। हम लाभदायक वृद्घि के अच्छे स्तर के लिए तैयार हैं।’ इस सौदे के बाद उसका 85 प्रतिशत व्यवसाय भारत से आएगा। वर्ष 2023 में विस्टियोन के अपने अधिग्रहण के बाद शीर्ष तीन वैश्विक लाइटिंग कंपनियों पर नजर रख रही तारंग जैन के नेतृत्व वाली इस कंपनी के लिए बदलाव की राह में घरेलू बाजार बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, ‘हमारा बड़ा दांव अब भारत में बना रहेगा। हम वैश्विक लाइटिंग व्यवसाय में ज्यादा ध्यान केंद्रित करना नहीं चाहते। इसके बजाय हम भारत और चीन पर जोर देंगे।’ वैरोक इस बारे में एक साल के अंदर निर्णय लेगी कि क्या वह चीन में अपना लाइटिंग व्यवसाय बरकरार रखेगी या नहीं।
प्रस्तावित सौदे से कंपनी को कर्ज-मुक्त बनने में मदद मिलेगी। इस सौदे से मिलने वाली कुछ राशि का इस्तेमाल भारत में ऊंची लागत वाले ऋण चुकाने में किया जाएगा, जो वीएलएस परिचालन के वक्त हासिल किए गए थे। शेष राशि का इस्तेमाल लाभांश या अन्य उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

First Published - May 8, 2022 | 11:24 PM IST

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