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अमेरिका में भी बढा अक्षय ऊर्जा का इस्तेमाल

Last Updated- December 05, 2022 | 4:23 PM IST


विंड टर्बाइन निर्माण क्षेत्र की भारतीय कंपनी सुजलोन एनर्जी लिमिटेड और लंदन स्थित क्लीपर विंडपावर पीएलसी द्वारा खराब उपकरण भेजे जाने के कारण एडिसन इंटरनेशनल को नुकसान हुआ है। एडीसन इंटरनेशनल की एडीसन मिशन एनर्जी ने प्रतिभूति और विनिमय आयोग से कहा कि सुजलोन कं पनी की 275 सुजलोन 2.1 मेगावॉट टर्बाइनों के रोटर ब्लेड्स टूट रहें है और उन्हें ठीक करने या बदले जाने की जरुरत हैं। क्लीपर ने एडीसन को पहले ही उसकी 2.5 मेगावॉट क्षमता की 71 टर्बाइनों को हटाने के लिए कहा है। क्लीपर की टर्बाइनों में भी रोटर ब्लेड्स और गियरबॉक्स संबंधित खामियां थी।
अमेरिकी सरकार द्वारा ग्रीन हाऊस गैसों के उत्सर्जन को कम किए जाने पर जोर देने के बाद से अमेरिका में अक्षय ऊर्जा के इस्तेमाल में तेजी आई है। अमेरिकन विंड एनर्जी एसोसिएशन के मुताबिक पिछले साल इस आंकड़े में 45 फीसदी की वृद्धि हुई है और इससे रिकॉर्ड 5,244 मेगावॉट बिजली का उत्पादन हुआ था।
एडीसन कंपनी द्वारा आयोजित विश्लेषकों और निवेशकों की बैठक में कंपनी के मुख्य टेड क्रेवर ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से हम  अपने उपकरणों की आपूर्ति में आयी खामी से जूझ रहे हैं। हमारे सामने अभी सबसे बड़ी चुनौती है खराब टर्बाइनों को बदलकर नई टर्बाइनों से काम शुरू करना।
इंसटालेशन टार्गेट
टर्बाइनों की आपूर्ति में आई खराबी के कारण कंपनी की 2009 तक 2 हजार मेगावॉट बिजली उत्पादन करने की योजना अभी अधर में लटक गई है। एम्सटर्डम में सुजलोन के प्रवक्ता विवेक खेर ने इस मामले पर कोई भी प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया। जबकि लंदन स्थित क्लीपर के प्रवक्ता पैट्रिक डी एनकोना ने कहा कि उनकी कंपनी ने एडीसन से बात कर ली है और हम अपने ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराना चाहते हैं।
क्लीपर ने दिसंबर में कहा था कि 35 टर्बाइनों के रोटर ब्लेड्स में खराबी आने के कारण उनकी आपूर्ति नही की गई थी। कंपनी उन टर्बाइनों की मरम्मत पर लगभग 60 करोड़ रुपये खर्च करेगी। कंपनी इओवा स्थित निर्माण इकाई की क्षमता को दोगुना करना चाहती है। कैलीफोर्निया स्थित कंपनी के मुनाफे में 27 प्रतिशत की गिरावट हुई हैं।
पॉसिबल पेनाल्टीज
परियोजनाओं में देरी की वजह से कंपनी बिजली खरीद समझौतों में नुकसान हो सकता है।  एडीसन ने बताया कि टर्बाइन आपूर्ति करने वाली कंपनियों ने उन्हें पांच साल की वॉरंटी दी है, पर यह कितना खर्च पूरा कर पाएगी यह कहना मुश्किल है। पिछले साल दिसंबर तक एडीसन के 566 मेगावॉट वाले एक संयंत्र में मरम्मत का काम हो रहा है और 477 मेगावॉट के दूसरा संयंत्र में अभी निर्माण कार्य चल रहा है। कंपनी ने 1,166 मेगावॉट बिजली उत्पादन क रने के लिए टर्बाइनों की खरीद का काम शुरू कर दिया है। 

First Published - February 28, 2008 | 6:20 PM IST

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